एंटरटेन्मेंट का फुल डोज 'सन ऑफ सरदार'
हैलो फ्रेंड्स! इस सप्ताह दो फिल्में रिलीज हुई हैं। कल हमने आपको शाहरूख खान स्टारर ‘जब तक है जान’ के बारे में बताया था, तो चलिए आपको बताते हैं इसी सप्ताह रिलीज हुई दूसरी फिल्म ‘सन ऑफ सरदार’ के बारे में।
यूं तो सरदारों और पंजाब पर बेस्ड कई फिल्में बनी है लेकिन दीवाली के मौके पर रिलीज हुई ‘सन ऑफ सरदार’ कॉमेडी जॉनर की है। जिसमें अजय देवगन और सोनाक्षी सिन्हा है। ‘जब तक है जान’ रोमांटिक जॉनर की फिल्म है तो ये फिल्म कॉमेडी का पुट लिए है। तो चलिए जाने ये सरदार गुदगुदाने और हंसाने में कामयाब हुआ या नहीं।
कहानी
जस्सी ये सब सुनने के बाद भी फिर भी अपनी जमीन बेचने के लिए इंडिया आता है, रास्ते में उसकी मुलाकात सुखी (सोनाक्षी सिन्हा) से होती है। जहां दोनों चुपके-चुपके एक-दूसरे को अपना दिल दे बैठते हैं। जब जस्सी को पता चलता है कि सुखी बिल्लू संधु की चचेरी बहन है। तो आता है कहानी में ट्विस्ट।
जस्सी और सुखी की शादी हो पाई या नहीं, बिल्लू अपनी कसम पूरी कर पाया नहीं, परमीत को उसका बिल्लू मिला या नहीं, इन सब को जानने के लिए आपको कॉमेडी का पुट लिए ये फिल्म देखनी होगी।
अभिनय
संगीत
निर्देशन
क्यों देखें
क्यों ना देखें
जस्सी रंधावा (अजय देवगन) पिछले 25 साल से लंदन में रह रहा है, तभी उसे पता चलता है कि सरकार पंजाब में उसकी पुश्तैनी जमीन खरीदने की मांग कर रही है, जिसे वो बेचने की सोचता है। इंडिया आने से पहले उसे अपने मुंह बोले पठान चाचा और पठान दोस्त (सलमान खान) से पता चलता है कि पंजाब में उसके पुश्तैनी दुश्मन संधु खानदान के बड़े बेटे बिल्लू (संजय दत्त) ने रंधावा खानदान के आखिरी वारिस जस्सी को मारने की कसम उस वक्त खाई थी, जिस वक्त वह परमीत (जूही चावला) के साथ हो रही अपनी शादी के आधे फेरे ले चुका था। वहीं परमीत बाकी बचे फेरे पूरे होने और उसकी बीवी बनने की आस में उसी के घर में रहती है।
एक सीधे-साधे और एक एक्शन हीरो के रूप में अजय देवगन खूब जमे हैं। अपने चुलबुले अंदाज और बातों से अजय ने सबका खूब मनोरंजन किया। वहीं अपनी बेसिर-पैर की शेयरों-शायरी से संजय दत्त ने भी सबको खूब हंसाया। पंजाबी कुड़ी के रोल में सोनाक्षी खूब जमी। वहीं जूही चावला ने पूरी फिल्म को बांधे रखा। सलमान ने दो बार एंट्री से फिल्म में चार चांद लगा दिए। बाकी किरदार भी आपको हंसाने और मनांरंजन करने में कामयाब होंगे।
फिल्म का टाइटल सॉन्ग 'सन ऑफ सरदार', 'रानी मैं तू राजा' और 'पो, पो,' सभी फिल्म में फिट और हिट है। फिल्म के साथ तीन म्यूजिक डायरेटर्स के जुड़े होने से एक्शन सींस में म्यूजिक को बेहद खूबसूरती के साथ यूज किया गया है।
’अतिथि तुम कब जाओगे’ जैसी कॉमेडी फिल्म बना चुके अश्विनी धीर ने ही इस फिल्म का निर्देशन किया है। अश्विनी ने फिल्म को हल्के-फुल्के मूड से दर्शकों को बांधते हुए दूसरे पार्ट तक बांधे रखा, इसके बाद की कहानी में कई उतार-चढ़ाव है, जिससे दर्शकों को फिल्म को देखने में मजा आएगा। इतना ही नहीं फिल्म में उतार-चढ़ाव आने से फिल्म ना सिर्फ रोचक बनेगी बल्कि दर्शकों को हंसाते हुए उनका फुल मनोरंजन भी करेगी। सभी कलाकारों से अश्विनी ने अच्छा काम लिया है। फिल्म में हंसी-खुशी, प्यार-रोमांस, दोस्ती-दुश्मनी और एक्शन सभी कुछ है।
त्यौहार के मौके पर कॉमेडी जॉनर की गुदगुनाने वाली फिल्म देखने का मूड है तो ये फिल्म आपके लिए है। हल्के-फुल्के मूड की बिना दिमाग वाली फिल्म देखने का मूड है और टाइम पास करना चाहते हैं तो ये फिल्म देख सकते हैं। अजय देवगन और संजय दत्त के एक्शन देखने है तो फिल्म देख सकते है।
यदि आप गंभीर फिल्म देखने के शौकीन है तो ये फिल्म आपके लिए नहीं है। आपको दिमाग लगाने वाली फिल्में देखना पसंद है तो ये फिल्म आपके लिए नहीं है।
