Nawazuddin Siddiqui: खुद को फंसा हुआ पाने पर अनुराग से सलाह लेते हैं नवाज, लेकिन 1999 में नहीं मानी थी यह बात
नवाजुद्दीन सिद्दीकी और अनुराग कश्यप एक बार साथ में काम कर चुके हैं। दोनों की दोस्ती पर खूब बातें होती है, लेकिन साल 1999 में नवाज ने अनुराग की एक बात को नहीं माना था।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अनुराग कश्यप द्वारा निर्देशित साल 2012 में आई फिल्म 'गैंग्स ऑफ वासेपुर 2' में काम करके नवाजुद्दीन सिद्दीकी लोगों की नजर में आ गए थे। नवाजुद्दीन ने इस फिल्म में फैजल खान का किरदार अदा किया था। उनके बोले गए संवाद काफी प्रसिद्ध हुए थे और आज भी लोग उन्हें बोलते हुए सुने जाते हैं। इस फिल्म के बाद से नवाजुद्दीन सिद्दीकी और अनुराग कश्यप की दोस्ती को लेकर खूब बातें होती है। हालांकि, दोनों साल 1999 में ही एक-दूसरे से मिल चुके थे।
साल 1999 में 'शूल' फिल्म रिलीज हुई थी, जिसमें मनोज बाजपेयी, रवीना टंडन और शिल्पा शेट्टी समेत कलाकारों ने काम किया था। इसमें नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने भी एक छोटी सी भूमिका निभाई थी। यह वो फिल्म थी, जब नवाज और अनुराग पहली बार एक-दूसरे से मिले थे। हालांकि, अनुराग 'सरफरोश' फिल्म में उनका अभिनय देख चुके थे।
Prabhas: इस दिन होगा प्रभास और हनु राघवपुडी की फिल्म का शुभारंभ, पूजा समारोह को लेकर आई दिलचस्प जानकारी
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट्स के मुताबिक, नवाजुद्दीन सिद्दीकी 'शूल' फिल्म में काम के लिए सेट पर पहुंचे थे। अनुराग ने उनसे वेटर का छोटा सा रोल करने के लिए मना किया था। उन्होंने सलाह दी थी कि वो किसी बड़े रोल के लिए इंतजार करें, मगर नवाज ने वो किरदार कर लिया था, क्योंकि उन्हें काम चाहिए था।
Samarth Jurel: ओटीटी पर डेब्यू करने जा रहे हैं समर्थ जुरेल, 'चंगेज' में निभाएंगे राजस्थानी किरदार
अपने पुराने दिनों को याद करते हुए नवाजुद्दीन ने बताया था कि अनुराग सकारात्मक ऊर्जा देते हैं और इसी के चलते उनसे जुड़ाव हो गया था। अनुराग से मिलने के बाद नवाज को लगा था कि वो (अनुराग) उनका ध्यान रखेंगे। नवाजुद्दीन का कहना है कि वो अनुराग को दोस्त तो नहीं बोल सकते, लेकिन वो दोस्त है। वो खुद को फंसा हुआ पाने पर अनुराग से सलाह भी लेते हैं।
Ulajh Movie Review: जान्हवी कपूर की फिल्म को अपनों ने ही जमकर उलझाया, औरों में कहां दम था!