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Piyush Mishra: इंडस्ट्री के सहकर्मियों की आलोचना नहीं करना चाहते पीयूष मिश्रा, बोले- बुढ़ापा खराब नहीं करना
Wed, 06 Nov 2024 10:07 AM IST
दीक्षा पाठक
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: दीक्षा पाठक
Updated Wed, 06 Nov 2024 10:07 AM IST
सार
मशहूर अभिनेता-लेखक-संगीतकार का कहना है कि वह बिना सोचे-समझे इंडस्ट्री के सहकर्मियों की आलोचना करने में विश्वास नहीं करते क्योंकि उन्होंने ऐसे लोगों को देखा है जो इस तरह की आलोचना करते हुए कड़वे हो जाते हैं और फिर एक मुश्किल बुढ़ापे में जीते हैं।
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पीयूष मिश्रा
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
बॉलीवुड अभिनेता पीयूष मिश्रा को इंडस्ट्री में उनके अभिनय और शानदार फिल्मों के कारण प्रशंसकों का प्यार मिलता है। पीयूष मिश्रा ने हाल ही में अपनी फिल्मों और करियर को लेकर बात की है। उनका कहना है कि वह इंडस्ट्री के उन लोगों की तरह कटु नहीं बनना चाहते जिन्होंने जीवन भर दूसरों की आलोचना की है। आइए जानते हैं कि अभिनेता ने क्या कहा है।
बुढ़ापा खराब नहीं करना चाहते पीयूष
हाल ही में एक इंटरव्यू पीयूष मिश्रा का कहना है कि वह बिना सोचे-समझे इंडस्ट्री के लोगों की आलोचना करने में विश्वास नहीं करते हैं। अभिनेता का मानना है कि ऐसे लोग एक समय बाद सिर्फ कड़वा ही बोलने लग जाते हैं और अंदर से भी काफी कटु हो जाते हैं। बाद में इसका असर उनके बुढ़ापे पर पड़ता है। अभिनेता का कहना है कि वह अपना बुढ़ापा खराब नहीं करना चाहते हैं।
इन फिल्मों में कर चुके हैं सहयोग
मालूम हो कि पीयूष मिश्रा साल 2003 में फिल्म मकबूल के बाद से इंडस्ट्री में काफी ज्यादा एक्टिव रहे हैं। अनुराग कश्यप के साथ उन्होंने एक लंबी यात्रा भी तय की है। अभिनेता ब्लैक फ्राइडे, गुलाल और दो-भाग वाली गैंग्स ऑफ वासेपुर सीरीज में उनके साथ काम कर चुके हैं।
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अभिनेता ने की अनुराग कश्यप की तारीफ
अपने दोस्त अनुराग कश्यप की तारीफ करते हुए पीयूष मिश्रा ने कहा, "अनुराग को फिल्मों की काफी अच्छी समझ और पहचान है। हम दोनों जब कोई म्यूजिक बनाते हैं तो काफी कम ही बहस करते हैं, लेकिन लोगों को ऐसा नहीं लगता है। जब वह अच्छी फिल्में बनाते है तो मैं खुद उनकी तारीफ करता हूं, लेकिन जब कोई फिल्म खराब लगती है तो मैं फिर कुछ नहीं कहता हूं।"
किसी की आलोचना नहीं करना चाहते पीयूष मिश्रा
आगे अभिनेता ने यह भी बताया कि वह शाम को छह बजे के बाद किसी से नहीं मिलते हैं। पीयूष मिश्रा ने कहा, मैं बगैर किसी वजह के किसी को ट्रोल नहीं करता हूं। जिसने भी ऐसा किया है, उसका बुढ़ापा काफी खराब हो गया है। वह आज कष्ट भोग रहे हैं। मैं शाम को प्रार्थना में डूब जाता हूं।
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बुढ़ापा खराब नहीं करना चाहते पीयूष
हाल ही में एक इंटरव्यू पीयूष मिश्रा का कहना है कि वह बिना सोचे-समझे इंडस्ट्री के लोगों की आलोचना करने में विश्वास नहीं करते हैं। अभिनेता का मानना है कि ऐसे लोग एक समय बाद सिर्फ कड़वा ही बोलने लग जाते हैं और अंदर से भी काफी कटु हो जाते हैं। बाद में इसका असर उनके बुढ़ापे पर पड़ता है। अभिनेता का कहना है कि वह अपना बुढ़ापा खराब नहीं करना चाहते हैं।
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इन फिल्मों में कर चुके हैं सहयोग
मालूम हो कि पीयूष मिश्रा साल 2003 में फिल्म मकबूल के बाद से इंडस्ट्री में काफी ज्यादा एक्टिव रहे हैं। अनुराग कश्यप के साथ उन्होंने एक लंबी यात्रा भी तय की है। अभिनेता ब्लैक फ्राइडे, गुलाल और दो-भाग वाली गैंग्स ऑफ वासेपुर सीरीज में उनके साथ काम कर चुके हैं।
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अभिनेता ने की अनुराग कश्यप की तारीफ
अपने दोस्त अनुराग कश्यप की तारीफ करते हुए पीयूष मिश्रा ने कहा, "अनुराग को फिल्मों की काफी अच्छी समझ और पहचान है। हम दोनों जब कोई म्यूजिक बनाते हैं तो काफी कम ही बहस करते हैं, लेकिन लोगों को ऐसा नहीं लगता है। जब वह अच्छी फिल्में बनाते है तो मैं खुद उनकी तारीफ करता हूं, लेकिन जब कोई फिल्म खराब लगती है तो मैं फिर कुछ नहीं कहता हूं।"
किसी की आलोचना नहीं करना चाहते पीयूष मिश्रा
आगे अभिनेता ने यह भी बताया कि वह शाम को छह बजे के बाद किसी से नहीं मिलते हैं। पीयूष मिश्रा ने कहा, मैं बगैर किसी वजह के किसी को ट्रोल नहीं करता हूं। जिसने भी ऐसा किया है, उसका बुढ़ापा काफी खराब हो गया है। वह आज कष्ट भोग रहे हैं। मैं शाम को प्रार्थना में डूब जाता हूं।