Fact Check: लालू और नीतीश की मुलाकात के दो वर्ष पुराने वीडियो को हालिया बताकर किया जा रहा शेयर, पढ़ें पड़ताल
Fact Check: सोशल मीडिया पर लालू और नीतीश यादव की एक फोटो शेयर करके दावा किया जा रहा है कि दोनों ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले मुलाकात की है। हमारी पड़ताल में यह तस्वीर दो साल पुरानी निकली है।
विस्तार
बिहार चुनाव की नामांकन प्रक्रिया का पहला दौर खत्म हो गया है। वहीं दूसरे चरण का नामांकन भी 20 अक्तूबर को खत्म हो जाएगा। 6 और 11 नवंबर को दो चरणों में मतदान होना है। नतीजे 14 नवंबर को आएंगे। इस बीच एक तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर की जा रही है। इस तस्वीर में देखा जा सकता है कि जदयू नेता और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख लालू प्रसाद यादव से मिलते हुए दिखाई दे रहे हैं। दावा किया कि यह तस्वीर हाल ही की है और दोनों नेताओं की मुलाकात राज्य चुनाव से ठीक पहले हुई थी।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया है। हमारी पड़ताल में सामने आया है कि यह तस्वीर अप्रैल 2023 की है, जब जदयू और राजद का गठबंधन था और नीतीश कुमार नई दिल्ली में लालू प्रसाद यादव से मिलने गए थे। दोनों नेताओं की पुरानी तस्वीर को हालिया बताकर शेयर किया जा रहा है।
क्या है दावा
इस तस्वीर को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि लालू प्रसाद यादव और नीतीश कुमार की गुपचुप तरीके से मुलाकात हुई है। नीतीश एक बार फिर पलटी मार सकते हैं।
Anjarul.haq.142 नाम के एक इंस्टाग्राम यूजर ने इस वीडियो को शेयर करके लिखा “पलटू चाचा फिर से पलटने के कगार पर गोपनीय तस्वीर वायरल” पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते है।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने वीडियो को कीफ्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां हमें यह वायरल तस्वीर इंडिया टुडे की 2023 की एक मीडिया रिपोर्ट में मिली। इस तस्वीर में लिखा गया था, “बिहार के सीएम नीतीश ने दिल्ली में लालू से मुलाकात की, 2024 के लोकसभा चुनावों में बीजेपी से लड़ने के लिए विपक्षी एकता पर चर्चा की”
आगे हमें यह तस्वीर एनडीटीवी की एक मीडिया रिपोर्ट में देखने को मिली। इस रिपोर्ट में वायरल हो रही तस्वीर को 2023 की रिपोर्ट में छापा था। इस रिपोर्ट में बताया गया था कि “बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दिल्ली पहुंचे और उन्होंने राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद के साथ बैठक की। समझा जाता है कि इस दौरान उन्होंने 2024 के संसदीय चुनावों में भाजपा से मुकाबला करने के लिए विपक्षी एकता को मज़बूत करने के प्रयासों के बीच मौजूदा राजनीतिक हालात पर चर्चा की।”
पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में यह साफ है कि तस्वीर दो वर्ष पुरानी है, इसे हालिया बताकर भ्रामक दावा किया जा रहा है।