'मोटी हो, यहां क्यों बैठी हो?' गीता कपूर ने बॉडी शेमिंग को लेकर की बात; 'इंडियाज बेस्ट डांसर 5' में आएंगी नजर
Geeta Kapur Exclusive Interview: रियलिटी शो 'इंडियाज बेस्ट डांसर सीजन 5' शुरू होने वाला है। इसमें कोरियोग्राफर गीता कपूर जज के रूप में शिरकत करेंगी। हाल ही में उन्होंने अमर उजाला के साथ खास बातचीत में कई दिलचस्प बातें साझा कीं।
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जानी-मानी कोरियोग्राफर और टीवी जज गीता कपूर जल्द ही रियलिटी शो 'इंडियाज बेस्ट डांसर सीजन 5' में नजर आने वाली हैं। शो के शुरू होने से पहले गीता कपूर ने सोशल मीडिया ट्रोलिंग, बॉडी शेमिंग और रियलिटी शोज की स्क्रिप्टिंग को लेकर खुलकर बात की। इंटरव्यू के दौरान उन्होंने बताया कि टीवी के शुरुआती दिनों में लोगों की बातें उन्हें काफी प्रभावित करती थीं।
'तुम मोटी हो, तुम यहां क्यों बैठी हो?'
अमर उजाला डिजिटल से बातचीत के दौरान गीता कपूर ने कहा, 'जब हम पहली बार टीवी पर आए थे, तब सोशल मीडिया इतना बड़ा नहीं था, लेकिन तब भी हेट मेल आते थे। शुरुआत में मुझे बहुत फर्क पड़ता था। लोग कहते थे, ‘तुम मोटी हो’, ‘तुम यहां क्यों बैठी हो?’, ‘तुम खुद को डांसर कैसे कह सकती हो?’ खासकर इसलिए क्योंकि मैं दो फिट और गुड लुकिंग पुरुषों के बीच बैठती थी। मेरे हिसाब से मैं फिट थी, लेकिन हर किसी का नजरिया अलग होता है।'
'जब आप खुद को पब्लिक के सामने रखते हैं, तो लोग राय देंगे'
उन्होंने आगे कहा, 'शुरुआत में ये बातें मुझे बहुत प्रभावित करती थीं। लेकिन फिर मेरी टीम और मेरी मां ने मुझे बहुत अच्छी सलाह दी कि जब आप खुद को पब्लिक के सामने रखते हैं, तो लोग राय देंगे। और सच कहूं तो मैं भी मंच पर बैठकर लोगों के डांस पर राय दे रही थी, उनकी आलोचना कर रही थी तो लोगों को भी मुझे जज करने का हक था।'
'मैंने इग्नोर करना चुना और आज भी वही करती हूं'
गीता कपूर ने कहा, 'फिर ये आपकी पसंद है कि आप उन बातों से प्रभावित होना चाहते हैं, दुखी होना चाहते हैं या उन्हें नजरअंदाज करना चाहते हैं। मैंने इग्नोर करना चुना और आज भी वही करती हूं। मुझे फर्क नहीं पड़ता कि लोग मुझे कैसे देखते हैं। मेरे लिए सिर्फ इतना मायने रखता है कि जब मैं इस दुनिया से जाऊं तो लोग मुझे इज्जत से याद करें। वही मेरा लक्ष्य है।'
उन्होंने आगे कहा, 'लोग पब्लिक फिगर्स की जिंदगी में दिलचस्पी रखते हैं। आप जितना ज्यादा शेयर करेंगे, लोग उतनी ज्यादा बातें करेंगे। मैं बहुत प्राइवेट इंसान हूं। मैं अपने घर, परिवार और निजी जिंदगी के बारे में बहुत कम पोस्ट करती हूं। मेरा काम ही लोगों के चर्चा करने के लिए काफी है।'
'आज लोग हर चीज पर शक करते हैं'
इंटरव्यू के दौरान गीता कपूर ने रियलिटी शोज को स्क्रिप्टेड कहे जाने पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा, 'ये पहले भी काम नहीं करता था और आगे भी नहीं करेगा। मुझे लगता है कि ये एक गलतफहमी है कि कहानियां बनाई जाती हैं। लोग अपनी जिंदगी की कहानियां लेकर आते हैं और पहले ऑडियंस उन्हें इमोशनल रूप से स्वीकार भी करते थे।
लेकिन अब सोशल मीडिया ने असली और नकली के बीच की लाइन धुंधली कर दी है। लोगों को समझ नहीं आता कि क्या सच है, क्या फेक न्यूज है, क्या AI है और क्या रियलिटी। पहले अगर कोई छोटा बच्चा अच्छा डांस करता था तो लोग सच में हैरान हो जाते थे। आज लोग हर चीज पर शक करते हैं।'
'हम इतने पागल नहीं हैं कि हर चीज एक्ट करें'
गीता कपूर ने आगे कहा, 'मुझे लगता है कि ऑडियंस को रियलिटी शोज खुले दिल और दिमाग से देखने चाहिए, क्योंकि हर चीज फेक नहीं हो सकती। रियलिटी शो को ‘रियलिटी’ इसलिए कहा जाता है, क्योंकि वहां बहुत कुछ असली होता है। हां, कुछ चीजें एडिट होती हैं, क्योंकि वे देखने लायक नहीं होतीं... ,लेकिन वो प्रेजेंटेशन का हिस्सा है। अगर जज हंसते हैं या इमोशनल हो जाते हैं तो लोग तुरंत उसे फेक कह देते हैं। लेकिन हम इतने पागल नहीं हैं कि हर चीज एक्ट करें।'
मुझे लाइनें नहीं दी जा सकतीं'
स्क्रिप्टेड रिएक्शन को लेकर भी गीता कपूर ने दो टूक अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने कहा, 'आप मेरी टीम से पूछ सकते हैं। अगर ऐसा कुछ होता भी होगा तो शायद वो मेरे पास आने की हिम्मत नहीं करेंगे। उन्हें पता है कि मुझे लाइनें नहीं दी जा सकतीं। सबसे पहले तो मेरी मेमोरी बहुत खराब है। मुझे प्रोमो लाइन तक याद नहीं रहती। मैं जैसी हूं वैसी ही स्क्रीन पर नजर आती हूं।
'अगर कोई मुझसे कहे कि कंटेस्टेंट के बारे में ये बोल दीजिए...'
गीता कपूर ने आगे कहा, 'अगर कोई मुझसे कहे कि कंटेस्टेंट के बारे में ये बोल दीजिए, तो शायद मैं उसे अपनी वैन से बाहर निकाल दूं और कहूं किसी और जज को ले आइए। मैं इस मामले में बहुत स्ट्रिक्ट हूं। मुझसे ये नहीं होगा और मैं करूंगी भी नहीं।'