‘फेमिनिज्म ने हमारे समाज को बर्बाद कर दिया’, अपने पुराने बयान पर नोरा फतेही ने अब दी सफाई; कही ये बात
Nora Fatehi: नोरा फतेही ने फेमिनिज्म को लेकर दिए गए अपने पुराने बयान पर अब सफाई पेश की है। खुद को कट्टरता के खिलाफ बताते हुए, जानिए उन्होंने क्या कुछ कहा…
विस्तार
हाल ही में अपने गाने ‘सरके चुनर’ को लेकर विवादों में घिरी नोरा फतेही ने अब फेमिनिज्म पर दिए गए उनके कमेंट पर उठे विवाद पर अपनी राय रखी है। एक्ट्रेस का मानना है कि फेमिनिज्म पर उनकी पिछली टिप्पणियों को गलत तरीके से पेश किया गया था। उन्होंने बताया कि उनके पहले के एक इंटरव्यू के कुछ भाग एडिट करके दिखाए गए, जिससे उनकी बात को गलत तरीके से पेश किया गया।
मैं कट्टरता के खिलाफ हूं
लिली सिंह के साथ बातचीत में नोरा ने 2024 के उस इंटरव्यू का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले साल मैंने एक पॉडकास्ट किया था, जिसमें हमने फेमिनिज्म पर बात की थी। फिर कुछ छोटे-छोटे पार्ट रील्स और टिकटॉक पर वायरल हो गए और उन्हें बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया, जिससे लोग संदर्भ को समझ नहीं पाए। मैं जिस बात का समर्थन करती हूं, वह यह है कि मैं किसी भी चीज की अत्यधिकता या कट्टरता के पूरी तरह खिलाफ हूं।
अपने निजी अनुभवों के बारे में बताते हुए नोरा ने कहा कि मैं जानती हूं कि दो माता-पिता की उपस्थिति कितनी महत्वपूर्ण है, चाहे वह एक मां और एक पिता हों, या दो माताएं या दो पिता हों, जो भी हो। लेकिन एक ऐसा एकल परिवार जहां दो माता-पिता की उपस्थिति हो, सुरक्षा हो, घर हो, प्यार, ध्यान और अनुशासन हो। मैं इन सभी का समर्थन करती हूं।
ऐसा वातावरण बनाएं पुरुष जिम्मेरी निभाएं
एक्ट्रेस ने आगे कहा कि मैं दो माता-पिता वाले घर में रहना पसंद करती, क्योंकि आखिरकार जब आप बड़े होते हैं तो वह अतिरिक्त इमोशनल बोझ और नुकसान बड़े होने पर जीवन में भी सामने आ जाता है। मैं नहीं चाहती कि हम ऐसी दुनिया में रहें जहां लोग न्यूक्लियर परिवारों की परवाह न करें। मैं चाहती हूं कि हम संतुलन की वकालत करें, अपनी कमाई करें, अपने सपनों को पूरा करें, कड़ी मेहनत करें, एक मजबूत नींव बनाएं। लेकिन साथ ही एक ऐसा वातावरण बनाएं जहां पुरुष जवाबदेह हों, जहां पुरुषों को आगे बढ़कर जिम्मेदारी निभानी चाहिए। मुझे लगता है कि अभी हमारे पास ऐसा वातावरण नहीं है।
नोरा ने आगे सवाल किया कि हमने ऐसा वातावरण बना लिया है कि हम इतने स्वतंत्र हैं कि हमें आपकी जरूरत नहीं है। हम स्वतंत्र, मजबूत होते हुए भी आपकी जरूरत क्यों नहीं महसूस कर सकते? आप आगे बढ़कर जिम्मेदारी क्यों नहीं निभा सकते और हम साझा क्यों नहीं कर सकते, संतुलन क्यों नहीं बना सकते? पुरुषों को सहयोगी बनने की जरूरत है और अभी वे उतने सहयोगी नहीं हैं।
नोरा फतेही ने साल 2024 में रणवीर अल्लाहबादिया के यूट्यूब चैनल पर पॉडकास्ट में फेमिनिज्म को लेकर बात की थी। उन्होंने कहा था, ‘यह विचार कि मुझे किसी की जरूरत नहीं है, फेमिनिज्म, मैं इस बकवास में विश्वास नहीं करती। मुझे लगता है कि फेमिनिज्म ने हमारे समाज को बर्बाद कर दिया है।
स्वाभाविक रूप से पूरी तरह से स्वतंत्र होने और शादी न करने, बच्चे न पैदा करने और घर में पुरुष-महिला के उस समीकरण से मुक्त होने का विचार, जहां पुरुष कमाने वाला होता है और महिला पालन-पोषण करने वाली होती है। मैं उन लोगों पर विश्वास नहीं करती जो इसे गलत मानते हैं। मेरा मानना है कि महिलाएं पालन-पोषण करने वाली होती हैं, हां, उन्हें काम पर जाना चाहिए, अपना जीवन जीना चाहिए और स्वतंत्र होना चाहिए, लेकिन एक निश्चित सीमा तक।
महिलाओं को भी मां, पत्नी और पालन-पोषण करने वाली की भूमिका निभाने के लिए तैयार रहना चाहिए। ठीक वैसे ही जैसे एक पुरुष को परिवार का भरण-पोषण करने वाला, कमाने वाला, पिता और पति होने की भूमिका निभाने के लिए तैयार रहना चाहिए। हम इसे पुराने जमाने की, पारंपरिक सोच कहते हैं। मैं इसे सामान्य सोच कहती हूं। बस फेमिनिज्म ने इसे थोड़ा बिगाड़ दिया है। भावनात्मक मामलों में हम सब बराबर हैं, लेकिन सामाजिक मामलों में हम बराबर नहीं हैं। जब फेमिनिज्म उग्र हो जाता है, तो यह समाज के लिए खतरनाक हो जाता है।