सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Entertainment ›   Bollywood ›   Nora Fatehi Reacts Her Comments On Feminism Were Misinterpreted Says I Am Against Extremism

‘फेमिनिज्म ने हमारे समाज को बर्बाद कर दिया’, अपने पुराने बयान पर नोरा फतेही ने अब दी सफाई; कही ये बात

एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला Published by: Aradhya Tripathi Updated Fri, 10 Apr 2026 06:38 PM IST
विज्ञापन
सार

Nora Fatehi: नोरा फतेही ने फेमिनिज्म को लेकर दिए गए अपने पुराने बयान पर अब सफाई पेश की है। खुद को कट्टरता के खिलाफ बताते हुए, जानिए उन्होंने क्या कुछ कहा…

Nora Fatehi Reacts Her Comments On Feminism Were Misinterpreted Says I Am Against Extremism
नोरा फतेही - फोटो : इंस्टाग्राम-@norafatehi
विज्ञापन

विस्तार

हाल ही में अपने गाने ‘सरके चुनर’ को लेकर विवादों में घिरी नोरा फतेही ने अब फेमिनिज्म पर दिए गए उनके कमेंट पर उठे विवाद पर अपनी राय रखी है। एक्ट्रेस का मानना है कि फेमिनिज्म पर उनकी पिछली टिप्पणियों को गलत तरीके से पेश किया गया था। उन्होंने बताया कि उनके पहले के एक इंटरव्यू के कुछ भाग एडिट करके दिखाए गए, जिससे उनकी बात को गलत तरीके से पेश किया गया।

Trending Videos

मैं कट्टरता के खिलाफ हूं
लिली सिंह के साथ बातचीत में नोरा ने 2024 के उस इंटरव्यू का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले साल मैंने एक पॉडकास्ट किया था, जिसमें हमने फेमिनिज्म पर बात की थी। फिर कुछ छोटे-छोटे पार्ट रील्स और टिकटॉक पर वायरल हो गए और उन्हें बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया, जिससे लोग संदर्भ को समझ नहीं पाए। मैं जिस बात का समर्थन करती हूं, वह यह है कि मैं किसी भी चीज की अत्यधिकता या कट्टरता के पूरी तरह खिलाफ हूं।

विज्ञापन
विज्ञापन


अपने निजी अनुभवों के बारे में बताते हुए नोरा ने कहा कि मैं जानती हूं कि दो माता-पिता की उपस्थिति कितनी महत्वपूर्ण है, चाहे वह एक मां और एक पिता हों, या दो माताएं या दो पिता हों, जो भी हो। लेकिन एक ऐसा एकल परिवार जहां दो माता-पिता की उपस्थिति हो, सुरक्षा हो, घर हो, प्यार, ध्यान और अनुशासन हो। मैं इन सभी का समर्थन करती हूं।

Nora Fatehi Reacts Her Comments On Feminism Were Misinterpreted Says I Am Against Extremism
नोरा फतेही - फोटो : इंस्टाग्राम@norafatehi

ऐसा वातावरण बनाएं पुरुष जिम्मेरी निभाएं
एक्ट्रेस ने आगे कहा कि मैं दो माता-पिता वाले घर में रहना पसंद करती, क्योंकि आखिरकार जब आप बड़े होते हैं तो वह अतिरिक्त इमोशनल बोझ और नुकसान बड़े होने पर जीवन में भी सामने आ जाता है। मैं नहीं चाहती कि हम ऐसी दुनिया में रहें जहां लोग न्यूक्लियर परिवारों की परवाह न करें। मैं चाहती हूं कि हम संतुलन की वकालत करें, अपनी कमाई करें, अपने सपनों को पूरा करें, कड़ी मेहनत करें, एक मजबूत नींव बनाएं। लेकिन साथ ही एक ऐसा वातावरण बनाएं जहां पुरुष जवाबदेह हों, जहां पुरुषों को आगे बढ़कर जिम्मेदारी निभानी चाहिए। मुझे लगता है कि अभी हमारे पास ऐसा वातावरण नहीं है।

नोरा ने आगे सवाल किया कि हमने ऐसा वातावरण बना लिया है कि हम इतने स्वतंत्र हैं कि हमें आपकी जरूरत नहीं है। हम स्वतंत्र, मजबूत होते हुए भी आपकी जरूरत क्यों नहीं महसूस कर सकते? आप आगे बढ़कर जिम्मेदारी क्यों नहीं निभा सकते और हम साझा क्यों नहीं कर सकते, संतुलन क्यों नहीं बना सकते? पुरुषों को सहयोगी बनने की जरूरत है और अभी वे उतने सहयोगी नहीं हैं।

Nora Fatehi Reacts Her Comments On Feminism Were Misinterpreted Says I Am Against Extremism
नोरा फतेही - फोटो : सोशल मीडिया
उग्र फेमिनिज्म के खिलाफ हैं नोरा फतेही
नोरा फतेही ने साल 2024 में रणवीर अल्लाहबादिया के यूट्यूब चैनल पर पॉडकास्ट में फेमिनिज्म को लेकर बात की थी। उन्होंने कहा था, ‘यह विचार कि मुझे किसी की जरूरत नहीं है, फेमिनिज्म, मैं इस बकवास में विश्वास नहीं करती। मुझे लगता है कि फेमिनिज्म ने हमारे समाज को बर्बाद कर दिया है।

स्वाभाविक रूप से पूरी तरह से स्वतंत्र होने और शादी न करने, बच्चे न पैदा करने और घर में पुरुष-महिला के उस समीकरण से मुक्त होने का विचार, जहां पुरुष कमाने वाला होता है और महिला पालन-पोषण करने वाली होती है। मैं उन लोगों पर विश्वास नहीं करती जो इसे गलत मानते हैं। मेरा मानना है कि महिलाएं पालन-पोषण करने वाली होती हैं, हां, उन्हें काम पर जाना चाहिए, अपना जीवन जीना चाहिए और स्वतंत्र होना चाहिए, लेकिन एक निश्चित सीमा तक।

महिलाओं को भी मां, पत्नी और पालन-पोषण करने वाली की भूमिका निभाने के लिए तैयार रहना चाहिए। ठीक वैसे ही जैसे एक पुरुष को परिवार का भरण-पोषण करने वाला, कमाने वाला, पिता और पति होने की भूमिका निभाने के लिए तैयार रहना चाहिए। हम इसे पुराने जमाने की, पारंपरिक सोच कहते हैं। मैं इसे सामान्य सोच कहती हूं। बस फेमिनिज्म ने इसे थोड़ा बिगाड़ दिया है। भावनात्मक मामलों में हम सब बराबर हैं, लेकिन सामाजिक मामलों में हम बराबर नहीं हैं। जब फेमिनिज्म उग्र हो जाता है, तो यह समाज के लिए खतरनाक हो जाता है।


विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें मनोरंजन समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। मनोरंजन जगत की अन्य खबरें जैसे बॉलीवुड न्यूज़, लाइव टीवी न्यूज़, लेटेस्ट हॉलीवुड न्यूज़ और मूवी रिव्यु आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed