Aamir Khan: ऑटो पर पोस्ट चिपकाने से लेकर अवधी सीखने तक आमिर ने फिल्मों के लिए किए ये काम, पढ़ें उनके किस्से
Aamir Khan Birthday: आमिर खान के जन्मदिन के मौके पर हम आपको उनकी जिंदगी से जुड़े कई किस्से बता रहे हैं। कई किस्से तो आपको हैरान कर देंगे।
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आमिर खान का आज 60वां जन्मदिन है। आमिर खान अपने काम की वजह से 'मिस्टर परफेक्शनिस्ट' कहे जाते हैं। उन्होंने बॉलीवुड को कई बेहतरीन फिल्में दी हैं। ऐसे में उनकी जिंदगी से जुड़े कई किस्से हैं जो आम हैं। आज हम आपको उनकी जिंदगी से जुड़े अहम किस्से सुनाते हैं।
ऑटो पर चिपकाते थे फिल्मों के पोस्टर
आमिर खान की सबसे पहली फिल्म 'कयामत से कयामत तक' थी। इस फिल्म के प्रमोशन के लिए आमिर खान ने ऑटो के पीछे इसके पोस्टर चिपकाए। इसके अलावा आमिर खान ने रिक्शा चालकों से भी गुजारिश की कि वह उनकी फिल्म देखें। एक ऑटोवाला तो आमिर खान से नाराज हो गया था। इसके बाद आमिर खान ने उसे समझा बुझाकर शांत कराया।
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'लगान' के लिए सीखी नई भाषा
आमिर खान की लगान फिल्म काफी मशहूर है। आमिर खान ने इस फिल्म के कैरेक्टर में ढलने के लिए बहुत मेहनत की थी। आमिर खान ने लगान के लिए खास तरह की 'अवधी भाषा' सीखी। फिल्म के लिए क्रिकेट खेलना सीखा। वह गांव में रहे और गांव वालों से गांव वालों की तरह बातचीत करनी सीखी। शूटिंग के दौरान आमिर ने कहा था कि हर कोई औरतों और शराब से दूर रहेगा। सबने इसका पालन किया था।
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इस तरह मिला था मिस्टर परफेक्शनिस्ट नाम
आमिर खान ने खुलासा किया है कि वह एक बार शबाना आजमी के घर पर थे। शबाना आजमी ने उन्हें चाय पेश की। शबाना ने पूछा कि आपको कितनी चीनी चाहिए। इस पर आमिर ने पूछा कि कप कितना बड़ा है। इसके बाद उन्होंने पूछा कि चम्मच कितना बड़ा है। फिर आमिर ने कहा कि इस कप के लिए बस एक चम्मच चीनी। आमिर की हरकत देखकर शबाना आजमी ने उन्हें 'मिस्टर परफेक्शनिस्ट' नाम दे दिया।
'दंगल' फिल्म में वजन घटाने का किस्सा
आमिर खान की 'दंगल' फिल्म पहलवानी पर बनी है। इस फिल्म में उन्होंने पहलवान और पहलवानों के पिता का किरदार अदा किया है। ऐसे में जब फिल्म की शूटिंग होने वाली थी तो आमिर ने पहले पिता के रोल वाला हिस्सा पहले शूट किया। इसके लिए उन्होंने अपना वजन बढ़ाया। इसके बाद उन्होंने फिल्म का शुरूआती हिस्सा शूट किया। इसके बाद उन्होंने अपना वजन घटाया। उनका कहना था कि अगर मैं पहले फिट इंसान वाला हिस्सा शूट करके वजन बढ़ाता हूं तो फिर बाद में मैं अपना वजन नहीं घटा पाउंगा।
बचपन से था कहानियां सुनने का शौक
आमिर खान ने हाल ही में एक इंटरव्यू में बताया कि उन्हें बचपन से कहानियां सुनने का शौक था। उन्होंने बताया कि जब कोई पिता जी को कहानी सुनाने आता था तो वह पर्दे के पीछे छिप जाया करते थे। उनके पिता को पता होता था कि आमिर पर्दे के पीछे से कहानी सुन रहे हैं। एक वक्त ऐसा आया कि आमिर के पिता ने उन्हें बुलाया और पूछा कि इस कहानी पर तुम्हारी क्या राय है।