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Waves 2025: मंच से आमिर ने जताई खुशी, बोले- पहली बार किसी सरकार ने भारत को मनोरंजन में अगुआ बनाने की ठानी
Sat, 03 May 2025 01:03 AM IST
सिराजुद्दीन
शैलेश अरोड़ा
शैलेश अरोड़ा
Published by: सिराजुद्दीन
Updated Sat, 03 May 2025 01:03 AM IST
सार
Aamir Khan On Indian Cinema: आमिर खान ने भारतीय सिनेमा पर चिंता जाहिर की है। उन्होंने बताया कि भारत में सिनेमाघरों को खोलने की जरूरत है। भारत में सिर्फ 2 फीसद लोग हैं जो सिनेमा हॉल तक पहुंचते हैं।
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आमिर खान
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
सुपरस्टार आमिर खान ने शुक्रवार को कहा कि भारत फिल्मों से प्रेम करने वाला देश है, लेकिन यहां के अधिकांश लोगों की सिनेमा हॉल तक पहुंच नहीं है। जबकि अमेरिका और चीन जैसे देश स्क्रीन की संख्या के मामले में काफी आगे हैं। आमिर ने कहा, पिछले 35 साल में कई सरकारें रहीं, लेकिन किसी हमारे बारे में नहीं सोचा। यह पहली बार है जब किसी सरकार ने ठाना कि मीडिया और मनोरंजन क्षेत्र के लिए कुछ किया जाए, इंडिया को इसमें लीडर बनाया जाए।
दो प्रतिशत आबादी की सिनेमा तक पहुंच
यहां पहले विश्व दृश्य-श्रव्य एवं मनोरंजन शिखर सम्मेलन (वेव्स) के दूसरे दिन आमिर खान ने 'भविष्य के स्टूडियो: विश्व स्टूडियो मानचित्र पर भारत' शीर्षक सत्र में भाग लिया। आमिर ने कहा कि मनोरंजन उद्योग के विकास को बढ़ावा देने के लिए बुनियादी ढांचे में निवेश की गंभीर आवश्यकता है। उन्होंने कहा, भारत में और अधिक सिनेमाघरों की आवश्यकता है। देश में ऐसे जिले हैं, जहां एक भी थिएटर नहीं है।
उन्होंने कहा कि यहां तक कि ब्लॉकबस्टर फिल्में भी, भारतीयों का एक छोटा हिस्सा ही उन्हें सिनेमाघरों में देख पाता है। केवल दो प्रतिशत आबादी ही सिनेमाघरों में हमारी सबसे बड़ी हिट फिल्में देखती है। बाकी 98 प्रतिशत लोग कहां फिल्म देखते हैं?
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दो प्रतिशत आबादी की सिनेमा तक पहुंच
यहां पहले विश्व दृश्य-श्रव्य एवं मनोरंजन शिखर सम्मेलन (वेव्स) के दूसरे दिन आमिर खान ने 'भविष्य के स्टूडियो: विश्व स्टूडियो मानचित्र पर भारत' शीर्षक सत्र में भाग लिया। आमिर ने कहा कि मनोरंजन उद्योग के विकास को बढ़ावा देने के लिए बुनियादी ढांचे में निवेश की गंभीर आवश्यकता है। उन्होंने कहा, भारत में और अधिक सिनेमाघरों की आवश्यकता है। देश में ऐसे जिले हैं, जहां एक भी थिएटर नहीं है।
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उन्होंने कहा कि यहां तक कि ब्लॉकबस्टर फिल्में भी, भारतीयों का एक छोटा हिस्सा ही उन्हें सिनेमाघरों में देख पाता है। केवल दो प्रतिशत आबादी ही सिनेमाघरों में हमारी सबसे बड़ी हिट फिल्में देखती है। बाकी 98 प्रतिशत लोग कहां फिल्म देखते हैं?
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अमेरिका और चीन से पीछे है भारत
अभिनेता ने कहा, मेरे हिसाब से हमें इसमें निवेश करना चाहिए। भारत में अपार संभावनाएं हैं, लेकिन इसका लाभ तभी उठाया जा सकता है जब देशभर में अधिक स्क्रीन होंगी। अगर ऐसा नहीं होगा तो लोग फिल्में नहीं देखेंगे। आमिर ने कहा कि सिनेमा स्क्रीन की संख्या के मामले में भारत, अमेरिका और चीन से काफी पीछे है।
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भारत में महज 10 हजार तो चीन में 90,000 स्क्रीन
आमिर ने कहा, देश के आकार और आबादी के हिसाब से हमारे पास बहुत कम सिनेमाघर हैं। मुझे लगता है कि हमारे पास करीब 10,000 स्क्रीन हैं। अमेरिका, जिसकी आबादी भारत की एक-तिहाई है, में 40,000 स्क्रीन हैं। इसलिए वे हमसे बहुत आगे हैं। चीन में 90,000 स्क्रीन हैं। उन्होंने कहा, इन 10,000 में से भी आधे दक्षिण में हैं और बाकी आधे देश के बाकी हिस्सों में हैं। इसलिए एक हिंदी फिल्म के लिए आमतौर पर यह करीब 5,000 स्क्रीन होती है।
अभिनेता ने कहा, मेरे हिसाब से हमें इसमें निवेश करना चाहिए। भारत में अपार संभावनाएं हैं, लेकिन इसका लाभ तभी उठाया जा सकता है जब देशभर में अधिक स्क्रीन होंगी। अगर ऐसा नहीं होगा तो लोग फिल्में नहीं देखेंगे। आमिर ने कहा कि सिनेमा स्क्रीन की संख्या के मामले में भारत, अमेरिका और चीन से काफी पीछे है।
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भारत में महज 10 हजार तो चीन में 90,000 स्क्रीन
आमिर ने कहा, देश के आकार और आबादी के हिसाब से हमारे पास बहुत कम सिनेमाघर हैं। मुझे लगता है कि हमारे पास करीब 10,000 स्क्रीन हैं। अमेरिका, जिसकी आबादी भारत की एक-तिहाई है, में 40,000 स्क्रीन हैं। इसलिए वे हमसे बहुत आगे हैं। चीन में 90,000 स्क्रीन हैं। उन्होंने कहा, इन 10,000 में से भी आधे दक्षिण में हैं और बाकी आधे देश के बाकी हिस्सों में हैं। इसलिए एक हिंदी फिल्म के लिए आमतौर पर यह करीब 5,000 स्क्रीन होती है।
आमिर खान
- फोटो : PTI
कोंकण जैसे क्षेत्रों में नहीं एक भी सिनेमाघर
आमिर खान ने इस बात पर भी दुख जताया कि भारत के कई क्षेत्रों में, जिनमें कोंकण जैसे क्षेत्र भी शामिल हैं, कोई सिनेमाघर नहीं हैं। उन क्षेत्रों में लोग फिल्मों के बारे में सुनेंगे, ऑनलाइन चर्चा देखेंगे, लेकिन उनके पास इन फिल्मों को देखने का कोई तरीका नहीं है। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है। इसलिए पहली चीज जो हमें करने की जरूरत है, वह यह है कि हमारे पास अधिक स्क्रीन होनी चाहिए।
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फिल्म व्यवसाय को खत्म किया जा रहा
आमिर ने कहा कि किसी फिल्म के थियेटर में रिलीज होने और स्ट्रीमिंग पर आने के बीच का समय बहुत छोटा होता है। उन्होंने कहा, आप अपना खुद का व्यवसाय खत्म कर रहे हैं। पहले, फिल्में थियेटर में आती थीं और एक साल बाद सैटेलाइट पर आती थीं। फिर यह सैटेलाइट पर आठ और छह महीने बाद आने लगी। इसलिए, एक दर्शक के रूप में मेरे पास एक विकल्प है कि मैं थिएटर में फिल्म देख सकता हूं या मैं छह महीने तक इंतजार कर सकता हूं और सैटेलाइट पर देख सकता हूं।
आमिर खान ने इस बात पर भी दुख जताया कि भारत के कई क्षेत्रों में, जिनमें कोंकण जैसे क्षेत्र भी शामिल हैं, कोई सिनेमाघर नहीं हैं। उन क्षेत्रों में लोग फिल्मों के बारे में सुनेंगे, ऑनलाइन चर्चा देखेंगे, लेकिन उनके पास इन फिल्मों को देखने का कोई तरीका नहीं है। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है। इसलिए पहली चीज जो हमें करने की जरूरत है, वह यह है कि हमारे पास अधिक स्क्रीन होनी चाहिए।
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फिल्म व्यवसाय को खत्म किया जा रहा
आमिर ने कहा कि किसी फिल्म के थियेटर में रिलीज होने और स्ट्रीमिंग पर आने के बीच का समय बहुत छोटा होता है। उन्होंने कहा, आप अपना खुद का व्यवसाय खत्म कर रहे हैं। पहले, फिल्में थियेटर में आती थीं और एक साल बाद सैटेलाइट पर आती थीं। फिर यह सैटेलाइट पर आठ और छह महीने बाद आने लगी। इसलिए, एक दर्शक के रूप में मेरे पास एक विकल्प है कि मैं थिएटर में फिल्म देख सकता हूं या मैं छह महीने तक इंतजार कर सकता हूं और सैटेलाइट पर देख सकता हूं।
उम्मीद है वेव्स में हुई चर्चाएं 'नीतियों में तब्दील होंगी
अभिनेता आमिर खान ने कहा, उम्मीद है वेव्स सम्मेलन में हुई चर्चाएं नीतियों में तब्दील होंगी मुझे लगता है कि पहली बार रचनात्मक बिरादरी और सरकार के बीच यह संवाद शुरू हुआ है। यह एक बहुत ही स्वागत योग्य शुरुआत है। सरकार के साथ सही तरह के संवाद के साथ, हम वास्तव में कुछ ऐसी नीतियां बना सकते हैं, जिनका रचनात्मक क्षेत्रों में व्यापार पर गहरा और दूरगामी प्रभाव पड़ेगा।
हमें अलग-अलग देशों में वितरण नेटवर्क स्थापित करने की जरूरत
बॉलीवुड सुपरस्टार आमिर खान और फिल्म निर्माता दिनेश विजन ने शुक्रवार को कहा कि भारतीय फिल्म निर्माताओं को अपनी फिल्मों का विपणन करते समय भारत से आगे भी देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें विभिन्न देशों में वितरण नेटवर्क स्थापित करने की जरूरत है। आमिर खान के साथ सत्र में ‘स्त्री’ के निर्माता दिनेश विजन, एक्सेल एंटरटेनमेंट के रितेश सिधवानी, पीवीआर आईनॉक्स के प्रमुख अजय बिजली, वरिष्ठ अमेरिकी निर्माता चार्ल्स रोवन और मुंबई स्थित वीएफएक्स फर्म डीएनईजी के सीईओ नमित मल्होत्रा भी शामिल हुए।
चीनी रचनात्मक समुदायों के साथ काम करना चाहते हैं आमिर खान
सुपरस्टार आमिर खान ने शुक्रवार को कहा कि भारत और चीन के रचनात्मक समुदायों को साथ मिलकर काम करना चाहिए। आमिर की फिल्में '3 इडियट्स' और 'दंगल' चीन में बहुत बड़ी हिट रही हैं।
आमिर ने वेव्स समिट के दूसरे दिन 'भारतीय सिनेमा, ओरिएंटल लुक' नामक सत्र के दौरान चीनी फिल्म निर्माताओं और लेखकों के साथ सहयोग करने की इच्छा व्यक्त की, जिसमें पीटर हो सन चैन, स्टेनली टोंग जैसे प्रसिद्ध हांगकांग फिल्म निर्माता और चीन में रहने वाले भारतीय मूल के निर्माता प्रसाद शेट्टी शामिल हुए।
भारतीय दर्शकों की तरह चीनी दर्शक
आमिर ने कहा कि उन्होंने पिछले एक दशक में कई बार चीन का दौरा किया है। उन्होंने आगे कहा 'चीन में दर्शक, चीन में सांस्कृतिक स्वाद और चीन के लोगों की भावनाएं भारतीयों की भावनाओं के समान हैं। इसलिए, चीनी दर्शक भी भारतीयों की तरह ही कंटेंट पर प्रतिक्रिया करते हैं। मैं चीन में अपनी कई फिल्में देख रहा था और 'दंगल' पर चीनी दर्शकों की प्रतिक्रिया भारतीय दर्शकों से अलग नहीं थी।'
सहयोग से दोनों देशों का होगा फायदा
आमिर के अनुसार रचनात्मक साझेदारी की संभावना बहुत अधिक है, उनका मानना है कि ये सहयोग दोनों देशों के लिए फायदेमंद हो सकते हैं।
उन्होंने कहा 'यह भारत और चीन के लिए सहयोग करने और साथ मिलकर काम करने का एक शानदार अवसर है, चाहे वह रचनात्मक रूप से हो या भावनात्मक स्तर पर या व्यावसायिक दृष्टिकोण से, मुझे लगता है कि अगर हम चीन के साथ सहयोग करते हैं तो यह दोनों पक्षों के लिए जीत-जीत वाली बात होगी। पिछले कुछ सालों में, मैं चीन के दोस्तों के साथ चर्चा करता रहा हूं और हमने अक्सर संभावना तलाशी हैं। वेव्स के आने से इस दिशा में और अधिक गति मिलेगी।'
अभिनेता आमिर खान ने कहा, उम्मीद है वेव्स सम्मेलन में हुई चर्चाएं नीतियों में तब्दील होंगी मुझे लगता है कि पहली बार रचनात्मक बिरादरी और सरकार के बीच यह संवाद शुरू हुआ है। यह एक बहुत ही स्वागत योग्य शुरुआत है। सरकार के साथ सही तरह के संवाद के साथ, हम वास्तव में कुछ ऐसी नीतियां बना सकते हैं, जिनका रचनात्मक क्षेत्रों में व्यापार पर गहरा और दूरगामी प्रभाव पड़ेगा।
हमें अलग-अलग देशों में वितरण नेटवर्क स्थापित करने की जरूरत
बॉलीवुड सुपरस्टार आमिर खान और फिल्म निर्माता दिनेश विजन ने शुक्रवार को कहा कि भारतीय फिल्म निर्माताओं को अपनी फिल्मों का विपणन करते समय भारत से आगे भी देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें विभिन्न देशों में वितरण नेटवर्क स्थापित करने की जरूरत है। आमिर खान के साथ सत्र में ‘स्त्री’ के निर्माता दिनेश विजन, एक्सेल एंटरटेनमेंट के रितेश सिधवानी, पीवीआर आईनॉक्स के प्रमुख अजय बिजली, वरिष्ठ अमेरिकी निर्माता चार्ल्स रोवन और मुंबई स्थित वीएफएक्स फर्म डीएनईजी के सीईओ नमित मल्होत्रा भी शामिल हुए।
चीनी रचनात्मक समुदायों के साथ काम करना चाहते हैं आमिर खान
सुपरस्टार आमिर खान ने शुक्रवार को कहा कि भारत और चीन के रचनात्मक समुदायों को साथ मिलकर काम करना चाहिए। आमिर की फिल्में '3 इडियट्स' और 'दंगल' चीन में बहुत बड़ी हिट रही हैं।
आमिर ने वेव्स समिट के दूसरे दिन 'भारतीय सिनेमा, ओरिएंटल लुक' नामक सत्र के दौरान चीनी फिल्म निर्माताओं और लेखकों के साथ सहयोग करने की इच्छा व्यक्त की, जिसमें पीटर हो सन चैन, स्टेनली टोंग जैसे प्रसिद्ध हांगकांग फिल्म निर्माता और चीन में रहने वाले भारतीय मूल के निर्माता प्रसाद शेट्टी शामिल हुए।
भारतीय दर्शकों की तरह चीनी दर्शक
आमिर ने कहा कि उन्होंने पिछले एक दशक में कई बार चीन का दौरा किया है। उन्होंने आगे कहा 'चीन में दर्शक, चीन में सांस्कृतिक स्वाद और चीन के लोगों की भावनाएं भारतीयों की भावनाओं के समान हैं। इसलिए, चीनी दर्शक भी भारतीयों की तरह ही कंटेंट पर प्रतिक्रिया करते हैं। मैं चीन में अपनी कई फिल्में देख रहा था और 'दंगल' पर चीनी दर्शकों की प्रतिक्रिया भारतीय दर्शकों से अलग नहीं थी।'
सहयोग से दोनों देशों का होगा फायदा
आमिर के अनुसार रचनात्मक साझेदारी की संभावना बहुत अधिक है, उनका मानना है कि ये सहयोग दोनों देशों के लिए फायदेमंद हो सकते हैं।
उन्होंने कहा 'यह भारत और चीन के लिए सहयोग करने और साथ मिलकर काम करने का एक शानदार अवसर है, चाहे वह रचनात्मक रूप से हो या भावनात्मक स्तर पर या व्यावसायिक दृष्टिकोण से, मुझे लगता है कि अगर हम चीन के साथ सहयोग करते हैं तो यह दोनों पक्षों के लिए जीत-जीत वाली बात होगी। पिछले कुछ सालों में, मैं चीन के दोस्तों के साथ चर्चा करता रहा हूं और हमने अक्सर संभावना तलाशी हैं। वेव्स के आने से इस दिशा में और अधिक गति मिलेगी।'