‘75 दिन जेल में रहा और हॉन्टेड अधूरी पड़ी रही…’ निर्देशक विक्रम भट्ट ने फिल्म रिलीज के बाद बयां किया अपना दर्द
Vikram Bhatt Recalls 75 days in Prison: फिल्म ‘हॉन्टेड 3डी’ बनने के दौरान निर्देशक विक्रम भट्ट को कई दिन जेल में रहना पड़ा था। जेल से निकलने के बाद फिल्म को पूरा करने का संकट उनके सामने था। कई परेशानियों के बीच कैसे बनी यह फिल्म? इस बारे में विक्रम भट्ट ने सोशल मीडिया के जरिए अपने फैंस को बताया है।
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इन दिनों विक्रम भट्ट निर्देशित फिल्म ‘हॉन्टेड 3डी’ सिनेमाघरों में बढ़िया कलेक्शन कर रही है। इस फिल्म को मिली प्रतिक्रिया से निर्देशक काफी खुश हैं। हाल ही में एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए उन्होंने ‘हॉन्टेड 3डी’ बनने के दौरान आई मुश्किलों, अपने 75 दिन जेल में रहने की तकलीफों का जिक्र किया। साथ ही मुश्किल घड़ी में साथ खड़े करीबी लोगों का भी शुक्रिया अदा किया। दर्शकों का भी खूब आभार व्यक्त किया।
ब्याज पर पैसे लेकर बनाई फिल्म
विक्रम भट्ट एक इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखते हैं, ‘ढाई साल पहले ‘हॉन्टेड 3डी इकोस ऑफ द पास्ट’ की शुरुआत एक आम फिल्म की तरह हुई थी। शूटिंग शुरू होने के दस दिन बाद ही पैसे खत्म हो गए। ज्यादातर फिल्में यहीं दम तोड़ देती हैं लेकिन यह फिल्म नहीं रुकी। हमने ब्याज पर पैसे लिए, वेंडर्स से बातचीत की और किसी तरह शूटिंग जारी रखी। हर दिन एक मुश्किल चुनौती जैसा था। जब हालात कुछ संभलते दिखे, तो प्रोडक्शन से जुड़ी चुनौतियां आ गईं। फिर पोस्ट-प्रोडक्शन की चुनौतियां और उसके बाद वीएफएक्स की चुनौतियां सामने आईं। ऐसा लगा जैसे हर मुमकिन मुश्किल हम तक पहुंचने पर आमादा थी।
विक्रम भट्ट के जेल जाने के बाद ‘हॉन्टेड 3डी’ को लगा बड़ा झटका
विक्रम भट्ट आगे पोस्ट में कहते हैं, ‘और फिर ज़िंदगी ने सबसे ज़ोरदार झटका दिया। मुझे और मेरी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया गया। उन आरोपों में जिन्हें मैं आज भी झूठा मानता हूं। मैं 75 दिन जेल में रहा और 'हॉन्टेड' अधूरी पड़ी रही। फिल्म रुकी रही और उधार लिए गए पैसे पर ब्याज बढ़ता गया। मैंने सुझाव दिया कि फिल्म को मेरे बिना ही रिलीज कर दिया जाए लेकिन मिस्टर आनंद पंडित का जो जवाब मिला, वह आज भी मेरे जहन में है। उन्होंने कहा था- ‘विक्रम भट्ट नहीं, तो फ़िल्म रिलीज नहीं।’
विक्रम आगे कहते हैं, ‘जब मैं मुंबई लौटा तो पता चला कि पोस्ट-प्रोडक्शन का काम रुका हुआ था। जिन लोगों ने प्रोजेक्ट छोड़ने से इनकार कर दिया था, उनके साथ मिलकर हमने दिन में अठारह-बीस घंटे काम किया और फिल्म को पूरा करने के लिए हर जरूरी कोशिश की।’
विक्रम भट्ट ने दर्शकों को कहा शुक्रिया
अपनी पोस्ट में भावुक होते हुए विक्रम भट्ट लिखते हैं, ‘फिल्म को रिलीज की मंजूरी मिल गई। लेकिन कोर्ट के आदेश को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण इसे सीमित स्तर पर ही दिखाया जा सका। फिल्म कमजोर हालत में सिनेमाघरों तक पहुंची। फिर कुछ असाधारण हुआ, दर्शक फिल्म देखने आए। आखिरकार मैं बस यही चाहता था कि दुनिया 'हॉन्टेड' को देखे। आखिरकार ऐसा हुआ, हमारे लिए यही बात काफी थी।
साल 2002 में बतौर निर्देशक विक्रम भट्ट ने हॉरर जॉनर की पहली फिल्म ‘राज’ बनाई। यह फिल्म दर्शकों को खूब पसंद आई। विक्रम के काम को सराहा गया। इसके बाद विक्रम भट्ट ने हॉरर जॉनर की कई फिल्में बनाई, वह एक तरह से हॉरर जॉनर के मास्टर बन गए। डायरेक्टर की हॉरर फिल्मों की लिस्ट में ‘फियर’, ‘1920’, ‘शापित’, ‘हॉन्टेड थ्रीडी’, ‘राज थ्रीडी’, ‘क्रिएचर थ्रीडी’, ‘राज रीबूट’, ‘1921’, ‘गोस्ट’, ‘जुदा होगी भी’ जैसी मूवी शामिल हैं।