सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Entertainment ›   dhurandhar Movie actor Rakesh Bedi talks about his struggle journey At Amar Ujala Uttarakhand Samwad 2026

Exclusive: 'पुलिस ने मुझे आतंकवादी समझ लिया था'; अमर उजाला संवाद में राकेश बेदी ने सुनाया दिलचस्प किस्सा

एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला Published by: ज्योति राघव Updated Wed, 24 Jun 2026 04:34 PM IST
विज्ञापन
सार

Rakesh Bedi On His Struggle: मशहूर अभिनेता राकेश बेदी ने आज देहरादून में आयोजित अमर उजाला संवाद में शिरकत की। उन्होंने इस दौरान अपने संघर्ष भरे दौर को याद किया। एक्टर ने वह दिलचस्प किस्सा भी सुनाया जब उन्हें पुलिस ने आतंकवादी समझ लिया था।

dhurandhar Movie actor Rakesh Bedi talks about his struggle journey At Amar Ujala Uttarakhand Samwad 2026
अमर उजाला संवाद में राकेश बेदी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार

आज 24 जून को अमर उजाला का वैचारिक कार्यक्रम 'संवाद' देवभूमि उत्तराखंड में आयोजित हुआ है। यहां दिग्गज अभिनेता राकेश बेदी भी पहुंचे। वे सिनेमा की दुनिया में पांच दशक से सक्रिय हैं। फिल्में, टेलीविजन सीरियल, ओटीटी सीरीज में अपनी अदाकारी का दमखम दिखाने वाले राकेश बेदी ने रंगमंच से अपना सफर शुरू किया था और आज भी जारी है। संवाद में उन्होंने थिएटर के दिनों का एक मजेदार किस्सा साझा किया।

dhurandhar Movie actor Rakesh Bedi talks about his struggle journey At Amar Ujala Uttarakhand Samwad 2026
चश्मे बद्दूर में राकेश बेदी - फोटो : साभार@imdb

खुद नाटक के पोस्टर चिपकाया करते थे अभिनेता
कार्यक्रम में राकेश बेदी ने अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए बताया, 'कई रंगकर्मी इस बात को समझेगे कि आज वो दौर है जब आप अखबार में इश्तेहार दे सकते हैं। सोशल मीडिया पर पोस्टर डाल सकते हैं पर पहले ऐसा नहीं था। पहले हम पोस्टर छपवाते थे। दिल्ली की सर्द रातों में स्कूटर पर अपने दोस्त के साथ निकल जाते थे। एक हाथ में ब्रश होता था और दूसरे में लेही, जिससे हम वो पोस्टर चिपकाते थे। फिर शहर में खाली दीवारें ढूंढते थे जहां-जहां पोस्टर चिपकाने हैं।'

'पुलिस ने समझ लिया था आतंकवादी' 
राके बेदी ने बताया, 'हमारा एक नाटक था 'जहर'। एक रात हम उसके पोस्टर चिपका रहे थे। तब मेरी लंबी-लंबी दाढ़ी थी। वहां से पुलिस गुजरी तो उन्होंने टॉर्च मारी। पोस्टर और मेरा हुलिया देखकर उन्होंने मुझे आतंकवादी समझ लिया कि ये बाहर से आए हैं और इनका कोई प्रोपेगेंडा है। उन्होंने बोला कि आप जहर घोल रहे हैं समाज में। हमने कहा कि नहीं ये नाटक है हमारा। इसमें टिकट की डिटेल भी हैं। उन्होंने बोला कि अगर नाटक है तो करके दिखाओ। फिर हमने पुलिस वालों को वह नाटक करके दिखाया, तब पुलिस ने हमें छोड़ा।'

विज्ञापन
विज्ञापन

dhurandhar Movie actor Rakesh Bedi talks about his struggle journey At Amar Ujala Uttarakhand Samwad 2026
अमर उजाला संवाद में राकेश बेदी - फोटो : अमर उजाला

आर्थिक तंगी और मुश्किल हालातों का सामना कैसे किया?
कार्यक्रम में राकेश बेदी ने अपने जीवन का वो किस्सा भी साझा किया जब वो डिप्रेशन में थे पर फिर भी उन्होंने हार नहीं मानी। एक्टर ने कहा, 'सबकी जिंदगी में ऐसा दिन आता है। मैंने यह बात कम मंचों पर बोली है। एक दिन मेरी जिंदगी में ऐसा आया कि काम नहीं था और पैसे भी नहीं थे। मैंने लेकिन एक बात तय की थी कि अपनी मजबूरियां परिवार तक नहीं जाने दूंगा। मेरी मां घबरा जाती कि मेरा बेटा रात को भूखा सोया। वापस बुला लेगी घर। मुझे वापस नहीं जाना। ऐसा वक्त आया कि बैंक भी खाली। घर भी खाली। सिर्फ 50 पैसे थे। तब 50 पैसे के छह केले आते थे। मैंने सोचा कि सबसे पहले तो यह तय करूं कि जरूरी क्या है? आज की भूख या करियर? मैंने छह केले खाए और सो गया कि कल का कल देखेंगे।'

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Entertainment news in Hindi related to bollywood, television, hollywood, movie reviews, etc. Stay updated with us for all breaking news from Entertainment and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed