‘अक्षय कुमार की फिल्म में मोटी होने के कारण मिला रोल’, अंजलि आनंद ने बताई इंडस्ट्री की सच्चाई
Anjali Anand: अंजलि आनंद ने इंडस्ट्री की सोच के बारे में बात की। उन्होंने बताया कि प्लस साइज लोगों को लेकर क्या है बॉलीवुड की सोच…
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अभिनेत्री अंजलि आनंद इन दिनों अपनी हालिया रिलीज फिल्म ‘धमाल 4’ को लेकर चर्चाओं में हैं। इस बीच हाल ही में एक्ट्रेस ने बताया कि कैसे फिल्मों में प्लस-साइज एक्टर्स को अक्सर सिर्फ कॉमेडी करने या स्टीरियोटाइप को दिखाने के लिए कास्ट किया जाता है। उन्होंने कहा कि उन्हें अक्षय कुमार की फिल्म 'बेल बॉटम' में इसलिए कास्ट किया गया था क्योंकि वह मोटी हैं और ताकि एक टेररिस्ट उन पर गिर सके। उन्होंने कहा कि जब लोग इन चीजों का मजाक उड़ाते हैं तो उन्हें बुरा लगता है।
उनके हिसाब से मैं तय मानकों पर खरी नहीं उतरती
स्क्रीन के साथ बातचीत में अंजलि आनंद ने अक्षय कुमार की फिल्म को लेकर कहा कि मैं 'बेल बॉटम' में सिर्फ इसलिए थी ताकि एक टेररिस्ट मुझ पर गिर सके और फिल्म में पकड़ा जा सके। मुझे ऐसे रोल इसलिए मिलते हैं क्योंकि मैं मोटी हूं।
जब लोग सिर्फ इसका मजाक उड़ाने की कोशिश करते हैं तो बुरा लगता है। वे यह भी नहीं देखते कि मैं अच्छी एक्टर हूं या नहीं। वे बस मेरे शरीर को देखकर मुझे जज करते हैं। उनके हिसाब से मैं तय मानकों पर खरी नहीं उतरती, लेकिन उनके लिए तो दीपिका पादुकोण और ऐश्वर्या राय भी काफी नहीं हैं।
शाहरुख खान और अमिताभ बच्चन को भी आलोचना का सामना करना पड़ा है। ये बस ऐसे लोग हैं जो सिर्फ इसलिए अपनी राय देना चाहते हैं क्योंकि वे ऐसा कर सकते हैं। उनकी सोच आपकी असलियत नहीं बदलेगी।
एक्ट्रेस ने आगे बताया कि रणवीर सिंह की फिल्म 'रॉकी और रानी की प्रेम कहानी' के बाद उन्हें एक खास तरह के रोल के लिए ही टाइपकास्ट किया जाने लगा। 'रॉकी और रानी की प्रेम कहानी' में मेरे किरदार ने बॉडी शेमिंग के खिलाफ स्टैंड लिया।
ऐसा पहले कभी नहीं हुआ था। पहले फिल्म में मोटी लड़की का मतलब बस एक ऐसी लड़की होती थी जो ढेर सारा खाना खाती रहती थी। वह सिर्फ कॉमेडी के लिए होती थी, जैसे कोई उस पर गिर रहा है या वह बर्गर खा रही है।
किसी ने कभी किसी मोटे इंसान को अपनी बात रखते हुए नहीं देखा था। जब मुझ पर इतना ध्यान दिया जाता है, तो मुझे डर लगता है, क्योंकि बुरे लोग भी मेरे बारे में बात करेंगे और मुझे ट्रोल करेंगे। असल जिंदगी में मुझे कभी ऐसा स्टैंड लेने की जरूरत नहीं पड़ी।
किसी में भी मेरे पास आकर कुछ कहने की हिम्मत नहीं है। कोई भी सबसे पहले मेरा वजन नहीं देखता। मेरी निजी जिंदगी में लोग मुझे मेरे व्यक्तित्व के लिए पसंद करते हैं। 'रॉकी और रानी की प्रेम कहानी' ने इंडस्ट्री का नजरिया बदला, लेकिन इसने मुझे एक खास दायरे में भी डाल दिया, जिसे मैंने 'डब्बा कार्टेल' और 'रात जवान है' के जरिए बदलने की कोशिश की।