सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Entertainment ›   South Cinema ›   Pawan Kalyan Reveals His Two Favourite Bollywood Films Recalls Shooting Days In Srinagar

पवन कल्याण को पसंद आई 'धुरंधर', बताया फिल्म में क्या लगा खास; हॉरर फिल्मों और श्रीनगर को लेकर कही ये बात

एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला Published by: अंजू बाजपेयी Updated Wed, 10 Jun 2026 07:46 PM IST
विज्ञापन
सार

Pawan Kalyan: पवन कल्याण ने हाल ही में अपनी दो पसंदीदा बॉलीवुड फिल्मों के बारे में खुलासा किया। इसके साथ ही उन्होंने श्रीनगर के शूटिंग के दिनों से जुड़ी बाते भी बताईं।

Pawan Kalyan Reveals His Two Favourite Bollywood Films Recalls Shooting Days In Srinagar
आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार

आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और मशहूर अभिनेता पवन कल्याण ने हाल ही में एक इंटरव्यू में अपनी दो पसंदीदा बॉलीवुड फिल्मों के बारे में बताया है, जिसके बाद से उनकी यह बात सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रही है। इसके साथ ही उन्होंने श्रीनगर में अपनी पुरानी शूटिंग के दिनों को भी याद किया। पवन कल्याण आखिरी बार फिल्म 'दे कॉल्ड हिम ओजी' में नजर आए थे। फिल्म निर्माता इसके सीक्वल की योजना भी बना रहे हैं।

पवन कल्याण की पहली पसंदीदा फिल्म
पवन कल्याण की पहली पसंदीदा फिल्में 'धुरंधर' और 'धुरंधर द रिवेंज' हैं। यह फिल्म दर्शकों को बहुत पसंद आई है और इसने कई रिकॉर्ड तोड़े हैं। इस फिल्म में रणवीर सिंह, संजय दत्त, आर. माधवन और अर्जुन रामपाल ने मुख्य भूमिका निभाई है।

इस फिल्म में रणवीर सिंह ने जसकिरत और हमजा नाम के दो किरदारों की भूमिका निभाई है। कहानी एक ऐसे मिशन पर आधारित है, जिसमें रणवीर सिंह का किरदार कराची के अंडरवर्ल्ड में शामिल होकर अपराधियों और आतंकवादियों के नेटवर्क को खत्म करने की कोशिश करता है।

'धुरंधर' को लेकर पवन कल्याण ने कहा, 'मुझे 'धुरंधर' का बेबाक अंदाज बहुत पसंद आया। व्यस्त होने के कारण मैं इसका दूसरा भाग थिएटर में नहीं देख पाया, लेकिन मेकर्स ने जो काम किया है वो काबिले-तारीफ है।'

विज्ञापन
विज्ञापन

दूसरी पसंदीदा फिल्म है 'बारामूला'
'बारामूला' एक सस्पेंस और रहस्यों से भरी फिल्म है। फिल्म की शुरुआत बारामूला शहर से एक युवा लड़के के अचानक गायब होने से होती है। इस मामले की जांच 'रिदवान सैयद' नाम के एक पुलिस अधिकारी को सौंपी जाती है। जांच के दौरान कहानी में कई तरह के रहस्य, डर और पुरानी लोक-कथाओं का रोमांच देखने को मिलता है, जो दर्शकों को बांधकर रखता है।

पवन कल्याण ने 'बारामूला' को लेकर कहा, 'मैंने उस दौर में कश्मीर के हालातों को बदलते और कश्मीरी पंडितों के दर्द को बहुत करीब से महसूस किया था। किसी को उसके घर से बाहर निकाल देना बेहद दुखद है। 'बारामूला' फिल्म में कहानी को जिस तरह दिखाया गया है, उसने मेरे दिल को छू लिया।'

हॉरर फिल्मों से मिलता है सुकून
पवन कल्याण ने एक दिलचस्प बात शेयर करते हुए कहा कि उन्हें हॉरर फिल्में देखना बहुत पसंद है। उन्होंने कहा, 'हॉरर फिल्में मेरे दिमाग को बांधकर रखती हैं और मुझे फालतू बातें सोचने नहीं देतीं। जब मुझे नींद नहीं आती, तो मैं हॉरर फिल्म देखता हूं, जिससे मेरा दिमाग शांत हो जाता है।'
विज्ञापन

श्रीनगर के पुराने दिन
पवन कल्याण ने बताया कि साल 1987 से 1989 के बीच वे फिल्मों की शूटिंग के सिलसिले में श्रीनगर में थे। उस समय वहां का माहौल काफी तनावपूर्ण था। उन्होंने याद करते हुए कहा कि जब वे वहां खरीदारी करने जाते थे, तो कुछ लोग उन्हें परेशान करते थे और पूछते थे कि वे श्रीनगर में क्यों आए हैं। 


यह भी पढ़ें: विवाद के बीच प्रणित मोरे ने बंद किया इंस्टाग्राम, दूसरे अकाउंट पर किए जा रहे ट्रोल; यूजर्स बोले- शर्म करो
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed