CBSE: 2026 में दोबारा प्रैक्टिकल एग्जाम देने वाले छात्रों के लिए सीबीएसई ने जारी की गाइडलाइन, समझ लें नियम
CBSE Board Exam 2026: सीबीएसई ने 2026 में कक्षा 12वीं की प्रैक्टिकल परीक्षा देने वाले निजी छात्रों के लिए गाइडलाइन जारी की है। परीक्षा 23 फरवरी से 17 मार्च 2026 तक होगी। जिन विषयों में प्रैक्टिकल नहीं है, उनमें अंक थ्योरी के आधार पर जोड़े जाएंगे।
विस्तार
CBSE Board Exam 2026: सीबीएसई ने 2026 में कक्षा 12वीं की प्रैक्टिकल बोर्ड परीक्षा देने वाले निजी (प्राइवेट) छात्रों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सीबीएसई के अनुसार, कक्षा 12 की प्रैक्टिकल बोर्ड परीक्षाएं 23 फरवरी से 17 मार्च 2026 के बीच आयोजित की जाएंगी।
जिन विषयों में प्रैक्टिकल नहीं, वहां अलग नियम
बोर्ड ने साफ किया है कि जिन विषयों में प्रैक्टिकल हिस्सा नहीं है, उनमें प्रोजेक्ट वर्क या आंतरिक मूल्यांकन नहीं होगा। ऐसे मामलों में प्रोजेक्ट या इंटरनल असेसमेंट के अंक थ्योरी परीक्षा में मिले अंकों के आधार पर अनुपात में जोड़े जाएंगे।
स्कूलों को दिए गए निर्देश
सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि आंतरिक परीक्षक (इंटरनल एग्जामिनर) उपलब्ध हों। अगर परीक्षा केंद्र पर संबंधित विषय का शिक्षक मौजूद नहीं है, तो पास के किसी अन्य सीबीएसई से जुड़े स्कूल से योग्य शिक्षक की नियुक्ति करनी होगी।बोर्ड ने यह भी कहा कि क्षेत्रीय कार्यालयों से भेजी गई प्रैक्टिकल उत्तर पुस्तिकाओं का ही उपयोग किया जाए। परीक्षकों को निर्देश दिया गया है कि वे उत्तर पुस्तिकाओं में सभी विवरण सावधानी और सही तरीके से भरें।
परीक्षा केंद्र और परीक्षक की नियुक्ति
सीबीएसई की आधिकारिक सूचना के मुताबिक, कक्षा 12 की प्रैक्टिकल परीक्षाएं उन्हीं परीक्षा केंद्रों या स्कूलों में होंगी, जो थ्योरी परीक्षा के लिए तय किए गए हैं।
क्षेत्रीय निदेशक/अधिकारी सभी छात्रों के लिए बाहरी परीक्षक (एक्सटर्नल एग्जामिनर) नियुक्त करेंगे। वहीं, आंतरिक परीक्षक की नियुक्ति केंद्र अधीक्षक अपने स्कूल के शिक्षकों में से करेंगे।
नोटिस यहां देखें...
किन छात्रों को मिलेगा मौका?
वे छात्र जिन्होंने 2025 और 2024 में कक्षा 12 की प्रैक्टिकल परीक्षा दी थी, लेकिन दोबारा परीक्षा, अनुपस्थिति या अन्य वैध कारणों से उनके अंक उपलब्ध नहीं हैं, वे शैक्षणिक सत्र 2026-27 की प्रैक्टिकल परीक्षा में शामिल हो सकते हैं।
इसके अलावा, 2023 या उससे पहले के वे छात्र जिन्होंने निजी श्रेणी में पूरे विषयों के साथ आवेदन किया है, वे भी अपने संबंधित प्रैक्टिकल विषयों की परीक्षा दे सकेंगे।