Golden Globe Awards: ‘दो आंखें बारह हाथ’ से लेकर एआर रहमान तक; गोल्डन ग्लोब में अब तक कैसा रहा भारत का सफर
Golden Globe Awards For India: गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड्स फिल्म और टेलीविजन जगत के सबसे चर्चित अवॉर्ड्स में शामिल हैं। हर साल की तरह इस साल भी जनवरी में गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड आयोजित होने जा रहे हैं। इससे पहले जानिए गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड्स में कैसा रहा भारत का इतिहास…
विस्तार
83वें गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड्स का आयोजन 11 जनवरी को लॉस एंजिल्स के बेवर्ली हिल्टन होटल में किया जाएगा। इसमें फिल्म, टेलीविजन और पहली बार पॉडकास्ट के क्षेत्र में इस साल शानदार काम करने वालों को सम्मानित किया जाएगा। हालांकि, भारत में इस अवॉर्ड्स समारोह का प्रसारण सोमवार यानी 12 जनवरी को सुबह छह बजे होगा। इससे पहले जानते हैं अब तक गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड में कैसा रहा भारत का सफर? किस भारतीय फिल्म या कलाकार को मिला गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड और कौनसी फिल्में व कलाकार हुए नामित। यहां जानें सब कुछ…
‘दो आखें बारह हाथ’ को मिला था गोल्डन ग्लोब
साल 1944 में शुरु हुए गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड में भारत को पहली उपलब्धि साल 1957 में मिली। जब दिग्गज फिल्ममेकर वी. शांताराम की फिल्म ‘दो आंखें बारह हाथ’ को गोल्डन ग्लोब में नॉमिनेशन मिला। साथ ही इस फिल्म ने एक स्पेशल अचीवमेंट अवॉर्ड भी अपने नाम किया। ‘दो आंखें बारह हाथ’ को सैमुअल गोल्डविन अंतर्राष्ट्रीय फिल्म अवॉर्ड मिला था।
‘गांधी’ फिल्म ने लहराया था परचम
‘दो आंखें बारह हाथ’ के लगभग 26 साल बाद साल 1983 में रिचर्ड एटनबर्ग की फिल्म ‘गांधी’ ने गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड में परचम लहराया था। इस फिल्म ने कई कैटेगरी में अवॉर्ड जीता था। ‘गांधी’ को सर्वश्रेष्ठ अभिनेता, निर्देशक, स्क्रीनप्ले, नया कलाकार और सर्वश्रेष्ठ विदेशी फिल्म की कैटेगरी में अवॉर्ड मिला था।

मीरा नायर की ‘सलाम बॉम्बे’ और ‘मानसून वेडिंग’ को मिला नॉमिनेशन
‘गांधी’ के बाद साल 1989 में मीरा नायर की फिल्म ‘सलाम बॉम्बे’ को गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड्स में सर्वश्रेष्ठ विदेशी भाषा की फिल्म की कैटेगरी में नॉमिनेशन मिला था। हालांकि, फिल्म यह पुरस्कार अपने नाम नहीं कर सकी थी। तब यह अवॉर्ड 'पेल द कॉन्करर' को मिला था।
इसके बाद साल 2002 में एक बार फिर मीरा नायर की फिल्म ‘मानसून वेडिंग’ गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड्स में सर्वश्रेष्ठ विदेशी भाषा फिल्म की कैटेगरी में नामित हुई। लेकिन यहां भी मीरा नायर को निराशा मिली और अवॉर्ड 'क्राउचिंग टाइगर, हिडन ड्रैगन' को मिला।

2009 में एआर रहमान बने गोल्डन ग्लोब जीतने वाले पहले भारतीय
1983 में ‘गांधी’ के अवॉर्ड जीतने के बाद भारत के लिए गोल्डन ग्लोब से अच्छी खबर सीधे 2009 में आई, जब दिग्गज संगीतकार एआर रहमान को ‘बेस्ट ओरिजिनल म्यूजिक स्कोर’ की कैटेगरी में यह पुरस्कार मिला था। रहमान ने फिल्म ‘स्लमडॉग मिलेनियर’ के लिए इस अवॉर्ड को अपने नाम किया था। इसके साथ ही एआर रहमान व्यक्तिगत रूप से गोल्डन ग्लोब जीतने वाले पहले भारतीय भी बने। इसके बाद साल 2011 में रहमान को एक बार फिर फिल्म ‘127 ऑवर्स’ के लिए गोल्डन ग्लोब में बेस्ट स्कोर का नॉमिनेशन मिला था। हालांकि, इस बार रहमान ये अवॉर्ड अपने नाम करने से चूक गए थे।

‘नाटू नाटू’ ने फिर किया कमाल
एआर रहमान के गोल्डन ग्लोब जीतने के लगभग 14 साल बाद भारत के लिए एसएस राजामौली की फिल्म ‘आरआरआर’ गोल्डन ग्लोब में खुशखबरी लाई। ‘आरआरआर’ को दो कैटेगरी में नॉमिनेशन मिला था, लेकिन फिल्म के गीत ‘नाटू नाटू’ को बेस्ट ओरिजिनल सॉन्ग की कैटेगरी में यह अवॉर्ड हासिल हुआ। इस गाने में दिग्गज संगीतकार एमएम कीरवानी ने संगीत दिया है। जबकि गाने को आवाज दी है राहुल सिप्लीगंज और काल भैरव ने। हालांकि, ‘आरआरआर’ 'बेस्ट नॉन-इंग्लिश लैंग्वेज फिल्म' कैटेगरी में भी नामित थी, लेकिन यहां अवॉर्ड जीतने से चूक गई।
इस साल होने वाले 83वें गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड में भारत की किसी फिल्म को नॉमिनेशन नहीं मिला है। हालांकि, भारतीय स्टार प्रियंका चोपड़ा इस बार गोल्डन ग्लोब के मंच पर दिखेंगी। प्रियंका गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड के प्रेजेंटर्स में शामिल हैं, यानी वो मंच पर अन्य कलाकारों के साथ विजेता को अवॉर्ड देने पहुंचेंगी। प्रियंका इससे पहले साल 2017 और 2020 में भी गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड में नजर आ चुकी हैं।