पिता ने फाड़ी स्क्रिप्ट? 13 महीनों तक चावल से किया परहेज; पढ़ें फरहान अख्तर की फिल्मों से जुड़े रोचक किस्से
Farhan Akhtar Birthday Special: फरहान अख्तर ने फिल्मों में अभिनय करने के साथ कई फिल्मों का निर्देशन किया है। आज उनके जन्मदिन के मौके पर आइए जानते हैं उनकी फिल्मों से जुड़े उनके खास किस्से।
विस्तार
फरहान अख्तर बॉलीवुड के उन कलाकारों में से हैं, जो फिल्मों को रियल बनाने के लिए किसी भी हद तक जाते हैं। 9 जनवरी 1974 को जन्मे फरहान अख्तर की फिल्मों से जुड़े कई किस्से हैं। फिल्मों में उन्होंने अपने किरदार को निभाने के लिए कड़ी मेहनत की है। फिल्म को लेकर कभी उन्हें अपने पिता की नाराजगी सहनी पड़ी, तो कभी उन्हें फिल्म में एक्टर को लेने के लिए कई महीनों तक इंतजार करना पड़ा। आज फरहान अख्तर अपना 52वां जन्मदिन मना रहे हैं। आइए इस मौके पर जानते हैं उनकी फिल्मों से जुड़े उनके कुछ दिलचस्प किस्से।
18 महीनों तक कड़ी मेहनत की
फिल्म 'तूफान' (2021) के लिए फरहान अख्तर ने काफी मेहनत की। उन्होंने इस फिल्म के लिए मुक्केबाजी की बारीकियां सीखीं। फिल्म में अजीज अली का किरदार निभाने के लिए उन्होंने अपने शरीर को पूरी तरह से बदला। उन्होंने पहले अपना वजन 69 किलो से 85 किलो तक बढ़ाया, फिर इसे घटाया। इसके लिए उन्होंने 18 महीनों तक मेहनत की। यह फरहान अख्तर और राकेश ओम प्रकाश मेहरा की दूसरी स्पोर्ट्स पर बनी फिल्म थी।
13 महीने तक चावल, रोटी और ब्रेड से परहेज
फरहान अख्तर ने फिल्म 'भाग मिल्खा भाग' (2013) के लिए बहुत मेहनत की थी। फरहान के मुताबिक जब वह मिल्खा सिंह से पहली बार मिले, तो मिल्खा सिंह ने उनसे ट्रैक पर जॉगिंग करने को कहा था। फिल्म में अपने किरदार के लिए फरहान अख्तर ने 13 महीनों तक चावल, रोटी, ब्रेड और शराब से परहेज किया था। उन्होंने मिल्खा सिंह की तरह बॉडी बनाने के लिए घंटों तक भारी वजन उठाया और ट्रेनिंग की।
यह खबर भी पढ़ें: सलमान खान की कार में दिखी गणेश की मूर्ति, फैन ने दिए रिएक्शन; बोले- भगवान आपकी रक्षा करे
अभिनय के अलावा गायन सीखा
फरहान अख्तर ने फिल्म 'रॉक ऑन' (2008) से अभिनय की शुरुआत की। फिल्म में उन्होंने एक रॉकस्टार का किरदार निभाया। फरहान अख्तर ने इस फिल्म में सिर्फ एक्टिंग ही नहीं की बल्कि गाना भी गाया। उन्होंने शंकर महादेवन से गायन सीखा। इस फिल्म से उन्होंने गायन में डेब्यू किया। उन्होंने एहसान से गिटार सीखा। आदित्य श्रॉफ के किरदार में फरहान ने इतनी जान डाल दी कि लोग उन्हें असल जिंदगी का रॉक्स्टार समझने लगे थे।
क्या पिता ने फाड़ी स्क्रिप्ट?
फरहान अख्तर साल 1978 में रिलीज हुई फिल्म 'डॉन' का रीमेक बनाना चाहते थे। उन्होंने इसकी स्क्रिप्ट अपने पिता जावेद अख्तर को दिखाई थी। बताया जाता है कि फरहान के पिता को यह स्क्रिप्ट पसंद नहीं आई थी और उन्होंने इसे फाड़ दिया था। हालांकि बाद में फरहान ने बताया कि पिता ने स्क्रिप्ट फाड़ी नहीं थी, बल्कि वह इस स्क्रिप्ट से असहमत थे। इसके बाद फरहान ने स्क्रिप्ट पर काम किया और उन्होंने 'डॉन' (2006) और 'डॉन 2' (2011) बनाई। दोनों फिल्में कामयाब रहीं।
डिप्रेशन में चले गए थे फरहान
फरहान अख्तर ने साल 2004 में फिल्म 'लक्ष्य' का निर्देशन किया। इसमें लीड रोल में ऋतिक रोशन थे। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप साबित हुई थी। इसके फ्लॉप होने पर फरहान अख्तर उदास हो गए थे। उनके मुताबिक उन्होंने फिल्म के लिए जितनी मेहनत की थी उसका उन्हें फल नहीं मिला था। उस वक्त डिप्रेशन से बाहर आने के लिए उन्होंने दोस्तों के साथ देहरादून की यात्राएं कीं और भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) का दौरा किया।
आमिर खान ने कराया आठ महीने तक इंतजार
फिल्म 'दिल चाहता है' (2001) फरहान अख्तर के निर्देशन में बनी पहली फिल्म थी। इस फिल्म से जुड़े कई किस्से हैं, जिसमें से सबसे मशहूर यह है कि उन्होंने इस फिल्म के लिए आमिर खान को मनाया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक फरहान अख्तर ने आमिर खान को इस फिल्म की स्क्रिप्ट दी थी तो यह अंग्रेजी में थी। आमिर खान ने इसे हिंदी में कराने के लिए कहा। डायलॉग हिंदी में करने के बावजूद आमिर खान ने 8 महीने तक इंतजार कराया। आखिर में फरहान ने आमिर को वीडियो डोरबेल के जरिए स्क्रिप्ट सुनाई। इसके बाद आमिर खान इस फिल्म के लिए राजी हुए।