Neeyat Movie Review: महिला प्रधान फिल्मों के भविष्य पर विद्या ने लगाया कट्टा, अनु मेनन की औसत से कमतर फिल्म
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विद्या बालन की गिनती देश की उन चुनिंदा अभिनेत्रियों में होती रही है जिन्होंने सिर्फ अपनी जिद और अपने किरदारों के प्रति अपने समर्पण से हिंदी सिनेमा में महिला प्रधान भूमिकाओँ वाला पूरा एक अलहदा सिनेमा खड़ा कर दिया। उनकी ही फिल्म ‘डर्टी पिक्चर’ ने तापसी पन्नू, नुसरत भरूचा, परिणीति चोपड़ा, हुमा कुरैशी और न जाने कितनी ही अभिनेत्रियों को महिला प्रधान भूमिकाओं वाली फिल्मों में अपनी कूवत और किस्मत आजमाने के लिए प्रेरित किया। और, सच ये भी है कि विद्या बालन की ही फिल्मों ने इस तरह के सिनेमा से दर्शकों को दूर करना भी शुरू किया। अब हालत ये है कि ऐसी फिल्मों को सिनेमाघर मिलना दूभर रहा है। कोरोना काल खत्म होने के बाद भी ऐसी फिल्में सिर्फ ओटीटी पर रिलीज होती रही हैं। शगुन अच्छा था कि विद्या बालन की इसी कड़ी की अगली फिल्म ‘नीयत’ को सिनेमाघर मिले हैं, लेकिन अगर इस फिल्म को बनाया भी ढंग से गया होता तो ये हिंदी सिनेमा की तमाम अभिनेत्रियों के लिए एक नया प्रस्थान साबित हो सकती थी।