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UP Board Exam 2026: नकल करते पकड़े गए तो छात्र पर नहीं होगा आपराधिक मुकदमा, इन लोगों पर होगी कानूनी कार्रवाई

एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: आकाश कुमार Updated Mon, 16 Feb 2026 06:46 PM IST
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सार

UP Board Exams 2026: यूपी बोर्ड ने 2026 की परीक्षाओं में नकल करते पकड़े गए छात्रों पर आपराधिक मुकदमा दर्ज न करने का निर्देश दिया है। हालांकि, अनुचित साधन प्रयोग करने पर छात्रों के खिलाफ परीक्षा प्राधिकारी द्वारा कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ बोर्ड ने यह भी साफ किया है कि ऐसे मामलों में किन लोगों पर सख्त कार्रवाई होगी।
 

UP Board 2026: No Criminal Case Against Students Caught Cheating, Answer Sheets to Be Cancelled
यूपी बोर्ड (UPMSP UP Board) - फोटो : आधिकारिक एक्स हैंडल यूपी बोर्ड (@upboardpryj)
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विस्तार

UP Board Exam 2026: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) ने वर्ष 2026 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षाओं को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। जारी पत्र के अनुसार, यदि कोई परीक्षार्थी परीक्षा के दौरान अनुचित साधनों (नकल आदि) का उपयोग करते हुए पकड़ा जाता है, तो उसके खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज नहीं कराया जाएगा।
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क्या है पूरा मामला?

परिषद के अनुसार, वर्ष 2026 की बोर्ड परीक्षाएं शुचितापूर्ण और नकलविहीन कराने के लिए शासन प्रतिबद्ध है। सार्वजनिक परीक्षाओं को प्रभावित करने वाले तत्वों के खिलाफ उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम 2024 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। लेकिन महत्वपूर्ण बात यह है कि इस अधिनियम के दंड संबंधी प्रावधान विद्यार्थियों पर लागू नहीं होंगे।

यह पत्र परिषद मुख्यालय, प्रयागराज की ओर से 15 फरवरी 2026 को जारी किया गया है। इसमें स्पष्ट किया गया है कि वर्ष 2026 की बोर्ड परीक्षाएं शुचितापूर्ण और नकलविहीन ढंग से कराने के लिए शासन प्रतिबद्ध है।

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छात्रों को क्यों मिली राहत?

परिषद ने यह भी साफ किया है कि उक्त अधिनियम के दंडात्मक प्रावधान परीक्षार्थियों पर लागू नहीं होंगे। परिषद ने अपने पूर्व आदेश (दिनांक 29 जनवरी 2026) का हवाला देते हुए बताया कि अधिनियम की प्रस्तावना और धारा-3 में स्पष्ट उल्लेख है कि परीक्षा में शामिल हो रहे विद्यार्थियों को उनके भविष्य को ध्यान में रखते हुए आपराधिक दायित्व से मुक्त रखा जाएगा। यानी, छात्रों पर इस कानून के तहत मुकदमा दर्ज नहीं होगा।

  • नकल करते पकड़े जाने पर छात्र पर आपराधिक मुकदमा दर्ज नहीं होगा
  • छात्र को जेल या आपराधिक केस का सामना नहीं करना पड़ेगा

फिर क्या कार्रवाई होगी?

फिर भी, यदि कोई छात्र सार्वजनिक परीक्षा में किसी प्रश्नपत्र के उत्तर देने के दौरान अनुचित साधनों का प्रयोग करता हुआ पाया जाता है, तो संबंधित प्रश्नपत्र की उसकी उत्तर पुस्तिका का मूल्यांकन नहीं किया जाएगा। ऐसे परीक्षार्थी का परिणाम परीक्षा प्राधिकारी द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार घोषित किया जाएगा।

  • संबंधित विषय की उसकी उत्तर पुस्तिका का मूल्यांकन नहीं किया जाएगा
  • उसका परिणाम परीक्षा प्राधिकारी द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार घोषित किया जाएगा


किन पर होगी सख्त कार्रवाई?

परिषद ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया है कि नकल या अन्य अनियमितताओं में शामिल बाहरी व्यक्तियों या गिरोहों के खिलाफ अधिनियम की धारा-8 के तहत सख्त कार्रवाई की जाए। यानी, परीक्षा की शुचिता भंग करने वालों पर कठोर कदम उठाए जाएंगे, लेकिन छात्रों को आपराधिक मुकदमों से छूट रहेगी। इसका मतलब:

 
  • पेपर लीक कराने वाले
  • नकल माफिया
  • परीक्षा व्यवस्था में बाधा डालने वाले लोग


इन पर कानून के तहत सख्त कार्रवाई होगी। स्पष्ट है कि परिषद का उद्देश्य एक तरफ नकल पर रोक लगाना है, वहीं दूसरी ओर विद्यार्थियों के भविष्य को आपराधिक मामलों से प्रभावित होने से बचाना भी है।

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