Exclusive: पुराने अदनान को आईने में देखकर कहूंगा- 'अब तक बाज नहीं आए'; सिंगर ने एआई के इस्तेमाल पर भी रखी बात
Adnan Sami Exclusive Interview: 'कभी तो नजर मिलाओ' से लेकर 'लिफ्ट करा दे' सहित 100 से ज्यादा बॉलीवुड गानों को अपनी मखमली आवाज से सजाने वाले अदनान सामी अपने नए गाने को लेकर सुर्खियां बटोर रहे हैं। हाल ही में उन्होंने अमर उजाला के साथ बातचीत में कई दिलचस्प किस्से साझा किए।
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मशहूर सिंगर अदनान सामी अपने नए गाने ‘लिपस्टिक से नजर उतार दे…’ को लेकर चर्चा में हैं। हाल ही में अमर उजाला डिजिटल के साथ बातचीत में उन्होंने इस गाने को लेकर बात की। मगर, इसी के साथ-साथ उन्होंने संगीत और अपनी जिंदगी से जुड़े अन्य पहलुओं पर भी दिलचस्प चर्चा की। संगीत में एआई के इस्तेमाल और जेन-जी की विचारधारा पर वे क्या सोचते हैं? यह भी बताया। पढ़िए बातचीत के कुछ अंश
गाने 'लिपस्टिक' का जब आइडिया आया तो क्या वीडियो भी कहीं आपके जहन में था?
अदनान सामी: वीडियो का जहां तक ताल्लुक था तो जो एक चीज मेरे दिमाग में थी, वो ये थी कि मैं चाह रहा था कि इस गाने को लेकर सब ये सोचेंगे कि इसे हम सिटी में शूट करें। मॉर्डन तरीके से, क्योंकि लिपस्टिक है। ग्लैमर ले आते हैं। लेकिन, मैं देहात मे जाना चाह रह था, क्योंकि ये ऐसी चीज है कि हर जगह इस्तेमाल की जाती है। हमारे कल्चर में जो रंग हैं, वो बहुत वाइब्रेंट हैं। उन कलर्स को मैं निकलवाना चाह रहा था। हमारे लिबास बहुत कलरफुर से होते हैं। यह एक बहुत यूनिक चीज है, हमारे कल्चर की, जिस पर हमें फख्र करना चाहिए। उसमें लाइन ही है कि 'लिपस्टिक लगाकर नजर उतार ले'। जब डायरेक्टर्स आए, साथ में जुड़े तो हमने चर्चा शुरू की और फिर बात नजर के ऊपर आई। इस तरह की जो चीजें थी वो धीरे-धीरे बनती गईं। एक और एक 11 बन गए।
अब भी पियानो का शौक वैसा ही है?
अदनान सामी: बिल्कुल। वो तो अपनी बुनियाद है। मैं तो पियानो के बगैर नहीं रह सकता। मैं हमेशा कहता हूं कि पियानों की कीज मेरी उंगलियों की एक्सटेंशन हैं।
आईने में पुराने अदनान सामी को देखकर यह अदनान सामी क्या बात करेगा?
अदनान सामी: मैं उसको देखकर कहूंगा कि अभी तक बाज नहीं आए हो ना। अभी तक वो ही हरकतें कर रहे हो, जो उस वक्त कर रहे थे। आज मेरी आठ साल की बेटी है। मैं उसके साथ घुल-मिल जाता हूं। बच्चों के साथ मैं बच्चा बन जाता हूं, बल्कि उनकी उम्र से भी कम हो जाता हूं। मेरी बेटी मुझसे कहती है, 'पापा प्लीज ग्रोअप'। मेरे अंदर का जो बच्चा है, वो अभी तक जिंदा है।
दुबई में फैन से मुलाकात का मजेदार किस्सा सुनाया
अदनान सामी: आपको एक मजे का किस्सा सुनाता हूं। मैं एक बार किसी काम से दुबई में था। वहां, एक आदमी मिले, जो मेरे ड्राइवर थे। उनके सिर पर बाल नहीं थे। उम्र में थोड़े बड़े थे। पहले दो दिन वो चुपचाप गाड़ी चलाते रहे। फिर थोड़ी मेरी जान-पहचान हुई तो वो बोले कि सर मैं कुछ कह सकता हूं? मैंने बोला कहिए? उन्होंने कहा, 'सर मैं आपका बहुत बड़ा फैन हूं। मैंने कहा- 'थैंक्यू'। वो बोले- 'सर मैं आपको बचपन से सुन रहा हूं'। यह सुनकर मेरा जी चाहा कि मैं अभी जूता उतारूं। शुरू में इसकी समझ नहीं थी, लेकिन बाद में समझ आया कि आप अपने म्यूजिक की वजह से लोगों की जिंदगी का हिस्सा हो। म्यूजिक ऐसी चीज है कि आपके साथ आपकी जिंदगी के हिस्से की तरह रहता है। यह हमारे लिए बहुत बड़ी नेमत है कि आपने जो किया वो लोगों को इतना छुआ कि आप उनकी जिंदगी का हिस्सा हो गए। वो आपसे जब पहली दफा मिल रहे होते हैं तो ऐसे ऐसे मिलते हैं कि जैसे वो सदियों से जान रहे हों। यह गर्व की बात है। किसी ने आपको अपना लिया है। मैं इन चीजों को कभी हल्के में नहीं लेता। ये ब्लेसिंग हैं।
जेन-जी को लेकर क्या सोचते हैं?
अदनान सामी: 'मैं समझता हूं कि जिस जेनरेशन की आप बात कर रहे हैं वो हमसे ज्यादा इमोशनल है। वो बहुत सेंसिटिव है। हमें झटका देने के लिए अगले बंदे को काफी कुछ कहना पड़ता था। मगर, ये जेनरेशन ऐसी है कि इनको अगर आप थोड़ी सी भी बात बोल देंगे तो इनके दिल को छुएगी। ये बहुत ही इमोशनल हैं। मगर, आज रफ्तार में दुनिया चल रही है। पहले तीन-तीन, चार-चार अंतरे होते थे गानों के। फिर दो अंतरे आए। अब एक अंतरा होता है। अब सारी चीजें छोटी हो गई हैं। सिर्फ म्यूजिक में नहीं, सब एरिया में हो गई हैं। क्रिकेट को ही देख लो। लोग आज की जेनरेशन को ब्लेम करते हैं, लेकिन प्रॉब्लम ये है कि लोगों को हमें ब्लेम करना चाहिए। हमारी पीढ़ी के जो लोग हैं, वो ही आजकल के प्लेटफॉर्म्स के मालिक हैं। हमारी उम्र के लोग ही तय करते हैं कि सोशल मीडिया पर क्या होना चाहिए? ये पीढ़ी तो बस कंज्यूम कर रही है। इन्होंने उनकी स्पीड पर खुद को एडजस्ट किया है। हमने ही उन्हें ट्रेंड किया है ऐसा करने में। आज की पीढ़ी वर्ल्ड म्यूजिक के मामले में हमारी पीढ़ी से ज्यादा जानकारी रखती है।
पहले के स्ट्रगल अलग थे। आज अलग हैं?
अदनान सामी: बिल्कुल। हर दौर का अपना-अपना चैलेंज होता है। अब कोई भी इंसान अपना म्यूजिक दुनिया के सामने पेश कर सकता है। पहले क्या होता था कि पहले किसी लेबल से कंफर्म करना जरूरी होता था। अब स्वतंत्र कलाकार अपना म्यूजिक खुद अपलोड कर रहे हैं। यह ट्रेंड देखते हुए, लेबल्स ने भी अपनी फिलॉसफी बदल ली है। वे सभी तरह के प्रयोग करने को तैयार हैं। यह भी अच्छी चीज है।
एआई का बूम आया है। इससे म्यूजिक भी बन रहा है। जैसे-जैसे एआई बढ़ेगा, वैसे-वैसे ओरिजनल कॉन्सर्ट की वैल्यू बढ़ेगी। सिथेंटिक कितना सुनेंगे लोग?
अदनान सामी: बिल्कुल। एक और बात है कि एआई बहुत शानदार चीज है। सिर्फ म्यूजिक नहीं, बल्कि हर क्षेत्र में, लेकिन आप उसका जायज और नाजायज दोनों तरह से फायदा उठा सकते हो। पूरी ट्यून एआई से बनवाना, वो मेरे ख्याल से नाजायज होगा। इसी तरह किसी सीरियस प्लेटफॉर्म पर रफी साहब से एआई की मदद से गाना गवाना ठीक नहीं होगा।