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Movie Review: फिल्मी परदे पर भी नया इतिहास रचने को तैयार पीएम नरेंद्र मोदी, इतने मिले स्टार

Thu, 23 May 2019 01:44 PM IST
Mishra Mishra एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला Published by: Mishra Mishra Updated Thu, 23 May 2019 01:44 PM IST
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Movie Review of pm narendra modi
pm modi - फोटो : Twitter
कलाकार: विवेक आनंद ओबेरॉय, मनोज जोशी, प्रशांत नारायणन, जरीना वहाब, सुरेश ओबेरॉय, अंजन श्रीवास्तव, यतिन करयेकर, दर्शन कुमार और राजेंद्र गुप्ता आदि।

निर्देशक: ओमंग कुमार
निर्माता: संदीप सिंह
रेटिंग: ****


 
हिंदी सिनेमा में बायोपिक का चलन ख्वाजा अहमद अब्बास की लिखी और वी शांताराम निर्देशित डॉ. कोटनीस की अमर कहानी (1946) के दिनों से चला आ रहा है। बायोपिक और डॉक्यूमेंट्री का मूल फर्क यही है कि बायोपिक किसी भी इंसान के गुण या दोष के आधार पर बनी फिल्म होती है। यह निर्देशक और निर्माता पर निर्भर करता है कि वह फिल्म में संबंधित शख्सियत के किस पहलू को उजागर करता है। दर्शक भी यही मानकर फिल्म देखने जाता है कि यह निर्देशक का किसी शख्सीयत को देखने का उसका अपना नजरिया है। यही वजह है कि पिछले साल रिलीज हुई संजू देश में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली तीसरे नंबर की भारतीय फिल्म बनी। अब बारी पीएम नरेंद्र मोदी की है।
 
Movie Review of pm narendra modi
PM Narendra Modi - फोटो : social media

फिल्म पीएम नरेंद्र मोदी एक ऐसे शख्स की गुणगाथा है जिसने बचपन मुफलिसी में गुजारा, जवानी में ही मां का आशीर्वाद लेकर संन्यासी बन गया, गुरु के कहने पर बस्ती में लौटा और अपनी ही पार्टी की अंदरूनी सियासत से जूझकर जननायक बना। बाल नरेंद्र स्टेशन पर चीन सीमा पर जाते फौजियों को जब मुफ्त में चाय पिलाता है, तो ये फिल्म का पहला आधार होता है। फिर वह अपने गुरु को चाकू देते समय इसका दस्ता आगे करता है, तो यह जनहित की दूसरी धुरी बनती है। 

Movie Review of pm narendra modi
Omung Kumar - फोटो : social media
गुजरात के सूखा प्रभावित क्षेत्रों में नहरों की खुदाई का जिम्मा लेकर वह बताता है, वोट के पीछे मत भागो, काम करो, वोट खुद चलकर आएगा। वह गुजरात का पहला किंगमेकर है, जिसकी शोहरत से गांधीनगर से लेकर दिल्ली तक में हलचल है। ओमंग कुमार ने इसके पहले मैरी कॉम और सरबजीत जैसी बायोपिक्स बनाकर अपना एक फैनबेस तैयार किया है। पीएम नरेंद्र मोदी इसका विस्तार है। वह सिनेमा बनाते हैं, डॉक्यूमेंट्री नहीं। 
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Movie Review of pm narendra modi
नरेंद्र मोदी की फिल्म का पोस्टर (फाइल फोटो) - फोटो : Instagram

दर्शन कुमार को फिर उन्होंने फिल्म में ऐसे उत्प्रेरक के तौर पर इस्तेमाल किया है जो मोदी को खत्म करने की साजिश रचने वालों का मोहरा है। अपने चैनल का वह जमकर दुरुपयोग भी करता है। ओमंग ने इस फिल्म को रिश्तों की डोर से बांधा है, ये रिश्ते मोदी-शाह के रिश्तों को जय वीरू और सचिन सहवाग जैसा रिश्ता बताते हैं। ये भी बताते हैं कि बच्चों को विवेकानंद का साहित्य पढ़ने की सीख देने वाले माता-पिता को तब क्या करना चाहिए, जब उनका अपना बच्चा विवेकानंद जैसा बनने की ठान ले।

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Movie Review of pm narendra modi
Vivek Oberoi - फोटो : twitter

मां इस फिल्म की सबसे मजबूत धुरी है। वह हर उस घड़ी में फिल्म को नया मोड़ देती है जब नरेंद्र मोदी के मन में विचारों का तूफान उठता है। विवेक ओबेरॉय को नरेंद्र मोदी के तौर पर स्वीकार करने में थोड़ा वक्त लगता है। लेकिन, ये बस उतनी ही देर तक है जितनी देर फिल्म गांधी में बेन किंगस्ले को मोहनदास के तौर पर स्वीकारने में लगता है। बस यहां कस्तूरबा नहीं हैं। इसके बाद विवेक ओबेरॉय ने नरेंद्र मोदी के तिलिस्म को परदे पर जीवंत कर दिया है। खासतौर से लाइव इंटरव्यू में मोदी बने विवेक ओबेरॉय की अदाकारी तालियों का हकदार बनती है। मां के रूप में जरीना वहाब, शाह के रूप में मनोज जोशी और टीवी पत्रकार के रूप में दर्शन कुमार ने दमदार काम किया है और फिल्म को मजबूत बनाया है।

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