‘यह युद्ध विरोधी फिल्म’, ‘इक्कीस’ की आलोचना पर एकावली खन्ना ने दी प्रतिक्रिया; ‘धुरंधर’ से तुलना पर कही ये बात
Ekavali Khanna On Ikkis Criticism: फिल्म ‘इक्कीस’ की आलोचना पर अब अभिनेत्री एकावली खन्ना ने प्रतिक्रिया दी है। जानिए उन्होंने क्या कुछ कहा…
विस्तार
अगस्त्य नंदा और धर्मेंद्र की फिल्म ‘इक्कीस’ साल की शुरुआत में रिलीज हुई थी। फिल्म को क्रिटिक्स ने काफी सराहा था। हालांकि, बॉक्स ऑफिस पर फिल्म कोई कमाल नहीं दिखा पाई। इस बीच फिल्म को लेकर अब आलोचनाएं भी हो रही हैं। ट्रोलर्स का कहना है कि फिल्म में पाकिस्तान की तारीफ दिखाई गई है। अब इन आरोपों पर फिल्म का हिस्सा रहीं अभिनेत्री एकावली खन्ना ने प्रतिक्रिया दी है।
कहानी के असली सार को दरकिनार करती हैं आलोचनाएं
बॉलीवुड हंगामा से बातचीत में एकावली खन्ना ने ‘इक्कीस’ फिल्म की हो रही आलोचना पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की प्रशंसा करने का आरोप बेतुका है और फिल्म मानवता की बात करती है, राजनीति की नहीं। फिल्म में मरियम का किरदार निभाने वाली एक्ट्रेस ने कहा कि यह आक्रोश कहानी के असली सार को नजरअंदाज करता है। दुख, ईमानदारी और युद्ध से होने वाले नुकसान। यह बहुत ही निजी मामला है। इसलिए मुझे नहीं लगता कि मुझे उन लोगों की आलोचना करने का अधिकार है जो इससे असहज हैं। लेकिन मैं अपने बारे में बोल सकती हूं। यह एक युद्ध-विरोधी फिल्म है। आजकल हम दुश्मनी, शत्रु खेमे आदि की इन जटिल शब्दावली में इतने उलझे हुए हैं। यह फिल्म इससे कहीं आगे बढ़कर बहुत कुछ दर्शाती है।
यह खबर भी पढ़ेंः ‘फोटो खिंचाने के बहाने उन्होंने मेरी कमर छुई और फिर…’, मौनी रॉय के साथ एक इवेंट में हुई छेड़छाड़; जताई नाराजगी
‘धुरंधर’ से ‘इक्कीस’ की तुलना करना गलत
एकावली ने कहा कि यह एक पिता और पुत्र की मार्मिक कहानी है। साथ ही पाकिस्तानी पक्ष के नजरिए से भी यह एक मार्मिक कहानी है। यह मानवतावादी फिल्म है। यह किसी भी स्तर पर पाकिस्तानी समर्थक फिल्म नहीं है। इसे पाकिस्तानी समर्थक फिल्म कैसे कहा जा सकता है? ‘धुरंधर’ से ‘इक्कीस’ की तुलना किए जाने पर एक्ट्रेस ने कहा कि दोनों फिल्मों की तुलना करना अनुचित है। हवाई अड्डे पर हुई एक बातचीत को याद करते हुए अभिनेत्री ने कहा कि रचनात्मक रूप से और संवेदनशीलता के लिहाज से मैं हमेशा ‘धुरंधर’ के बजाय ‘इक्कीस’ को चुनूंगी। ऐसे सवाल अक्सर सुर्खियां बटोरने के उद्देश्य से पूछे जाते हैं। उनके लिए, फिल्म की उपलब्धि ही सबसे महत्वपूर्ण है। मुझे खुशी इस बात की है कि इस फिल्म की बदौलत अरुण खेतरपाल की कहानी को और अधिक लोग जान पाएंगे।