‘हम अच्छी फिल्में नहीं बना रहे’, शाहिद कपूर ने बॉलीवुड के मौजूदा हालात पर दी प्रतिक्रिया; बिजनेस पर कही ये बात
Shahid Kapoor On Bollywood: ‘ओ रोमियो’ को लेकर चर्चाओं में बने शाहिद कपूर ने बॉलीवुड इंडस्ट्री को लेकर बात की। जानिए क्यों शाहिद ने कहा कि हम अच्छी फिल्में नहीं बना पा रहे?
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पिछले कुछ साल में इस बात पर बहस तेज हो गई है कि डूम स्क्रॉलिंग ने ध्यान केंद्रित करने की क्षमता को कैसे प्रभावित किया है। कई लोगों का मानना है कि अब लोगों में लंबे समय तक चलने वाले मनोरंजन के लिए धैर्य नहीं बचा है। कुछ लोग तो इसे बॉलीवुड के पतन का एक कारण भी बताते हैं, क्योंकि दर्शक फिल्में देखने में कम रुचि दिखा रहे हैं। अब अपनी आगामी फिल्म ‘ओ रोमियो’ के प्रमोशन में जुटे अभिनेता शाहिद कपूर ने इस मुद्दे पर बात की। साथ ही उन्होंने कहा कि सिर्फ कम ध्यान केंद्रित करने की क्षमता ही इंडस्ट्री के मौजूदा हालातों के लिए जिम्मेदार नहीं है। एक्टर ने बॉलीवुड में अच्छी फिल्मों की कमी पर भी बात की।
मेकर्स भी अपने काम पर ध्यान केंद्रित नहीं कर पा रहे
प्रखर गुप्ता के साथ यूट्यूब चैनल पर बातचीत में शाहिद कपूर ने कम ध्यान केंद्रित करने के मुद्दे पर कहा देखिए, मोमबत्ती दोनों तरफ से जल रही है। दर्शक अपना धैर्य खो रहे हैं। उनका ध्यान केंद्रित नहीं हो पा रहा है। उन्हें उत्तेजना चाहिए, उन्हें ब्रेक चाहिए, क्योंकि इससे डोपामाइन का स्तर बढ़ता है। मेकर्स भी अपने साथ ऐसा ही कर रहे हैं, इसलिए जब वे ध्यान केंद्रित करके काम करने की कोशिश करते हैं, तो उनकी रचनात्मक क्षमता प्रभावित होती है। ऐसा नहीं है कि दर्शक फिल्में देखना नहीं चाहते; लेकिन हम उतनी अच्छी फिल्में नहीं बना पा रहे हैं जितनी बनानी चाहिए। इसलिए यह एक दोतरफा प्रक्रिया है।
मेन्यूफैक्चेट मार्केटिंग पर जताई नाराजगी
शाहिद ने मेन्यूफैक्चेट मार्केटिंग पर भी अपनी राय रखते हुए कहा कि लोग समझते नहीं हैं, लेकिन यह जीवन का एक चमत्कार है। जब लोगों से भरा एक कमरा ताली बजाता है, सीटी बजाता है और आपको पहचानता है, आपको अपने से ऊपर दर्जा देता है, तो यह बहुत खूबसूरत होता है। इसीलिए कला खास है। लेकिन जब वह पवित्रता भंग होने लगती है और उसमें बनावटीपन आ जाता है, तो उसका महत्व खत्म हो जाता है। मार्केटिंग तो हर किसी को करनी पड़ती है। लेकिन मार्केटिंग कब सही और गलत की सीमा पार कर जाती है? हद से ज्यादा क्या होता है? यह वास्तव में आपकी अपनी नैतिक समझ पर निर्भर करता है। अगर आप उस समझ के साथ काम करना चुनते हैं, तो बात अलग है। लेकिन अगर आप सिर्फ बिजनेस और आंकड़ों के लिए काम कर रहे हैं, तो वह सिर्फ बिजनेस और आंकड़े ही हैं और वही आपका जीवन का अनुभव है। अगर आप कुछ प्रामाणिक, मानवीय, सहज खोज रहे हैं, तो उसे होने दें। उसे कंट्रोल करने की कोशिश न करें।
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13 फरवरी को रिलीज होगी ‘ओ रोमियो’
शाहिद कपूर जल्द ही विशाल भारद्वाज द्वारा निर्देशित ‘ओ रोमियो’ में नजर आएंगे। मुंबई के गैंगस्टर हुसैन उस्तरा पर आधारित इस फिल्म में शाहिद कपूर के साथ तृप्ति डिमरी प्रमुख भूमिका में नजर आएंगी। इसके अलावा फिल्म में नाना पाटेकर, अविनाश तिवारी, तमन्ना भाटिया, दिशा पाटनी, विक्रांत मैसी और फरीदा जलाल भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। फिल्म 13 फरवरी को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।
