सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Entertainment ›   Movie Review ›   film review Ajay Devgan and Tabu movie Drishyam

समीक्षा: अजय देवगन-तब्बू के चाहने वालों के लिए तोहफा है 'दृश्यम'

Updated Fri, 31 Jul 2015 01:33 PM IST
विज्ञापन
film review Ajay Devgan and Tabu movie Drishyam
विज्ञापन

-निर्माताः वायकॉम18/पैनोरमा स्टूडियोज

Trending Videos

-निर्देशकः निशिकांत कामत
-सितारेः अजय देवगन, श्रेया सरन, तब्बू, इशिता दत्ता, रजत कपूर
रेटिंग **1/2

एक चौथी फेल आदमी कितना तेज हो सकता है? इन दिनों उसे शायद रोजगार भी ना मिले। बंगला-गाड़ी की बात तो छोड़ दीजिए। लेकिन अगर उसके पास ईमानदारी है, साहस है, परिस्थितियों को परखने की तेज नजर है और सबसे बढ़ कर हर हाल में साथ देने वाला परिवार है तो वह कुछ भी कर गुजर सकता है।

दृश्यम का नायक ऐसा ही है। यह चौथी फेल विजय सालगांवकर (अजय देवगन) की कहानी है। गोवा में केबल कनेक्शन का कारोबार करते विजय की इस कहानी में सस्पेंस और रोमांच है। जटिल हालात में उसकी बेटी (इशिता दत्ता) और पत्नी (श्रेया सरन) के हाथों कत्ल हो जाता है। मरने वाला इंस्पेक्टर जनरल मीरा देशमुख (तब्बू) का....

विज्ञापन
विज्ञापन

दो घंटे 40 मिनट की फिल्म का पहला धैर्य की परीक्षा लेता है

film review Ajay Devgan and Tabu movie Drishyam

मरने वाला इंस्पेक्टर जनरल मीरा देशमुख (तब्बू) का बेटा है। लाश को विजय कुछ इस अंदाज में ठिकाने लगाता, सुबूतों को नष्ट करता और झूठी ‘पारिवारिक’ कहानी गढ़ता है कि अंततः सबसे तेज साबित होता है। पुलिस उसका कुछ नहीं बिगाड़ पाती। लोग उसकी अच्छाई, मुस्कान और सोने जैसे दिल के कायल रहते हैं।

दृश्यम कहानी को प्यार करने वाले दर्शकों का सिनेमा है। वैसे दो घंटे 40 मिनट की इस फिल्म का पहला हिस्सा धीमा चलते हुए धैर्य की परीक्षा लेता है। जीतू जोसफ की लिखी कहानी पर दृश्यम हिंदी से पहले मलयालम और तमिल में बन चुकी है।

निर्देशक निशिकांत कामत की फिल्म इन फिल्मों से उन्नीस ठहरती है। परंतु आपने वह फिल्में नहीं देखीं तो यही फिल्म बीस-बाईस लग सकती है। दृश्यम में दर्शक घटनाक्रम जानता है लेकिन यह देखना रोचक लगता है कि विजय और उसका परिवार पुलिस पड़ताल से किस तरह बेदाग निकलेगा!

गीत-संगीत विशेष नहीं है, कैमरावर्क अच्छा है

film review Ajay Devgan and Tabu movie Drishyam

अजय देवगन का अभिनय ऐसी भूमिकाओं में सधा रहता है और उनके गंभीर अंदाज को चाहने वाले बहुत हैं। यह फिल्म उन्हीं फैन्स के लिए है। तब्बू की एंट्री फिल्म के रोमांच को थोड़ा लिफ्ट करती है। हां, अजय और तब्बू को आमने-सामने देखने की इच्छा रखने वाले दर्शक थोड़े निराश हो सकते हैं क्योंकि ऐसे दृश्य विशेष नहीं हैं।

मनोरंजन के बावजूद आप महसूस करते हैं कि फिल्म की पटकथा तथा दृश्यों को बेहतर ढंग से कसने की जरूरत थी। बेहतर संवाद यहां चाहिए थे। इन बातों के अभाव में अच्छी कहानी ढीली पड़ जाती है। दृश्यम और असरकारी हो सकती थी। फिल्म की एक मुश्किल यह है कि कुछ कलाकार तो रियलिस्टिक अभिनय करते दिखते हैं और कुछ ड्रामाई हो जाते हैं।

गीत-संगीत विशेष नहीं है। कैमरावर्क अच्छा है। समुंदर किनारे से अलग गोवा यहां नजर आता है। कहा जाता है कि सिनेमा देख कर लोग अपराध करना सीखते हैं, परंतु दृश्यम बताती है कि अपराध करके सजा से कैसे बचा भी जा सकता है। भले ही आप चौथी फेल क्यों न हों!

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें Entertainment News से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। मनोरंजन जगत की अन्य खबरें जैसे Bollywood News, लाइव टीवी न्यूज़, लेटेस्ट Hollywood News और Movie Reviews आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed