Remembering Sunil Dutt: 10 दिग्गज सितारों की सुनील दत्त से जुड़ी यादें, परेश रावल का किस्सा पढ़कर रो देंगे
दिग्गज अभिनेता और फिल्मकार सुनील दत्त ने अपने करियर में एक से बढ़कर एक हिट फिल्में बनाईं और तमाम सुपरहिट फिल्मों में अभिनय किया।
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बड़े भाई से भी बढ़कर थे: धर्मेंद्र
सुनील दत्त के साथ धर्मेंद्र का बहुत ही आत्मीय संबंध रहा है। सुनील दत्त से धर्मेंद्र हर छोटी सी छोटी बात शेयर करते थे। एक बार धर्मेंद्र बहुत परेशान थे तो उनसे मिलने गोवा चले गए। सुनील दत्त वहां किसी फिल्म की शूटिंग कर रहे थे। धर्मेंद्र ने बातें शुरू की तो रो पड़े। वह खुद बताते हैं, ‘मैं चार दिनों तक बस रोता ही रहा और इन चार दिनों तक सुनील दत्त ने एक बच्चे की तरह मेरी ध्यान रखा और मेरी समस्या का समाधान भी निकाला। वह मुझे अपने बच्चे की तरह मानते थे। मैं खुद को बहुत भाग्यशाली मानता हूं कि मुझे सुनील दत्त जैसा दोस्त मिला और वह न सिर्फ मेरे दोस्त थे बल्कि मेरे बड़े भाई से भी बढ़कर थे।'
पहले ‘एंग्री यंगमैन’ दत्त साहब ही थे: अमिताभ
महानायक अमिताभ बच्चन को भारतीय सिनेमा का ‘एंग्री यंग मैन कहा जाता है। अमिताभ बच्चन को यह खिताब उनकी हिट फिल्म 'जंजीर' से मिला। लेकिन, अमिताभ बच्चन का कहना है कि हिंदी सिनेमा के पहले एंग्री यंग मैन वह नहीं बल्कि सुनील दत्त हैं जिन्होंने 'मदर इंडिया' में बिरजू का किरदार निभाया था। फिल्म में बिरजू अपनी मां के कंगन के लिए सुखीलाला से बगावत कर बैठता है और एक खूंखार डाकू बन जाता है। सुनील दत्त के इस किरदार को देखें तो यह भी एंग्री यंगमैन था जो समाज के साहूकारों के खिलाफ अपनी आवाज उठाता है और अपना रास्ता खुद बनाता है।'
हमेशा ऋणी रहूंगा: शत्रुघ्न सिन्हा
अपने राजनीतिक कार्यकाल के दौरान सुनील दत्त ने बहुत सारे सामाजिक कार्य किए जिसमें से एक ड्रग्स और तंबाकू विरोधी अभियान भी था। एक इंटरव्यू के दौरान शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा था कि सुनील दत्त साहब ने अपने ड्रग्स और तंबाकू विरोधी अभियान में इसके दुष्परिणाम को लेकर युवाओं को समझाया था। कई लोगों ने उनसे बहुत कुछ सीखा, लेकिन मेरे लिए वह मेरे नशा विरोधी और तंबाकू विरोधी अभियान और मेरे सामाजिक और राजनीतिक जीवन में भी प्रेरणा के एक महान स्रोत थे। मैं उन्हें सलाम करता हूं और मैं उनका हमेशा ऋणी रहूंगा।'
सही मायने में एक संत थे: आशा पारेख
सुनील दत्त और आशा पारेख ने एक साथ कई हिट फिल्मों में काम कर चुके है। सुनील दत्त से जुड़ी यादों को साझा करते हुए आशा पारेख करती हैं, 'दत्त साहब भगवान के बच्चे थे। वह सच्चे अर्थों में संत थे। हमने राज खोसला की फिल्म 'चिराग' में साथ काम किया था, जिसमें मैंने एक अंधी लड़की की भूमिका निभाई थी। दत्त साहब ने मेरा इतना ख्याल रखा जैसे मैं वास्तव में अंधी हूं। एक बार उनके साथ फिल्म 'छाया' की शूटिंग कर रही थी। मैंने मजाक में उनके चप्पल छुपा दिए। पूरे दिन वह चप्पल ढूंढते रहे और फिर नंगे पैर घर चले गए, लेकिन उनको गुस्सा नहीं आया।’
सफेद बाल देखकर डर गए: वहीदा रहमान
अपने जमाने की दिग्गज अभिनेत्री वहीदा रहमान बताती हैं, 'अपनी चर्चित पदयात्रा के बाद सुनील दत्त अस्वस्थ हो गए थे और उनको अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जब मैं उनसे मिलने गई तो मेरे सफेद बाल देखकर वह डर गए और बोले, 'आपने अपने बालों को सफेद क्यों किया? मैंने कहा, 'सफेद नहीं किया है, बल्कि काला करना बंद कर दिया है। वह ऐसे इंसान थे कि हर छोटी सी छोटी बात का ध्यान रखते थे।'
दत्त साहब के साथ पूरी रात साथ बिताई: आमिर खान
अभिनेता आमिर खान ने एक बातचीत के दौरान इस बात का खुलासा किया था कि कैसे साल 1993 में बम ब्लास्ट और दंगों के दौरान उन्होंने सुनील दत्त के साथ पूरी रात बिताई थी। आमिर खान ने कहा, '93 में बम ब्लास्ट और दंगों के दौरान हिंदी सिनेमा का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री के पास गया था और उनसे दंगे रोकने के लिए सेना बुलाने का आग्रह किया। तय यह हुआ कि जब तक दंगे रोके नहीं जाते तब तक सभी मंत्रालय के सामने गांधी प्रतिमा के पास बैठेंगे। उस रात सुनील दत्त, यश चोपड़ा और जॉनी वाकर सहित पांच लोग साथ में बैठे। हमने पूरी रात एक दूसरे के किस्से सुने।'
मेरा नाम दत्त साहब का दिया है: रंजीत
अपने जमाने के मशहूर विलेन रहे रंजीत का नाम सुनील दत्त साहब का दिया नाम है। इस बात का खुलासा खुद रंजीत ने अपने एक इंटरव्यू के दौरान किया था। रंजीत का पहले नाम गोपाल बेदी नाम था। रंजीत के मुताबिक, ‘एक बार सुनील दत्त साहब ने उनके नाम पर चुटकी लेते हुए कहा कि गोपाल नाम के इंडस्ट्री में बहुत है, ऐसे में तुम्हें भी फिल्मी नाम रखना चाहिए। दत्त साहब ने कहा कि मेरा नाम भी बलराज था और दिलीप कुमार काम नाम यूसुफ हुआ करता था, हमने फिल्मी नाम रखा है। तुम किस अक्षर से नाम रखना चाहते हो, तब मैंने कहा कि आर अक्षर से नाम सही रहेगा। तब दत्त साहब ने मुझे रंजीत नाम दिया। तब से लेकर आजतक मुझे लोग रंजीत के ही नाम से जानते हैं।’
जब मिला दत्त साहब का पत्र: परेश रावल
सुनील दत्त अपने करीबियों और परिचितों को अक्सर जन्मदिन की बधाई पत्र लिखकर देते थे। इस बात का खुलासा अभिनेता परेश रावल ने अपने एक इंटरव्यू के दौरान किया। सुनील दत्त साहब से परेश रावल के बहुत ही आत्मीय संबंध रहे हैं। फिल्म 'संजू' में परेश रावल ने सुनील दत्त का किरदार निभाया था। परेश रावल कहते हैं, 'जब दत्त साहब की मृत्यु हुई तो मैंने अपनी अपनी पत्नी स्वरूप संपत को फोन करके बताया कि मैं घर देर से आऊंगा। पत्नी ने मुझसे कहा कि सुनील दत्त की ओर से आपके लिए एक पत्र आया है। मैंने उससे पूछा कि पत्र में क्या लिखा है? पता चला कि ये जन्मदिन की बधाई का पत्र है और इस दिन के पांच दिन पहले ही मेरे घर आ गया है। पांच दिन पहले ही दत्त साहब ने पत्र क्यों भेजा आज भी यह सोचकर हैरान हो जाता हूं।'
डबिंग पर दत्त साहब अपनी स्क्रिप्ट लेकर आए: हिरानी
फिल्म 'मुन्ना भाई एमबीबीएस' में सुनील दत्त ने अपने बेटे संजय दत्त के पिता का किरदार निभाया। इस फिल्म की शूटिंग के अपने अनुभव को शेयर करते हुए फिल्म के निर्देशक राज कुमार हिरानी कहते हैं, 'सुनील दत्त साहब समय के बहुत पाबंद थे और शूटिंग पर तय समय से एक घंटा पहले ही पहुंच जाते थे, उनकी वजह से संजय दत्त को भी समय से आना पड़ता था। दत्त साहेब हमेशा अपनी सारी फिल्मों की स्क्रिप्ट उर्दू में ही पढ़ते थे। मैंने उस वक्त एक उर्दू ट्रांसलेटर को बुलवाया और फिर उर्दू में उन्हें स्क्रिप्ट सौंपी। मुझे उस बीते जमाने का अनुशासन तब समझ में आया, जब फिल्म की शूटिंग खत्म होने के छह महीने बाद हमने उन्हें डबिंग के लिए बुलाया और दत्त साहब अपनी वही स्क्रिप्ट लेकर आए। मैं हैरान था कि उन्होंने स्क्रिप्ट संभाल के रखी थी, जबकि आजकल एक्टर ऐसा कहां करते हैं। दत्त साहब के उस ओल्ड स्कूल के काम करने के तरीके से उनका कायल हो गया।'
दत्त साहब ने दिया पहला मौका: गुलशन ग्रोवर
हिंदी सिनेमा में बैडमैन के नाम से मशहूर अभिनेता गुलशन ग्रोवर को फिल्मों में सबसे पहला मौका सुनील दत्त साहब ने दिया था। गुलशन ग्रोवर ने बताया, 'मैं एक्टिंग गुरु रोशन तनेजा का असिस्टेंट था और एक्टिंग सीखने आए स्टूडेंट्स को एक्टिंग की बारीकियां सिखाता था। संजय दत्त भी मेरे स्टूडेंट्स में से एक थे। उस दौरान सुनील दत्त जी ने मुझे देखा, मेरा काम उनको बहुत अच्छा लगा और फिल्म 'रॉकी' में कास्ट किया। सुनील दत्त जी ने मुझे बहुत प्यार दिया। तब से लेकर आजतक दत्त परिवार के साथ मेरा बहुत ही अच्छा रिश्ता है।’
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