Samwad 2026: AI के जरिए स्मार्ट शिक्षा, इंटेलिजेंस कैंपस जैसे विषयों पर चर्चा, संवाद के मंच पर पहुंचे विशेषज्ञ
Amar Ujala Samwad: अमर उजाला संवाद का आज दूसरा दिन है। कार्यक्रम में एआई के जरिए स्मार्ट शिक्षा और इंटेलिजेंस कैंपस जैसे विषयों पर मंथन के लिए एकेटीयू के वाइस चांसलर प्रो. जे. पी. पांड, आईआईएम निदेशक प्रो. मनमोहन प्रसाद गुप्ता, डॉ. जयश्री पेरिवाल, सुभारती विश्वविद्यालय के डीन प्रो. मनोज कपिल शामिल हुए।
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Amar Ujala Samwad Lucknow 2026: लखनऊ में आयोजित हो रहे अमर उजाला संवाद कार्यक्रम में एआई के जरिए शिक्षा को स्मार्ट बनाने पर पैनल चर्चा की गई। पैनल में एकेटीयू के वाइस चांसलर, आईआईएम निदेशक, जयश्री पेरिवाल ग्रुप्स ऑफ स्कूल्स की फाउंडर और चेयरपर्सन और सुभारती विश्वविद्यालय के डीन शामिल हैं।
एआई इनेबल्ड एजुकेशन पर बात करते हुए डॉ. जे. पी. पांड ने कहा कि कंप्यूटर जब आया था तब भी लोगों को चिंता हुई थी कि नौकरियां चलीं जाएंगी। पिछले तीन साल से एआई का इतना हल्ला है। नेचुरली यूनिवर्सिटीरज़ के सामने चिंता है। पैरेंट्स चाहते हैं कि हमारे बच्चे कंप्यूटर साइंस में पढ़ाई करें। लेकिन यह समझने की बात है कि एआई सिर्फ टेक्नोलॉजी को ही एफेक्ट नहीं कर रहा है। हम इसको काउंटर करने की कोशिश कर कर रहे हैं कि इंजीनियरिंग के अलावा बाकी सभी क्षेत्रों में भी एआई शिक्षित किया जा सके।
स्कूल शिक्षा पर एआई का क्या प्रभाव?
स्कूल शिक्षा पर एआई के प्रभाव पर चर्चा करते हुए डॉ. जयश्री पेरिवाल ने कहा कि अगर आप एआई को नहीं अपनाएंगे तो आप पीछे रह जाएंगे, चाहे वह स्कूल हो या कॉलेज हो, डॉक्टर हो या टीचर हो। हर एक को जिंदगी में जब बदलाव आता है तह उसको अपनाना चाहिए। आप उसको किस तरह से अपनाते हैं, यह एक विवेक का मामला है। एक टीचर, पैरेंट्स, स्कूल ऑनर्स उसको कैसे अपनाते हैं ये विवेक का मामला है।
एआई इज़ नॉट रिप्लेसिंग टीचर्स, इट इज ऑनली असिस्टिंग टीचर्स। ये टूल्स इसलिए बने कि किसी को मदद कर सकें। टीचर 3 घंटे लगाएगी एक वर्कशीट बनाने में, एक बच्चे को वह समझ में आ रहा है। दूसरा बच्चा है उसको सिर्फ विजुअली समझ ज्यादा आता है। कोई सोचता है कि मुझे बार-बार रिपिटेशन से ज्यादा समझ आता है। तो एक टीचर एआई की मदद से एक डिफ्रेंशिएटिंग शीट बनाएगी, जिससे सभी को समझ आ सके।