कन्नड़ अभिनेत्री रान्या राव को आज मंगलवार को आर्थिक अपराध की विशेष अदालत ने जमानत दे दी है। मगर रान्या को सशर्त जमानत मिली है। रान्या के अलावा उनके सह-आरोपी कोंडरू राजू को भी सशर्त जमानत दी गई है। अदालत ने इस शर्त पर दोनों की रिहाई को मंजूरी दी कि प्रत्येक दो जमानतें और 2 लाख रुपये का निजी मुचलका जमा करना होगा। इसके अलावा कुछ और शर्तें भी हैं। जानिए
Gold Smuggling Case: सोना तस्करी मामले में रान्या राव को मिली जमानत, मगर अब भी हिरासत में रहेंगी अभिनेत्री
Kannada Actress Ranya Rao Gold Smuggling Case: सोने की तस्करी मामले में कन्नड़ अभिनेत्री रान्या राव को जमानत मिल गई है। मगर, इसके बावजदू वे हिरासत में रहेंगी। जानिए क्यों?
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देश से बाहर जाने की इजाजत नहीं
राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) के अधिकारियों द्वारा उनके खिलाफ आरोप पत्र प्रस्तुत करने में विफल रहने के बाद विशेष अदालत ने दोनों को इस शर्त पर जमानत दे दी कि वे देश नहीं छोड़ेंगे। इसके अलावा इस अपराध नहीं दोहराएंगे।
जमानत के बावजूद हिरासत में रहना होगा
इस मामले की सुनवाई की अध्यक्षता करने वाले न्यायमूर्ति विश्वनाथ सी गौड़र ने जमानत आदेश पारित किया। हालांकि, जमानत मिल जाने के बावजूद रान्या राव को रिहा नहीं किया जाएगा। इसकी वजह है कि रान्या के खिलाफ अधिक कठोर विदेशी मुद्रा संरक्षण और तस्करी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम, 1974 (COFEPOSA) के तहत मामला दर्ज किया गया है। COFEPOSA भारत में एक निवारक निरोध कानून है, जिसका मकसद तस्करी पर रोक लगाना और विदेशी मुद्रा का संरक्षण करना है। इस किस्म की गतिविधियों में संलिप्त होने के संदेह वाले व्यक्तियों को यह कानून हिरासत में लेने की अनुमति देता है।
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मार्च में सामने आया मामला
रान्या राव और सह आरोपी राजू पर दुबई से भारत में 12.56 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के सोने के अवैध आयात की साजिश रचने का आरोप है। यह मामला 3 मार्च, 2025 को सामने आया, जब रान्या राव को बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर दुबई से कथित तौर पर तस्करी करके लाए गए 14.8 किलोग्राम सोने के साथ पकड़ा गया था। बाद की जांच में पता चला कि रान्या ने 2023 और 2025 के बीच दुबई की 45 बार अकेले यात्रा की थी, जिससे उसके व्यापक तस्करी नेटवर्क में शामिल होने का संदेह पैदा हुआ। आगे की जांच में पता चला कि उसका वीरा डायमंड्स ट्रेडिंग से संबंध है, जो दुबई स्थित एक फर्म है जिसकी उन्होंने 2023 में अभिनेता और व्यवसायी तरुण राजू के साथ सह-स्थापना की थी।
अगली सुनवाई 03 जून को
रान्या के वकील बी.एस. गिरीश ने दलील दी कि रान्या को जमानत मिलने पर भी उसे रिहा नहीं किया जाएगा। उनके खिलाफ विदेशी मुद्रा संरक्षण एवं तस्करी रोकथाम अधिनियम, 1974 (कोफेपोसा) के तहत मामला दर्ज किया गया है। वर्तमान में उसकी मां ने इसे उच्च न्यायालय में चुनौती दी है। अगली सुनवाई 3 जून को होगी।