सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Entertainment ›   Celebs Interviews ›   vinay pathak exclusive interview actor shared about his films and social media

Exclusive: विनय पाठक ने सोशल मीडिया को बताया जरुरत, बताई इंडस्ट्री की सच्चाई 'एक तरफ कला तो दूसरी ओर बिजनेस'

Kiran Vinod Kumar Jain Kiran Vinod Kumar Jain
Updated Sun, 10 May 2026 05:04 PM IST
विज्ञापन
सार

Vinay Pathak Exclusive Interview: अभिनेता विनय पाठक ने अमर उजाला फिल्म इंडस्ट्री मे अपने काम और आज के दौर में सोशल मीडिया के कलाकरों पर हो रहे असर के बारे में चर्चा की। 
 

vinay pathak exclusive interview actor shared about his films and social media
विनय पाठक, अभिनेता - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार

हिंदी सिनेमा में अभिनेता विनय पाठक की अपनी एक अलग पहचान है। उनकी काम को लेकर ईमानदारी  साफ नजर आती है। अमर उजाला से खास बातचीत में विजय ने एक कलाकार के काम पर  सोशल मीडिया, फॉलोअर्स के पड़ने वाले प्रभाव पर भी काफी कुछ कहा। इसके साथ ही उन्होंने इस बदलाव के स्वीकार करने की बात भी की। जानिए क्या कहा विनय ने-
Trending Videos

vinay pathak exclusive interview actor shared about his films and social media
विनय पाठक, अभिनेता - फोटो : सोशल मीडिया
'सिनेमा और बाजार के बीच फंसा कलाकार'
अमर उजाला डिजिटल से बातचीत के दौरान विनय पाठक कहते हैं, 'मैं इतने साल से इस इंडस्ट्री में हूं, ये बात सबको पता है। लेकिन सिर्फ इतने साल यहां रहने का मतलब यह नहीं है कि मैं इसका पूरा गणित समझ गया हूं। लोग अक्सर मान लेते हैं कि अनुभव के साथ सब समझ आ जाता है, लेकिन ऐसा नहीं है। सिनेमा एक तरफ कला है, जहां कहानी, पटकथा, समाज और एक्टिंग  की बात होती है। लेकिन दूसरी तरफ यह एक बिजनेस भी है। और सच कहूं। तो मुझे आज भी उस नंबर्स वाले खेल की पूरी समझ नहीं है कि क्या चलता है और क्यों चलता है।'
 
विज्ञापन
विज्ञापन

vinay pathak exclusive interview actor shared about his films and social media
फिल्म-'रब ने बना दी जोड़ी' में विनय पाठक - फोटो : सोशल मीडिया
'फॉलोअर्स हैं तो वजह भी है'
अभिनेता विनय पाठक ने सोशल मीडिया पर बात करते हुए कहा, 'आजकल रील्स और फॉलोअर्स की बहुत चर्चा होती है। लेकिन अगर किसी के लाखों-करोड़ों लोग उसे फॉलो कर रहे हैं, तो उसमें कुछ तो बात होगी। लोग यूं ही किसी को नहीं देखते। प्रोड्यूसर अगर उस पॉपुलैरिटी को इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो उसमें गलत भी क्या है। हर दौर के अपने तरीके होते हैं, आज का तरीका यही है।'
एक्टर ने आगे कहा, 'मुझसे कभी किसी ने ये नहीं पूछा कि आपके कितने फॉलोअर्स हैं। क्योंकि शायद उन्हें पता होता है कि ये सवाल यहां लागू नहीं होता। और ये अच्छी बात है कि दोनों तरफ एक समझ है। एक तरह का आपसी सम्मान बना रहता है, जो जरूरी भी है।'

'अच्छी स्क्रिप्ट ही सबसे बड़ा चैलेंज'
अपनी प्रोफेशनल लाइफ के बारे में चर्चा करते हुए विनय कहते हैं, 'मेरे लिए सबसे बड़ा चैलेंज काम मिलना ही है। और जब काम मिल जाए, तो उसे पूरी मोहब्बत और शिद्दत से निभाना - यही असली खुशी है। मैं कभी ये नहीं सोचता कि मुझे कॉमेडी करनी है या इंटेंस ड्रामा। मेरे लिए सबसे जरूरी है एक अच्छी स्क्रिप्ट। अगर कहानी अच्छी है, तो कोई भी किरदार छोटा या कमजोर नहीं होता। उसमें कुछ न कुछ करने को हमेशा रहता है।'
उन्होंने आगे कहा, 'लेकिन सच ये भी है कि अच्छी स्क्रिप्ट मिलना आसान नहीं है। बहुत कुछ लिखा जा रहा है, बहुत कुछ बन रहा है। लेकिन सब कुछ आपको उत्साहित नहीं करता। आप तलाश करते रहते हैं कि कुछ ऐसा मिले जो आपको अंदर से छू जाए, जो आपको करने के लिए मजबूर करे। मेरे लिए वही सबसे बड़ा चैलेंज है।'
 



 

vinay pathak exclusive interview actor shared about his films and social media
फिल्म-'खोसला का घोसला' में विनय पाठक - फोटो : सोशल मीडिया
'भेजा फ्राई ने बदली दिशा'
अपने करियर के अहम मोड़ को याद करते हुए विनय भेजा फ्राई का जिक्र करते हैं। 'वो एक छोटी फिल्म थी, लेकिन उसकी सफलता ने बहुत कुछ बदल दिया। उस वक्त हमें भी नहीं पता था कि वो इतना आगे जाएगी। लेकिन उसके बाद हमें पहचान मिली। और सबसे जरूरी, अपने काम को चुनने की थोड़ी आजादी मिली। पहले जो ऑफर आता था, उसी में से चुनना पड़ता था। लेकिन उसके बाद हमारे पास ऑप्शन आने लगे।'

'कंटेंट को मिलना चाहिए बड़ा मंच'
हाल ही में रिलीज़ हुई Everybody Loves Sohrab Handa को लेकर भी विनय अपनी बात रखते हैं। 'इस तरह की फिल्में बहुत कम बनती हैं। हमने इसे दोस्तों के साथ बड़े पर्दे पर देखा और महसूस किया कि इसका अनुभव अलग ही है। ऑडियंस के साथ बैठकर देखने का मजा  कुछ और होता है। मुझे लगता है कि ऐसी फिल्मों के बारे में ज्यादा बात होनी चाहिए।

vinay pathak exclusive interview actor shared about his films and social media
विनय पाठक, अभिनेता - फोटो : सोशल मीडिया
'हिंदी सिनेमा का स्ट्रगल ही उसकी ताकत'
इंडस्ट्री के बदलते रूप पर बात करते हुए विनय कहते हैं, 'आज का बाजार अलग है। आज जो बिकता है वही दिखता है और जो दिखता है वही बिकता है। ऐसे में जो फिल्में इस ट्रेंड का हिस्सा नहीं हैं, उनके लिए रास्ता आसान नहीं होता। इंडिपेंडेंट सिनेमा के लिए चुनौतियां हमेशा थीं, आज भी हैं और आगे भी रहेंगी। लेकिन मुझे लगता है कि यही स्ट्रगल  उस सिनेमा को खास बनाता है। उसमें एक अलग तरह का रोमांस है, एक सच्चाई है। शायद इसी वजह से वो सिनेमा अलग दिखता है और दिल तक पहुंचता है।'

'मैं रोल नहीं, कहानी चुनता हूं'
आखिर में, विनय पाठक ने अपनी फिल्मों के लेकर सोच साझा करते हुए कहा, 'मैं रोल नहीं, कहानी चुनता हूं। अगर कहानी अच्छी है, तो मैं उसका हिस्सा बनना चाहूंगा। और अगर कुछ लोग भी उसे पसंद करते हैं, तो वही मेरे लिए काफी है। मेरी कोशिश बस यही है कि अच्छी कहानियां बनती रहें। हम उन्हें ईमानदारी से लोगों तक पहुंचाते रहें।'
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed