अनुपम खेर: 'तू मेरी शक्ल भूल तो नहीं गया', मां दुलारी ने अनुपम खेर से क्यों पूछा ये सवाल? छलक आए एक्टर के आंसू
- अभिनेता अनुपम खेर ने सोशल मीडिया पर अपनी मां दुलारी के लिए एक भावुक पोस्ट साझा किया है।
- इन दिनों वे अपनी मां से दूर हैं और करीब दो महीने से दोनों की मुलाकात नहीं हुई है।
- अभिनेता मां से हर दिन वीडियो कॉल के जरिए बातचीत कर रहे हैं।
विस्तार
अभिनेता अनुपम खेर अक्सर अपनी मां दुलारी के साथ बातचीत के वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर करते हैं। मां के साथ एक्टर की मजेदार बातचीत को फैंस काफी पसंद करते हैं। मगर, करीब दो महीने से अनुपम खेर की अपनी मां से मुलाकात नहीं हुई है। मां को याद करते हुए अनुपम खेर ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर किया है।
मां को याद कर रहे एक्टर
अनुपम खेर अपने नाटक के सिलसिले में लगातार यात्राओं पर हैं। इसके चलते वे अपनी मां से भी लंबे वक्त से नहीं मिले हैं। हालांकि, रोजाना वीडियो कॉल पर बात हो रही है। अभिनेता मां को याद कर रहे हैं। वहीं, मां को भी चिंता सता रही है कि कहीं बेटा भूल तो नहीं गया। अनुपम खेर ने आज गुरुवार को एक पोस्ट शेयर किया है, जो काफी इमोशनल है।
क्यों भर आईं अनुपम खेर की आंखें?
अनुपम खेर ने इंस्टाग्राम पर साझा किए पोस्ट में लिखा है, 'मां से मिले लगभग दो महीने हो गए हैं। रोज राजू के फोन पर फेसटाइम पर बात होती है। मां स्मार्टफोन नहीं चाहती है। आज बात करते-करते बोलीं, 'तू कब आएगा? कितने दिन हो गए तुझसे मिले हुए। तू मेरी शक्ल भूल तो नहीं गया'? सुनकर हंसी भी आई और आंखें भी भर आईं। कितनी मासूम है मां। मैं उनकी शक्ल देखते हुए ही तो उनसे बात कर रहा था। लेकिन फिर लगा, मैं समझ रहा हूं कि वो क्या कहना चाहती हैं।
बोले- 'मेरी पूरी दुनिया मां के आंचल में है'
अभिनेता ने आगे लिखा है, 'जब तक गले न लगा लें, पास बैठकर जी भर के बातें न कर लें, तब तक मां के लिए कहां मिलना होता है। फोन पर चेहरा दिख जाता है, लेकिन बच्चे के घर आने का इंतजार तो वहीं का वहीं रहता है'।
एक्टर ने लिखा, 'मां ने फिर कहा, 'अच्छा चल, अपना ख्याल रख। कोई बात नहीं। कोई बात नहीं। उनके इस 'कोई बात नहीं' में भी कितना कुछ था। कैसे बताऊं तुझे, मां कि तेरी शक्ल तो मेरे दिल में बसी हुई है। आंखें बंद करता हूं तो तेरे हजारों चेहरे नजर आते हैं। कभी हंसते हुए, कभी डांटते हुए। कभी फिक्र करते हुए और हर बार उतना ही प्यार करते हुए। तेरी शक्ल कैसे भूल सकता हूं, मां? मेरी तो पूरी दुनिया ही तेरे आंचल में है'।