मुंबई पुलिस ने मंगलवार को अभिनेता सैफ अली खान पर हुए हमले को लेकर प्रेस कांफ्रेंस आयोजित की। इसमें मामले की ताजा स्थिति और जांच के बारे में जानकारी दी गई। मुंबई पुलिस के अपर आयुक्त (पश्चिम) परमजीत दहिया ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "हमारे पास आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य हैं, जो इस बात की पुष्टि करते हैं कि हम सही आरोपी तक पहुंचे हैं।"
Saif Ali Khan: सैफ अटैक केस में फिंगरप्रिंट मिसमैच होने की खबर? पुलिस ने दी सफाई, जानें क्या बोले अपर आयुक्त
Saif Ali Khan Attack Case: सैफ अली खान पर हुए हमले के मामले में मुंबई पुलिस ने हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें उन्होंने कई बड़े अपडेट दिए।
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पुलिस ने हमलावर के उंगलियों के निशान और अन्य साक्ष्यों को लेकर उठे संशय को खारिज किया गया। परमजीत दहिया ने कहा, "जांच में जितने भी उंगलियों के निशान एकत्र किए गए थे, हमें सीआईडी से अभी तक इन पर कोई आधिकारिक रिपोर्ट नहीं मिली है।"
#WATCH | Mumbai | On the attack on actor Saif Ali Khan, Addl CP West, Mumbai, Paramjit Dahiya, says, "Whatever fingerprints were collected from the crime scene, we have not received any official report (from CID) of the same as of this date... We have found much oral, physical,… pic.twitter.com/oFEAPs908q
— ANI (@ANI) January 28, 2025
सैफ अली खान के घर से मिले साक्ष्य के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि उनके पास शारीरिक, तकनीकी और मौखिक - तीनों प्रकार के साक्ष्य हैं। इसके साथ ही पुलिस ने यह भी जानकारी दी कि जांच अधिकारी के बदलाव को लेकर जो अफवाहें फैली थीं वह सही नहीं है। उन्होंने कहा, "यह सिर्फ प्रशासनिक कारणों से किया गया है और इससे किसी तरह की कोई लापरवाही या दूसरी समस्या नहीं जुड़ी है।"
अपर आयुक्त ने हमले के समय की सटीक जानकारी दी, खासकर उस रिपोर्ट को लेकर जो कह रही थी कि सैफ अली खान को अस्पताल में 4:11 बजे लाया गया था। उन्होंने कहा, "लीलावती अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि सैफ अली खान को सुबह दो बजकर 47 मिनट पर अस्पताल लाया गया था।" उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पुलिस को इस हमले के बारे में पहले सैफ से नहीं, बल्कि अस्पताल से जानकारी मिली थी।
मुंबई पुलिस ने यह भी जानकारी दी कि हमलावर बांग्लादेश से भारत में घुसने के बाद कोलकाता में कुछ समय तक रहा था। पुलिस की एक टीम पश्चिम बंगाल में जांच कर रही है और वहां से एक महिला का बयान दर्ज किया गया है, जिसका आधार कार्ड संदिग्ध ने सिम कार्ड प्राप्त करने के लिए इस्तेमाल किया था। पुलिस ने कहा कि संदिग्ध ने इस महिला का आधार कार्ड अपने रिश्तेदार से लिया, जिसे बाद में सिम कार्ड लेने में उपयोग किया गया। इसके अलावा पुलिस ने एक अन्य व्यक्ति का बयान भी लिया है जो संदिग्ध के परिवार से संबंधित था। वह भी पश्चिम बंगाल में रहता है। पुलिस की जांच से यह स्पष्ट हुआ कि आधार कार्ड का धोखाधड़ी से इस्तेमाल किया गया था और यह सिम कार्ड प्राप्त करने में मददगार साबित हुआ।
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