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Uttarakhand Samwad 2026: संवाद के मंच पर बोले राकेश बेदी- दुनिया के आगे 'धुरंधर' पर बीवी के आगे छछूंदर

एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला Published by: ज्योति राघव Updated Wed, 24 Jun 2026 11:59 AM IST
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सार

Amar Ujala Uttarakhand Samwad 2026: देहरादून में आयोजित अमर उजाला संवाद 2026 में 'धुरंधर' फेम दिग्गज अभिनेता राकेश बेदी ने शिरकत की है। इस वैचारिक कार्यक्रम में वो मंच पर चर्चा कर रहे हैं।

Amar Ujala Uttarakhand Samwad 2026 Live Dhurandhar actor Rakesh Bedi aka Jameel Jamali shares his journey
अमर उजाला संवाद में राकेश बेदी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

24 जून को देहरादून में 'अमर उजाला संवाद 2026' कार्यक्रम का आयोजित किया गया। इस दौरान उत्तराखंड के विकास से लेकर देश से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा जारी है। 'सतत विकास' की थीम पर किए गए इस खास आयोजन में खेल, राजनीति, अध्यात्म और मनोरंजन से जुड़ी दिग्गज हस्तियां शामिल हुई हैं।


कार्यक्रम में इस साल की सुपरहिट फिल्म 'धुरंधर 2' अभिनेता राकेश बेदी भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे। पढ़िए उन्होंने क्या कहा?



देहरादून में बिताया बचपन
राकेश बेदी ने बताया, 'मैंने अपना बचपन बहुत देहरादून में बिताया है। मेरी दादी के साइड के बहुत लोग थे, तो हर साल आता था। मेरे दादाजी ने भी यहां अपना बिजनेस शुरू किया था। मैं हर साल गर्मियों में यहां आता था। लीची के बाग होते थे तो लीची खाते थे, तब तक जब तक कि मालिक आकर डंडे मारकर हमें नहीं भगाता था।'
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अचानक लोगों ने ऑटोग्राफ लेना शुरू कर दिया
जब मैं कुछ भी नहीं थी। तब यहां से गुजर रहा था। कुछ लोग आए और मेरा ऑटोग्राफ लेना शुरू कर दिया। फिर पता चला कि ये है जिंदगी बहुत बड़ा हिट हो गया है। कई फिल्में आईं। श्रीमान श्रीमती अपने आप में कामयाब कार्यक्रम था। मगर, धुरंधर आते-आते जो रीच है वह करोड़ों तक जाने लगी है। फिल्म बहुत बड़ी हिट है। कह नहीं सकते कि यह हिट है, सुपरहिट है या सुपर-डुपर हिट है। लोगों के मन से उतर नहीं रही। कल एयरपोर्ट पर एक शख्स मिले वो बोले कि उन्होंने 13 बार फिल्म देख ली है।
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दिल्ली की सर्द रात में लगाए पोस्टर
कार्यक्रम में राकेश बेदी ने अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए बताया, 'कई रंगकर्मी इस बात को समझेगे कि आज वो दौर है जब आप अखबार में इश्तेहार दे सकते हैं। सोशल मीडिया पर पोस्टर डाल सकते हैं पर पहले ऐसा नहीं था। पहले हम पोस्टर छपवाते थे। दिल्ली की सर्द रातों में स्कूटर पर अपने दोस्त के साथ निकल जाते थे। एक हाथ में ब्रश होता था और दूसरे में लेही, जिससे हम वो पोस्टर चिपकाते थे। फिर शहर में खाली दीवारें ढूंढते थे जहां-जहां पोस्टर चिपकाने हैं।

पुलिस वालों ने समझा आतंकवादी
इसी किस्से को आगे साझा करते हुए बेदी ने बताया, 'हमारा एक नाटक था 'जहर'। एक रात हम उसके पोस्टर चिपका रहे थे। तब मेरी लंबी-लंबी दाढ़ी थी। वहां से पुलिस गुजरी तो उन्होंने टॉर्च मारी। पोस्टर और मेरा हुलिया देखकर उन्होंने मुझे आतंकवादी समझ लिया कि ये बाहर से आए हैं और इनका कोई प्रोपेगेंडा है। उन्होंने बोला कि आप जहर घोल रहे हैं समाज में। हमने कहा कि नहीं ये नाटक है हमारा। इसमें टिकट की डिटेल भी हैं। उन्होंने बोला कि अगर नाटक है तो करके दिखाओ। फिर हमने पुलिस वालों को वह नाटक करके दिखाया, तब पुलिस ने हमें छोड़ा।'



छह केले खाए और चुपचाप सो गया
कार्यक्रम में राकेश बेदी ने अपने जीवन का वो किस्सा भी साझा किया जब वो डिप्रेशन में थे पर फिर भी उन्होंने हार नहीं मानी। एक्टर ने कहा, 'सबकी जिंदगी में ऐसा दिन आता है। मैंने यह बात कम मंचों पर बोली है। एक दिन मेरी जिंदगी में ऐसा आया कि काम नहीं था और पैसे भी नहीं थे। मैंने लेकिन एक बात तय की थी कि अपनी मजबूरियां परिवार तक नहीं जाने दूंगा। मेरी मां घबरा जाती कि मेरा बेटा रात को भूखा सोया। वापस बुला लेगी घर। मुझे वापस नहीं जाना। ऐसा वक्त आया कि बैंक भी खाली। घर भी खाली। सिर्फ 50 पैसे थे। तब 50 पैसे कि छह केले आते थे। मैंने सोचा कि सबसे पहले तो यह तय करूं कि जरूरी क्या है? आज की भूख या करियर? मैंने छह केले खाए और सो गया कि कल का कल देखेंगे।'
उस दौर में मुझे एक शेर बहुत अच्छा लगता था- 
'माना कि लौटकर आना है नामुमकिन
घर पलटा बियाहब से बहारें साथ लाऊंगा।'

Amar Ujala Uttarakhand Samwad 2026 Live Dhurandhar actor Rakesh Bedi aka Jameel Jamali shares his journey
अमर उजाला संवाद में राकेश बेदी - फोटो : अमर उजाला
किस पति के लिए आसान है यह काम?
वहीं कार्यक्रम में जब राकेश बेदी से पूछा गया कि वो दुनिया को अपनी कॉमेडी से खुश रखते हैं। क्या पत्नी भी उनकी कॉमेडी से खुश रहती है? जवाब में बेदी ने कहा, 'कौन से पति के लिए आसान है पत्नी को खुश करना? यह ऐसा कुआं है, जिसे भरते रहो, कभी नहीं भरता। आपको लगता है कि आज मैंने बहुत महंगी साड़ी लाकर दी मूड ठीक हो जाएगा?
मूड ठीक हो जाएगा, लेकिन चार घंटे तक। हां, लेकिन मैं जब ट्रैवल पर होता हूं तो देखता हूं कि दुनिया मेरे जोक पर हंस रही है। मगर, मेरी पत्नी कहती है, 'हुंह क्या बड़ी बात है'। घर पर मेरी हालत घर की मुर्गी दाल बराबर है। दुनिया के लिए 'धुरंधर' हूं, पत्नी के लिए छुछंदर हूं।'

सिर्फ मेरी पत्नी को पता था 'धुरंधर 2' का क्लाइमेक्स
फिल्म 'धुरंधर 2' के क्लाइमेक्स में राकेश बेदी खुद सबसे बड़े जासूस निकलकर सामने आते हैं। इस बारे में बात करते हुए राकेश बेदी ने बताया, 'मैंने 'धुरंधर' का जो बेस है, वह शेयर किया था कि एक स्पाई फिल्म है। इसमें एक रियल घटना है। मगर, ये कि मैं भी फिल्म में जासूस हूं यह बात सिर्फ मेरी पत्नी को पता था। प्रोडक्शन यूनिट के कुछ लोगों को छोड़कर किसी को यह बात नहीं पता थी।'

बच्चों से भी छिपाकर रखी यह बात
राकेश बेदी ने आगे बतायl, 'शुरू में बहुत तकलीफ हुई। आदित्य धर ने बहुत रिक्वेस्ट की थी कि राकेश जी प्लीज इस बारे में किसी को मत बताना। फिर ये भी है कि बात निकलेगी तो दूर तक जाएगी इसलिए मैंने अपने बच्चों तक से यह बात छिपाकर रखी। जब हमने इस फिल्म का प्रीमियर देखा तो मेरी दोनों बेटियां दूसरे थिएटर में थीं। जब आखिरी का ये सीन आया तो वो दोनों रो रही थीं। उन्हें गुस्सा आ रहा था कि एक तो हमारा बाप जासूस निकला और हम एक ही घर में रहते हैं और हमें बताया ही नहीं। इतने बड़े क्लाइमेक्स के बारे में नहीं बताया गया।'

अर्जुन रामपाल के बयान पर नहीं आया अहंकार
इवेंट में राकेश बेदी से पूछा गया कि जब अभिनेता अर्जुन रामपाल ने आपसे कहते हैं कि सर आप तो फिल्म में सबको खा गए। तो आपको वो कॉम्प्लीमेंट सुनकर कैसा फील हुआ? जवाब में राकेश बेदी ने कहा, 'नहीं! मुझे कुछ फील नहीं हुआ। अगर खुद पर अहंकार आ जाएगा तो एक शेर है:
शोर नदी का नहीं, आबशार का है
यहां से जो भी सफर है उतार का है
अगर कोई तुमसे ये कहे कि बच्चा है तू मेरा
उससे बचकर रहो, वो आदमी बेकार का है।'


आगे बेदी ने कहा, 'अर्जुन रामपाल ने जो कॉम्प्लीमेंट दिया था, वह अच्छा था पर अब उसपर मेरा दिमाग खराब हो जाए तो बेकार है। आदमी जब अपने काम बार-बार देखता है तो उसे दूसरों के काम नजर आना बंद हो जाता है। वह अपने आप से प्रभावित हो जाता है। मुझे खुद से प्रभावित होने की जरूरत नहीं है। मैंने सात-आठ हजार एपिसोड किए होंगे टेलीविजन पर लेकिन मैंने दोबारा भी नहीं देखा होगा। जो काम कर दिया सो कर दिया।'

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