‘तुम अमिताभ बच्चन और धर्मेंद्र के आसपास भी नहीं हो’, एक्टर बनने पर आयुष शर्मा के पिता ने मारा था ताना
Aayush Sharma: सलमान खान के बहनोई होने के बावजूद आयुष शर्मा के लिए बॉलीवुड में शुरुआत आसान नहीं थी। यहां तक कि उनके पिता ने भी उनकी मदद करने से इनकार कर दिया था। जानिए फिर कैसे आयुष को मिली उनकी पहली फिल्म…
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सलमान खान के बहनोई व अभिनेता आयुष शर्मा ने साल 2018 में आई फिल्म ‘लवयात्री’ से अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद वो सलमान खान के साथ फिल्म ‘अंतिम’ में भी नजर आए। हाल ही में आयुष ने अपने संघर्ष के बारे में बात की। साथ ही उन्होंने बताया कि उनके पिता ने भी एक्टर बनने के उनके फैसले का विरोध किया था और रुपए देने तक से स्पष्ट मना कर दिया था।
कॉलेज में कम अटेंडेंस के चलते घर पर पहुंचा फोन
साइरस ब्रोचा के साथ हालिया बातचीत में आयुष शर्मा ने बताया कि वो मुंबई में जय हिंद कॉलेज से बीएमएस की पढ़ाई करने के बहाने आए थे। उस समय वो बांद्रा में किराए के एक अपार्टमेंट में रहते थे और घर में नौकर रखते थे। उन्होंने अपने पिता को कार खरीदने के लिए भी मना लिया था। हालांकि, हालात तब बदल गए जब कॉलेज ने उनकी कम अटेंडेंस पर ध्यान दिया।
एक्टर ने बताया कि कॉलेज से मेरे पिताजी को फोन आया और बताया गया कि आपके बेटे की अटेंडेंस 9 प्रतिशत है। मेरे पिताजी मुंबई आए, उन्हें बहुत शर्मिंदगी हुई। मेरी मां भी बहुत परेशान थीं और उन्होंने कहा, ‘हमने तुम्हें क्या-क्या नहीं दिया, हमने तुम्हें घर दिया, गाड़ी दी और तुमने हमें शर्मिंदा कर दिया। हमने पूरे परिवार को बताया था कि हमारा बच्चा मुंबई जा रहा है और वहां कुछ कर दिखाएगा।
पिता ने नहीं किया एक्टर बनने का समर्थन
बातचीत के दौरान आयुष ने अभिनेता बनने के अपने सपने के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि मैंने अपने पिताजी से कहा कि मैं अभिनेता बनना चाहता हूं। मैंने उन्हें अपना फोटोशूट और अपने अभिनय की सीडी दिखाई। यह मेरे जीवन का एक बहुत ही महत्वपूर्ण पल था। लेकिन प्रोत्साहन के बजाय मुझे आलोचना का सामना करना पड़ा।
मेरे पिता ने कहा, ‘न तो तुम लंबे हो, न तुम्हारा शरीर सुडौल है, न तुम्हारी आवाज अच्छी है, न तुम सुंदर हो। तुम्हारा कोई व्यक्तित्व ही नहीं है। जब तुम सड़क पर चलते हो, तो कोई तुम्हें देखता भी नहीं। क्या कभी किसी ने तुमसे कहा है कि तुम अभिनेता बन सकते हो? तुम बच्चन साहब के आस-पास भी नहीं हो, तुम धर्मेंद्र के आस-पास भी नहीं हो। तुम कभी हीरो नहीं बनोगे। मैं तुम्हें स्क्रीन पर देखने के लिए 50 रुपये भी नहीं दूंगा।’
पिता ने पैसे देने को कर दिया था मना, फिर ऐसे माने
आयुष के पिता ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि वो इस रास्ते का समर्थन नहीं करेंगे। उन्होंने कहा, ‘मैंने तुम्हें पैसा दिया है, मैंने तुम्हें बहुत सहारा दिया है। तुम अपना सामान पैक करो, हिमाचल आओ और अपना काम करो।’ आर्थिक रूप से अलग-थलग पड़ जाने पर आयुष अकेले पड़ गए। उनकी बचत भी खत्म हो गई। एक्टर ने कहा कि हालात इस हद तक बिगड़ गए थे कि मेरे पास सिर्फ 20 रुपये बचे थे।
मेरे दोस्त ने मुझे फोन करके बताया कि उसे 50,000 रुपये प्रति माह की नौकरी मिल गई है। जब उसे मेरी हालत के बारे में पता चला, तो अगली सुबह मेरे खाते में 50,000 रुपये जमा हो गए। मैं हिमाचल वापस गया और पापा से कहा कि मुझे अपना करियर शुरू करने के लिए 10 करोड़ रुपये चाहिए। किसी ने मुझे यही रकम बताई थी। उन्होंने कहा, ‘बेटा, तूने देखा है कभी लंगड़े घोड़े पर पैसा लगाते हुए? मैं तो चलो 10 करोड़ बेटा समझकर दे भी दूंगा, लेकिन तेरे को देखने कौन आएगा?’ आखिरकार उनके दादाजी ने पापा को उन्हें एक और मौका देने के लिए राजी किया।