The Diplomat: यह डिस्क्लेमर दिखाए बिना रिलीज नहीं होगी 'द डिप्लोमैट', सेंसर बोर्ड ने निर्माताओं को दिए निर्देश
उज्मा अहमद के स्वदेश वापसी पर आधारित फिल्म 'द डिप्लोमैट' की स्क्रीनिंग विदेश मंत्रालय के लिए की गई, जिसके बाद सीबीएफसी ने निर्माताओं से फिल्म में एक डिस्क्लेमर जोड़ने के लिए कहा है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बॉलीवुड अभिनेता जॉन अब्राहम इन दिनों अपनी आगामी फिल्म 'द डिप्लोमैट' को लेकर चर्चा में बने हुए हैं। हाल ही में फिल्म का दमदार ट्रेलर भी जारी किया गया था, जिसके बाद दर्शकों के बीच फिल्म की रिलीज को लेकर उत्साह बढ़ गया। फिल्म इस हफ्ते रिलीज होने वाली है। हालांकि, उससे पहले फिल्म से जुड़ी अहम जानकारी सामने आई है।
सेंसर बोर्ड ने दिया ये निर्देश
दरअसल, केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) ने आगामी राजनीतिक थ्रिलर फिल्म द डिप्लोमैट के लिए डिस्क्लेमर अनिवार्य कर दिया है।जॉन अब्राहम द्वारा निर्मित और निर्देशित यह फिल्म उज्मा अहमद की 2017 की स्वदेश वापसी की घटना से प्रेरित है। सीबीएफसी का यह निर्देश ऐसे समय में आया है, जब निर्माताओं ने मार्च के पहले सप्ताह में विदेश मंत्रालय (MEA) के लिए फिल्म की स्क्रीनिंग की। मिड डे की रिपोर्ट के अनुसार, स्क्रीनिंग के बाद 6 मार्च को जॉन अब्राहम की फिल्म को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) ने एक आदेश के साथ मंजूरी दे दी, लेकिन निर्माताओं को निर्देश दिया गया कि वे एक डिस्क्लेमर जोड़ें, जिसमें कहा गया हो कि वे पड़ोसी देशों के साथ अच्छे संबंध बनाए रखने का समर्थन करते हैं।
फिल्म की कहानी
14 मार्च को रिलीज होने वाली फिल्म 'द डिप्लोमैट' में सादिया खतीब का किरदार उज्मा अहमद पर आधारित है, जो मई 2017 में पाकिस्तान में अपने पति के घर से भाग गई थीं और मदद के लिए इस्लामाबाद में भारतीय दूतावास के दरवाजे खटखटाए थे, यह दावा करते हुए कि उन्हें बंदूक की नोक पर उनसे शादी करने के लिए मजबूर किया गया था। भारतीय राजनयिक जेपी सिंह ने उन्हें भारत वापस लाने का नेतृत्व किया था। उनका का किरदार जॉन अब्राहम ने निभाया है।
डिस्क्लेमर में जोड़ी जाएगी ये बात
विदेश मंत्रालय के लिए हुई फिल्म की स्क्रीनिंग यह जांचने के लिए थी कि फिल्म की कहानी पाकिस्तान के साथ भारत के राजनयिक संबंधों पर गलत प्रभाव न डाले। डिस्क्लेमर के लिए सीबीएफसी की मांग उसी वजह से है। रिपोर्ट में कहा गया है कि यह देखते हुए कि फिल्म अंतरराष्ट्रीय कूटनीति पर केंद्रित है, इस बात पर जोर देने के लिए एक दृश्य और एक ऑडियो डिस्क्लेमर जोड़ा गया है कि मुख्य विषय एक सच्ची घटना से प्रेरित हो सकता है, लेकिन भू-राजनीतिक तनाव का चित्रण नाटकीय है और यह भारत सरकार के रुख को नहीं दर्शाता है। फिल्म पाकिस्तान में सेट है। इस पहलू को उजागर करना महत्वपूर्ण था, क्योंकि दोनों देशों के संबंध एक संवेदनशील मामला है।

कमेंट
कमेंट X