32 साल बाद वहीं पहुंचे अनुपम खेर, जहां शूट हुआ था ‘डीडीएलजे’ का ‘जा सिमरन जा…’ वाला फेमस सीन; कर डाली ये मांग
Anupam Kher: अनुपम खेर ने डीडीएलजे के वायरल सीन ‘जा सिमरन जा जी ले अपनी जिंदगी’ को याद किया। अभिनेता उसी रेलवे स्टेशन पर पहुंचे, जहां यह फिल्माया गया था। जानिए इस दौरान अनुपम ने सरकार से की क्या खास मांग…
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अभिनेता अनुपम खेर ने 30 साल पुराने अपनी फिल्म ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ को एक खास तरीके से याद किया है। अनुपम फिल्म से जुड़े उस मशहूर रेलवे ट्रैक पर पहुंचे, जहां फिल्म का शाहरुख खान और काजोल पर फिल्माया गया सबसे लोकप्रिय सीन शूट हुआ था। इस दौरान अनुपम ने डीडीएलजे की पुरानी यादों को ताजा किया। साथ ही उन्होंने सरकार से ऐसे स्थानों को पर्यटन स्थल घोषित करने की भी अपील की।
32 साल बाद फिर वहीं शूटिंग करने पहुंचे अनुपम खेर
अनुपम खेर ने अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा किया है, इसमें वो एक रेलवे प्लेटफॉर्म पर नजर आ रहे हैं। वीडियो में अनुपम बताते हैं कि ये वो ही रेलवे ट्रैक है जहां पर शाहरुख खान और काजोल की ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर और कल्ट फिल्म ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ का यादगार सीन शूट हुआ था।
यहां फिल्म का लास्ट ‘जा सिमरन जा जी ले अपनी जिंदी’ वाला आइकॉनिक सीन शूट हुआ था। जिसके बाद सिमरन (काजोल) प्लेटफॉर्म पर दौड़ते हुए राज (शाहरुख खान) का हाथ पकड़कर ट्रेन पर चढ़ती है।
इसके साथ अनुपम खेर ने कैप्शन में लिखा ‘32 साल बाद उसी जगह पर शूटिंग करना एक बेहद भावुक और यादगार अनुभव था, जहां हमने 'दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे' का राज और सिमरन का मशहूर सीन फिल्माया था। यकीन ही नहीं होता कि इतने साल बीत गए हैं।’
महाराष्ट्र सरकार से की रेलवे स्टेशन को पर्यटन स्थल घोषित करने की मांग
अपने कैप्शन में अनुपम ने आगे कहा, ‘उस समय शूटिंग के दौरान मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि शाहरुख खान और काजोल का सीन भारतीय सिनेमा के सबसे यादगार पलों में से एक बन जाएगा। लेकिन शायद यही जीवन की खूबसूरती है। किसी पल की लोक्रियता और महानता का एहसास बहुत बाद में होता है।
आज भी वहां ( महाराष्ट्र के रायगढ़ का आप्टा स्टेशन) खड़े होकर लगा जैसे समय थोड़ी देर के लिए ठहर गया हो। मेरी दिल से इच्छा है कि महाराष्ट्र सरकार इस जगह को एक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करे।
दुनिया भर में फिल्मों की ऐसी लोकेशन्स लोगों के लिए यादों और भावनाओं का हिस्सा बन जाती हैं। हमारे यहां भी सिनेमा की इस विरासत को उसी सम्मान के साथ सहेजना चाहिए। जादू सिर्फ फिल्मों में नहीं होता, कुछ जगहों में भी बस जाता है।
साल 1995 में आई ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ आदित्य चोपड़ा द्वारा निर्देशित हिंदी सिनेमा की एक कल्ट फिल्म है। इसे कई पीढ़ियों ने पसंद किया है। यह रोमांटिक ड्रामा राज और सिमरन की कहानी है, जो लंदन में रहने वाले एनआरआई हैं और यूरोप यात्रा के दौरान एक-दूसरे के प्यार में पड़ जाते हैं। लेकिन भारत लौटने पर उन्हें घरवालों के विरोध का सामना करना पड़ता है। इसने 10 फिल्मफेयर अवॉर्ड जीते और मुंबई के मराठा मंदिर सिनेमाघर में 30 साल से अधिक समय तक चली।