रणबीर कपूर की वजह से एक्टर बने वीर हिरानी? बेटे को लेकर राजकुमार हिरानी का दिलचस्प खुलासा; जानिए क्या बोले?
Rajkumar Hirani On Acting Debut Of Son: फिल्म निर्माता राजकुमार हिरानी ने हाल ही में बेटे के एक्टिंग डेब्यू को लेकर बात की। उन्होंने बताया कि वे अपने बेटे के इस फैसले के खिलाफ थे और चाहते थे कि वह डायरेक्शन की दुनिया में उतरे।
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राजकुमार हिरानी के बेटे वीर हिरानी ने एक्टिंग डेब्यू किया है। ओटीटी पर हालिया रिलीज सीरीज 'प्रीतम एंड पेड्रो' में वे नजर आए हैं। यह राजकुमार हिरानी का ओटीटी डेब्यू है, तो वहीं बेटे वीर का एक्टिंग डेब्यू। राजू हिरानी का कहना है कि उनके बेटे को डायरेक्शन की बजाय एक्टिंग में कदम रखने की प्रेरणा शायद रणबीर कपूर से मिली।
रणबीर से कैसे मिली प्रेरणा?
राजकुमार हिरानी के मुताबिक फिल्म 'संजू' के दौरान रणबीर कपूर के साथ काम करने से शायद उनके बेटे वीर हिरानी को डायरेक्टर बनने के बजाय एक्टर बनने की प्रेरणा मिली। फिल्ममेकर ने यह भी बताया कि 'प्रीतम एंड पेड्रो' से वीर के एक्टिंग डेब्यू को सपोर्ट करने से पहले, उन्होंने शुरू में वीर को एक्टिंग न करने के लिए मनाने की कोशिश की थी। राजकुमार हिरानी ने इंडिया टुडे के साथ एक खास बातचीत में यह भी बताया कि उन्होंने हमेशा सोचा था कि वीर डायरेक्टर बनेंगे, इसलिए जब वीर ने एक्टिंग करने का फैसला बताया, तो उन्होंने बेटो को ऐसा नहीं करने के लिए मनाने की पूरी कोशिश की थी।
12वीं के बाद छोड़ दी थी पढ़ाई
उन्होंने कहा, 'वह अच्छी फिल्में बना रहा था। स्कूल के दिनों में भी उसने बहुत प्यारी फिल्में बनाई थीं। मुझे हमेशा लगता था कि वह डायरेक्शन करेगा। उसने 'संजू' फिल्म में मेरे साथ काम किया था और मुझे असिस्ट भी किया था, क्योंकि 12वीं के बाद उसने स्कूल से ब्रेक ले लिया था। वह 'पीके' के कुछ शेड्यूल के दौरान भी मौजूद था। मुझे लगा कि वह काम सीख रहा है, फिर एक दिन उसने कहा कि वह एक्टर बनना चाहता है। मुझे लगता है कि उसने रणबीर को देखा और उससे प्रभावित हुआ।
पिता को मनाने के लिए दिया '3 इडियट्स' का उदाहरण
राजकुमार हिरानी ने आगे कहा, 'रणबीर ने शायद उससे कहा होगा, 'तुम तो एकदम हीरो जैसे लगते हो'। तो उसने सोचा होगा, 'बस अब यही करना है, मुझे एक्टिंग करनी है'। अक्सर जहां फिल्ममेकर्स अपने बच्चों को लॉन्च करने के लिए उत्साहित रहते हैं, वहीं हिरानी का पहला रिएक्शन यही था कि वे बेटे को एक्टर बनने से रोंके। राजू हिरानी ने कहा कि उन्होंने अपने बेटे को कभी एक्टिंग करते हुए नहीं देखा था और उन्हें यकीन नहीं था कि एक्टिंग सही करियर ऑप्शन है। वे बोले, 'मैंने उससे पूछा कि तुम ऐसा क्यों करना चाहते हो? लेकिन वह अपनी बात पर अड़ा रहा और उसने मुझसे यह भी कहा, 'आपने ही तो '3 इडियट्स' में कहा था कि वही करो जो तुम्हारा दिल चाहे'। तो, इस बात ने मुझे सोचने पर मजबूर कर दिया'।
छह-सात साल ली एक्टिंग ट्रेनिंग
इसके बाद वीर ने छह-सात साल एक्टिंग की ट्रेनिंग लेने, थिएटर की पढ़ाई करने और अपनी कला को निखारने में बिताए। फिर उन्होंने 'प्रीतम एंड पेड्रो' के लिए संपर्क किया। दिलचस्प बात यह है कि फिल्ममेकर शुरू में इस रोल के लिए बेटे को लेने की नहीं सोच रहे थे। उन्होंने कहा, 'जब वह आया, तब हम इसे बनाने की प्रक्रिया में आगे बढ़ चुके थे। हम किसी और को कास्ट करने की सोच रहे थे। उसने मुझे बताया भी नहीं और सीधे अविनाश से मिलकर ऑडिशन देने की बात कही। उसने स्क्रिप्ट पढ़ ली थी और लगभग 30-40 सीन शूट भी कर लिए थे। अविनाश ने उसका नाटक भी देखा और तब उन्होंने मुझसे कहा कि जब वह हमारे पास है ही, तो हम किसी और को क्यों देख रहे हैं। लेकिन मेरे मन में यह बात नहीं थी कि वह इस प्रोजेक्ट का हिस्सा बनेगा'।