जब घरवालों को लगा लड़का अंडरवर्ल्ड के गिरोह में शामिल हो गया है, ‘बॉर्डर 2’ के लेखक ने सुनाया मजेदार किस्सा
Sumit Arora: मौजूदा वक्त में इंडस्ट्री के लीडिंग डायलॉग राइटर्स में शामिल सुमित अरोड़ा ने अपने साथ हुए एक मजेदार किस्से को साझा किया। जानिए आखिर क्यों उनके घरवालों को लगा वो अंडरवर्ल्ड के किसी गिरोह में शामिल हो गए हैं…
विस्तार
‘बॉर्डर 2’, ‘जवान’ और ‘स्त्री’ जैसी शानदार फिल्मों के डायलॉग लिखने वाले सुमित अरोड़ा मौजूद वक्त के प्रमुख फिल्म लेखकों में से एक हैं। आज सफलता का स्वाद चख रहे सुमित ने टेलीविजन से अपनी शुरुआत की थी। लेकिन जब उन्होंने अच्छे पैसे कमाने शुरू किए तो उनके घर वाले भी हैरान रह गए। यही नहीं उनको शक हुआ कि कहीं सुमित मुंबई के किसी गैंग में तो शामिल नहीं हो गए।
बालाजी टेलीफिल्म्स में ट्रेनी के तौर पर किया काम
हिंदुस्तान टाइम्स के साथ बातचीत में सुमित अरोड़ा ने अपने सफर के बारे में बात की। उन्होंने बताया कि मैं 18 साल की उम्र में मुंबई आया था, मुझे अंग्रेजी बहुत कम आती थी और राइटिंग का भी कोई अनुभव नहीं था। बस मुझे साधारण लिखना आता था। मुझे फिल्मों में कोई काम नहीं मिला। मेरे पास सिर्फ 4000 रुपये थे, जो 10 दिनों में खत्म हो जाते। मैंने बालाजी टेलीफिल्म्स में ट्रेनी राइटर के तौर पर काम शुरू किया, जिससे मुझे रहने की जगह और अच्छा पैसा मिलने लगा। अब मैं उस अनुभव के लिए आभारी हूं। इसने मुझे बहुत कुछ सिखाया और कम उम्र में ही सफलता और पैसा दिलाया।
कम उम्र में ज्यादा पैसा कमाता देख घरवालों को हुई हैरानी
सुमित सिर्फ सिर्फ 20 साल की उम्र में अच्छा कमाने लगे थे। लेकिन इतनी कम उम्र में उन्हें लाखों रुपए कमाता देख उनके घर वाले ही हैरान थे। एक मजेदार किस्से को साझा करते हुए सुमित ने बताया कि मैं कम उम्र में ही बहुत पैसा कमा रहा था। दो साल के अंदर ही मैं अपने पिता की तनख्वाह से 10-15 गुना ज्यादा कमाने लगा। ऐसा देख मेरे पिता को बताया गया कि मैं मुंबई के किसी अंडरवर्ल्ड गिरोह में शामिल हो गया हूं। उन्हें बताया गया, ‘तुम्हारा बेटा क्या कर रहा है, इतने पैसे कहां से आ रहे हैं’। अब तो मुझे हंसी आती है, लेकिन उस समय यह एक गंभीर बातचीत थी।
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‘जवान’, ‘स्त्री’ और ‘बॉर्डर 2’ के लिखे डायलॉग
टीवी के लिए लिखने के बाद साल 2015 में सुमित ने एक शॉर्ट फिल्म बनाई। फिर उनकी मुलाकात ‘स्त्री’ के निर्देशक अमर कौशिक से हुई। इसके बाद उन्होंने ‘स्त्री’ के डायलॉग लिखे। फिल्म के डायलॉग्स हिट रहे। यहीं से सुमित की गाड़ी चल पड़ी। फिर उन्होंने मनोज बाजपेयी की लोकप्रिय सीरीज ‘द फैमिली मैन’ के लिए लिखा और फिर उनके हाथ लगी शाहरुख खान की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘जवान’। ‘जवान’ के डायलॉग लिखने के बाद सुमित ने हाल ही में रिलीज हुई फिल्म ‘बॉर्डर 2’ के भी डायलॉग लिखे हैं। हालांकि, सुमित इन सभी फिल्मों में ‘स्त्री’ को अपनी फेवरिट बताते हैं, क्योंकि यह उनकी पहली फिल्म थी।