NEET-UG: एनटीए ने नकली और एआई से बनी ओएमआर शीट के खिलाफ दी चेतावनी; हो सकती है कानूनी कार्रवाई
NTA NEET-UG: राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी ने नीट यूजी परीक्षा से जुड़ी नकली और एआई-जनरेटेड ओएमआर शीट्स को लेकर अभ्यर्थियों को चेतावनी जारी की है। एजेंसी ने कहा है कि ऐसी भ्रामक सामग्री साझा करने या फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
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NTA NEET-UG: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने NEET UG 2026 के उम्मीदवारों और उनके अभिभावकों के लिए एक जरूरी सलाह जारी की है। एजेंसी ने कहा है कि स्कोर में किसी तरह की गड़बड़ी की शिकायत करते समय फर्जी या AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से बनाई गई OMR शीट का इस्तेमाल न करें।
एनटीए के मुताबिक, उसे कई शिकायतें मिली थीं जिनमें उम्मीदवारों के अनुमानित और घोषित अंकों में अंतर होने की बात कही गई थी। इन शिकायतों की जांच के दौरान एजेंसी ने पाया कि कुछ लोगों ने नकली या AI से तैयार की गई OMR शीट जमा की थीं। NTA ने चेतावनी दी है कि ऐसा करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
फर्जी OMR शीट जमा करने पर हो सकती है कार्रवाई
एजेंसी ने एक एडवाइजरी में कहा, "NTA सभी शिकायतों की बारीकी से निगरानी और जांच कर रहा है। जांच के लिए जमा की गई कई OMR शीट नकली/AI से बनी पाई गई हैं, इसलिए छात्रों और अभिभावकों को सलाह दी जाती है कि वे जांच के लिए केवल असली OMR ही जमा करें। किसी भी नकली/AI से बनी OMR के मामले में शिकायतकर्ता के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है।"
बता दें कि NEET UG 2026 का परिणाम 16 जुलाई को घोषित किया गया था, जिसमें 11.21 लाख उम्मीदवार सफल हुए। परीक्षा को लेकर पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं के आरोप लगे थे।
इसके बाद 3 मई को आयोजित परीक्षा को 12 मई को रद्द कर दिया गया था और 21 जून को दोबारा परीक्षा कराई गई। मामले की जांच CBI कर रही है। विवाद के बाद केंद्र सरकार ने यह भी घोषणा की है कि भविष्य में NEET परीक्षा पेन-एंड-पेपर मोड की जगह कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) के रूप में आयोजित की जाएगी।
हर साल 25 लाख से अधिक छात्र देते हैं नीट परीक्षा
नीट यूजी को ऑनलाइन (CBT) या पेन-एंड-पेपर मोड में आयोजित करने को लेकर शिक्षा मंत्रालय और स्वास्थ्य मंत्रालय के बीच कई वर्षों से चर्चा चल रही है। यह परीक्षा देश की सबसे बड़ी स्नातक स्तर की प्रवेश परीक्षा मानी जाती है, जिसमें हर साल करीब 25 लाख छात्र पंजीकरण कराते हैं।
NTA मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए हर साल NEET UG का आयोजन करता है। इसके जरिए MBBS की लगभग 1.08 लाख सीटों पर प्रवेश दिया जाता है। इनमें करीब 56,000 सीटें सरकारी मेडिकल कॉलेजों में और 52,000 सीटें निजी कॉलेजों में हैं। इसके अलावा BDS (डेंटिस्ट्री), आयुर्वेद, यूनानी और सिद्ध जैसे अंडरग्रेजुएट कोर्स में दाखिले के लिए भी NEET के परिणाम का उपयोग किया जाता है।