सुभाष घई ने याद की प्रधानमंत्री मोदी से 17 साल पुरानी मुलाकात; एयरपोर्ट के पास मांगी थी जमीन; मिला था ये जवाब
Subhash Ghai: बॉलीवुड के शोमैन सुभाष घई ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा साझा किया है। उन्होंने एक पुरानी मुलाकात का जिक्र किया, जब गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी से उनकी बातचीत हुई।
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विस्तार
सुभाष घई ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़ा एक पुराना किस्सा याद किया है। यह उस मुलाकात के दौरान का किस्सा है, जब पीएम नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे। यह मुलाकात सिर्फ एक औपचारिकता भर नहीं थी, बल्कि इसने सुभाष घई की यादों में एक शानदार शख्सियत के रूप में प्रधानमंत्री मोदी को हमेशा के लिए दर्ज कर दिया।
साल 2009 में हुई थी मुलाकात
समाचार एजेंसी आईएएनएस के मुताबिक, इससे जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ‘मोदी स्टोरी’ अकाउंट से साझा किया गया। इसमें साल 2009 की उस घटना का जिक्र है, जब फिल्म निर्माता सुभाष गई अपने प्रोजेक्ट 'व्हिसलिंग वुड्स इंटरनेशनल' को लेकर गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने गए थे।
When Subhash Ghai met PM Modi, he expected bureaucracy, instead he got speed-run execution.
— Modi Story (@themodistory) August 19, 2026
Watch the iconic director explain how a visionary idea went from pitch to reality on the fast track!#Modistory #SubhashGhai pic.twitter.com/S5H5ehL4pV
सुभाष घई से पीएम मोदी ने क्या कहा था?
इस बेहद खास वीडियो में मशूहर डायरेक्टर सुभाष घई उस घटना को याद करते हैं, जब वे तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करने गुजरात गए थे। घई बताते हैं, 'जब मैं 2009 में गुजरात गया तो सबसे पहले उनके सचिवालय पहुंचा। वहां मुझे बताया गया कि वे तो आज मुंबई में हैं। सचिव ने तुरंत मुख्यमंत्री को फोन मिलाया और मेरे यहां (गुजरात) होने की जानकारी उनको दी, तो उन्होंने कहा कि सुभाष घई को बोलिए कि आज रात को रुक जाएं और अगली सुबह आकर मेरे घर पर नाश्ता कर लें'।
शिक्षा पर दी थी ये सीख
सुभाष घई ने वीडियो में आगे बताया कि दूसरे दिन मेरी उनसे नाश्ते पर मुलाकात हुई। मैंने उनको प्रेजेंटेशन दिया। प्रेजेंटेशन के दौरान मैंने उन्हें बताया कि भारतीय संस्कृति को विद्या में किस तरह से लाया जा सकता है, क्योंकि जब तक कलात्मक दृष्टि से शिक्षा नहीं होगी, तब तक हमारे बच्चों का शिक्षा में विकास नहीं हो सकता।
साथ ही कहा था, चाहे वो गुजरात की संस्कृति हो, बंगाल की हो या फिर पंजाब की। यह सिनेमा के माध्यम से हो सकता है।
- सुभाष घई ने कहा कि उनको मेरे विचार और प्रेजेंटेशन बहुत अच्छे लगे तो उन्होंने मुझसे पूछा कि आपको क्या चाहिए?
- मैंने बोला कि मुझे एयरपोर्ट के आसपास एक जमीन चाहिए, जहां मेरे टीचर भी आराम से आ सकें।
- उन्होंने तुरंत बोला कि मैंने अपने सचिवों को कह दिया है, आपको बड़ोदा तक या यहां तक हाइवे पर जहां भी जमीन अच्छी लगे, आप चुन लीजिए।
- हम चाहते हैं कि अहमदाबाद में 'व्हिसलिंग वुड्स इंटरनेशनल' खुले।
- उन्होंने कहा कि अगर मेरे सेक्रेटरी कुछ गड़बड़ करें या थोड़ा भी लेट करें तो आप मुझे सीधा फोन करें।
- तब, मैंने कहा कि ये बहुत सीनियर अधिकारी हैं, तो उन्होंने कहा कि इनके पास काम बहुत है और ये बहुत व्यस्त रहते हैं, लेकिन आपने जो मुझे दिखाया है, उसका महत्व मैं ही समझ सकता हूं। मैं चाहता हूं, ये यहां पर बने।
- सुभाष घई कहते हैं कि बतौर मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने जो बात मुझे कही, वो मेरे लिए बहुत महत्वपूर्ण थी, क्योंकि ये बात मुझे आज तक किसी मुख्यमंत्री ने नहीं कही।