'अब नितेश को मेरा पति कहकर बुलाते हैं लोग', बोलीं, पंगा के बाद घर की मुर्गी लेकर आईं अश्विनी तिवारी
- ये एक शॉर्ट फिल्म है और इसे ब्रिक्स देशों की एक योजना के तहत भारत की प्रतिनिधि फिल्म के रूप में बनाया गया है
- अश्विनी को ये शिकायत रही है कि उन्हें बहुत दिनों तक उनके पति नितेश तिवारी के नाम से ही पहचाना जाता रहा
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कंगना रनौत की फिल्म पंगा इस साल की उन चर्चित महिला प्रधान फिल्मों में शामिल है जिनकी तारीफ तो बहुत हुई लेकिन बॉक्स ऑफिस पर लोग इन्हें देखने नहीं आए। लेकिन, पंगा की निर्देशक अश्विनी अय्यर तिवारी इससे हताश नहीं हैं। वह अब लेकर आई हैं अपना नई फिल्म, घर की मुर्गी। ये एक शॉर्ट फिल्म है और इसे ब्रिक्स देशों की एक योजना के तहत भारत की प्रतिनिधि फिल्म के रूप में बनाया गया है।
फिल्म घर की मुर्गी के बारे में अश्विनी बताती हैं, “पिछले साल ब्रिक्स सम्मेलन शामिल देशों को एक-एक शॉर्ट फिल्म बनाने की योजना मिली जिसे एक संकलन के रूप में पेश किया जाएगा। 'हाफ द स्काई' नाम की ये पहल महिला सशक्तिकरण की है। चीन इस पर फिल्म बना चुका है। ये हमारी फिल्म है। लेकिन ये फिल्म सिर्फ महिला सशक्तिकरण के बारे में ही नहीं है। ये फिल्म गृहणियों को हमारा सलाम है। घर पर काम करने वाली महिला का आदर भी होना चाहिए। ये फिल्म यही संदेश देती है।”
अश्विनी को ये शिकायत रही है कि उन्हें बहुत दिनों तक उनके पति नितेश तिवारी के नाम से ही पहचाना जाता रहा। वह कहती हैं, “मुझे दो फिल्मफेयर अवार्ड मिल चुके हैं। उससे पहले सब यही कहते थे कि यह नितेश तिवारी की पत्नी है। जबकि हकीकत यह है कि मैं शुरुआत से ही लगातार काम कर रही हूं। लेकिन फिर भी मुझे नितेश की पत्नी बुलाया जाता था। अब समय बदला है अब नितेश को मेरा पति कहकर बुलाया जाता है।
'निल बटे सन्नाटा' में 'बरेली की बर्फी' में और फिर 'पंगा' में भोपाल, तो अश्विनी अब किस शहर की सैर कराने वाली हैं? सवाल सुनते ही अश्विनी हंस पड़ती हैं, फिर कहती हैं, “अगला शहर मैं बहुत जल्द बताऊंगी। मेरी अगली फिल्म 'नारायणमूर्ति कृष्णमूर्ति' के लिए मुझे बेंगलुरु, पेरिस, न्यूयॉर्क, पुणे आदि शहरों में जाना पड़ेगा। लेकिन मैं एकता कपूर के साथ भी एक फिल्म कर रही हूं, जिसका खुलासा होते ही पता चल जाएगा कि मेरा अगला शहर कौन सा है।
हिंदी सिनेमा में एनआरआई फिल्मों का फैशन जाने और हिंदी पट्टी की कहानियों के लौटने पर भी अश्विनी टिप्पणी करती हैं। वह कहती हैं, “एक समय था जब हवाई जहाज से यात्रा करने का मौका मिलने पर पेड़े बंटते थे। पिज्जा और इटालियन खाना सिर्फ बड़े शहरों के चोंचले हुआ करते थे। एक फोन कॉल पर अब सब मिल जाता है। शहरों के लोग वापस दाल, चावल, रोटी पर लौट रहे हैं। महिलाएं सलवार कमीज और साड़ी पहनने का बहाना ढूंढने लगी हैं। समय के साथ लोगों को भी बदलना चाहिए, सिनेमा भी बदल रहा है।” अश्विनी अय्यर तिवारी की नई फिल्म घर की मुर्गी महिला दिवस यानी 8 मार्च को सोनी लिव पर रिलीज होगी।
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