Dhadkan: पांच साल में बनी थी ‘धड़कन’, राम-देव के किरदार के लिए ये अभिनेता थे पहली पसंद; जानिए फिल्म के किस्से
25 Years Of Dhadkan: अक्षय कुमार, शिल्पा शेट्टी और सुनील शेट्टी की फिल्म ‘धड़कन’ आज अपनी रिलीज के 25 साल पूरे कर चुकी है। इस मौके पर जानते हैं फिल्म से जुड़े कुछ किस्से।
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‘मैं तुम्हें भूल जाऊं ये हो नहीं सकता और तुम मुझे भूल जाओ ये मैं होने नहीं दूंगा।’ ये डायलॉग तो आपको याद ही होगा। क्योंकि ये डायलॉग कभी भूलने वाला नहीं है और न ही आप भूल पाएंगे कभी फिल्म ‘धड़कन’ को। अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी और शिल्पा शेट्टी स्टारर सुपरहिट रोमांटिक फिल्म ‘धड़कन’ को रिलीज हुए आज 25 साल पूरे हो चुके हैं। 11 अगस्त 2000 को रिलीज हुई यह फिल्म आज भी कई लोगों को उतनी ही पसंद आती है। आज भी टीवी पर जब ये फिल्म आती है तो लोग इसे देखते जरूर हैं। फिल्म की कहानी से लेकर इसके गाने तक आज भी लोगों के पसंदीदा बने हुए हैं। आज ‘धड़कन’ की सिल्वर जुबली के मौके पर जानते हैं फिल्म से जुड़े किस्से।
‘धड़कन’ को बनने में लगे साढ़े चार से पांच साल
साल 2000 में रिलीज हुई ‘धड़कन’ को बनने में साढ़े चार से पांच साल लग गए थे। इसकी वजह थी फिल्म को लेकर बार-बार हुए कई तरह के बदलाव। इस फिल्म को धर्मेश दर्शन ने निर्देशित किया है। जिस वक्त धर्मेश दर्शन को फिल्म के लिए साइन किया गया था, उस वक्त वो फिल्म ‘मेला’ की शूट में व्यस्त थे। इसके चलते फिल्म के निर्माण में काफी देरी हुई।
‘देव’ के किरादर को पहले संजय दत्त और अरबाज खान निभाने वाले थे
फिल्म के किरदार राम, अंजलि और देव के लिए कई कलाकारों से संपर्क किया गया था। मगर आखिरी में मेकर्स ने अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी और शिल्पा शेट्टी को लेकर फिल्म बनाने का निर्णय लिया। जब फिल्म पर काम शुरू हुआ था, तब देव के किरदार के लिए संजय दत्त को साइन किया गया था। लेकिन इसी दौरान वो जेल चले गए। इसलिए फिल्म में सुनील शेट्टी को इस फिल्म के लिए रखा गया।
हालांकि, सुनील शेट्टी उस वक्त अपनी दूसरी फिल्मों की शूटिंग में भी व्यस्त थे। इसलिए सुनील शेट्टी बीच में ही फिल्म से बाहर हो गए और उनकी जगह अरबाज खान को देव के किरदार के लिए चुना गया। अरबाज खान के साथ कुछ शूटिंग भी हुई। लेकिन बाद में मेकर्स को एहसास हुआ कि देव के किरदार के लिए सुनील शेट्टी ही सही च्वाइस हैं। इसलिए अंत में सुनील शेट्टी ने ही इस किरदार को निभाया और हिट हुआ।
बदला गया ‘धड़कन’ का क्लाइमैक्स
जिस ‘धड़कन’ को इतना पसंद किया गया और 25 साल बाद भी लोगों की लोकप्रिय बनी हुई है। उस ‘धड़कन’ का क्लाइमैक्स शुरू में यह था ही नहीं जो आज है। दरअसल, पहले फिल्म के अंत में देव के किरदार की मौत हो जाती थी। जैसे ही अंजलि उसे ये बताती कि वो राम के बच्चे की मां बनने वाली है। इसे सुनने के बाद देव का किरदार मर जाता है। लेकिन बाद में मेकर्स को लगा कि फिल्म की हैप्पी एंडिंग होनी चाहिए। इसलिए उन्होंने फिल्म का क्लाइमेक्स ही बदल दिया।
राम के किरदार के लिए अक्षय नहीं थे पहली पसंद
फिल्म में राम के किरदार के लिए पहले अनिल कपूर और अजय देवगन से संपर्क किया गया था। हालांकि, उनके मना करने के बाद अक्षय कुमार को इस रोल के लिए फाइनल किया गया।
सुनील शेट्टी को मिला था बेस्ट विलेन का फिल्मफेयर अवॉर्ड
‘धड़कन’ के लिए सुनील शेट्टी को उनका एकमात्र फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला हुआ है। फिल्म के लिए सुनील शेट्टी को बेस्ट विलेन का अवॉर्ड मिला था। हालांकि, उस वक्त कई लोगों ने इस फैसले की आलोचना भी की थी, क्योंकि उनका मानना था कि सुनील शेट्टी फिल्म में विलेन नहीं थे।
बीच शूटिंग में हुई महिमा चौधरी की एंट्री
फिल्म में पहले महिमा चौधरी का किरदार ही नहीं था। मगर फिल्म की शूटिंग के दौरान ही सुभाष घई ने फिल्म ‘परदेस’ से महिमा चौधरी को ब्रेक दिया और देखते ही देखते महिमा काफी लोकप्रिय हो गईं। इसलिए महिमा की प्रसिद्धि को भुनाते हुए मेकर्स ने महिमा चौधरी को शीतल वर्मा के किरदार के लिए साइन कर लिया।
फिल्म के टाइटल को लेकर हो गया था कानूनी विवाद
रिलीज से पहले फिल्म के टाइटल ‘धड़कन’ को लेकर कानूनी विवाद छिड़ गया था। गोयल सिने कारपोरेशन और यूनाइटेड सेवन कमबाइन्स ने इस टाइटल पर अपना हक जता दिया था। इसके बाद अदालती फैसला हुआ और रजत जैन को ‘धड़कन’ टाइटल रखने की इजाजत मिल गई और अंतत: ‘धड़कन’ बनी। इस कारण भी फिल्म की रिलीज में देरी हुई।
फिल्म के हर गाने में आता है ‘धड़कन’
फिल्म के गाने भी काफी मशहूर हुए थे और ‘धड़कन’ उस साल ‘मोहब्बते’ के बाद बिकने वाली दूसरी सबसे बड़ी एल्बम थी। इस फिल्म से संगीतकार नदीम-श्रवण ने कमबैक किया था। वहीं फिल्म के हर गाने में ‘धड़कन’ शब्द आता है। फिल्म के गानों को समीर ने लिखा है।
‘दूल्हे का सेहरा’ में नजर आने वाले थे नुसरत फतेह अली खान
फिल्म के सबसे लोकप्रिय गीत ‘दूल्हे का सेहरा’ आज भी शादियों में सुनाई देता है। इस फिल्म को दिग्गज गायक नुसरत फतेह अली खान ने गाया है। पहले इस गाने में स्क्रीन पर भी खुद नुसरत साहेब को ही होना था। लेकिन गाने की शूटिंग से पहले ही नुसरत साहेब का इंतकाल हो गया। जिसके चलते कादर खान इस गाने में स्क्रीन पर सिंगर के रूप में दिखाई दिए हैं।
एक गाने को शूट करने में लग गए साढ़े चार साल
फिल्म के लोकप्रिय गीत ‘दिल ने ये कहा है दिल से…’ को शूट होने में साढ़े चार साल का वक्त लग गया था। गाने का शुरुआती भाग स्विट्जरलैंड में शूट हुआ था। फिर बीच में फिल्म साल-डेढ़ साल बंद पड़ गई और फिर गाने का अगला भाग अलग लोकेशन पर शूट हुआ। फिर जब अक्षय कुमार गाने में आए तो उसे अलग शूट किया गया। गाने के भाग 'कैसे आंखें चार कर लो' को शूट करने में साढ़े चार साल लग गये थे।
महिमा चौधरी नहीं थीं पहली पसंद
महिमा चौधरी के किरदार शीतल वर्मा के लिए सुष्मिता सेन मेकर्स की पहली पसंद थीं। लेकिन उन्होंने मना कर दिया। इसके बाद मेकर्स ने रानी मुखर्जी और रवीना टंडन से भी संपर्क किया। लेकिन उन्होंने भी मना कर दिया। आखिरी में महिमा चौधरी को शीतल वर्मा के किरदार के लिए साइन किया गया।