Kailash Kher: कैलाश खेर ने दिखाई संगीत सफर की खास झलक, 14 साल की उम्र में छोड़ा घर; लिखा- 'शांत माहौल...'
Kailash Kher Throwback Photo: गायक कैलाश खेर ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर अपने पुराने दिनों को याद करते हुए एक खास तस्वीर शेयर की है। इसके साथ ही गायक ने एक नोट भी लिखा है।
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कैलाश खेर ने 'तेरी दीवानी', 'अल्लाह के बंदे', 'सैयां', 'या रब्बा', 'चक ले दे', 'यूं ही चला चल', और 'बम लहरी' जैसे कई सुपरहिट गाने गाए हैं। आज उन्होंने सोशल मीडिया हैंडल पर अपनी पुरानी यादों को शेयर किया है।
कैलाश का पोस्ट
कैलाश खेर ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर अपनी एक थ्रोबैक तस्वीर शेयर की है। इस तस्वीर में कैलाश काफी यंग नजर आ रहे हैं। उन्होंने हाथ में गिटार पकड़ा हुआ है। गायका ने इस पोस्ट के साथ कैप्शन में लिखा, 'शांत माहौल और पूरा आनंद'।
14 साल की उम्र में छोड़ा घर
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कैलाश ने अपने शुरुआती संघर्ष के बारे में बात करते हुए बताया कि संगीत के प्रति उनका प्रेम इतना ज्यादा था कि उसे अच्छे से करने के लिए उन्होंने 14 साल की उम्र में ही अपना घर छोड़ दिया था। जिसके बाद कैलाश ने शास्त्रीय और लोक संगीत की शिक्षा ली।
अपनी पढ़ाई और रोज के खर्चों के लिए कैलाश खेर ने कई टेलीविजन और रेडियो विज्ञापनों के लिए जिंगल्स रिकॉर्ड भी बनाए। इसके बाद गायक ने 2003 में फिल्म 'अंदाज' में 'रब्बा इश्क ना होवे' गाना रिलीज किया।
किस गाने से मिली कैलाश को प्रसिद्धि
आखिरकार, कैलाश खेर को बॉलीवुड अभिनेता अरशद वारसी की फिल्म 'वैसा भी होता है 2' के गाने 'अल्लाह के बंदे' से काफी प्रसिद्धि मिली। हाल ही में गायक ने 'जोगी' नाम गाना गाया है। यह गाना उन्होंने आदि शंकराचार्य को समर्पित किया है।
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