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Fact Check: अकादमी में छात्र को पीटने के वीडियो को सांप्रदायिक दावे के साथ किया जा रहा शेयर, पढ़ें पड़ताल

फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला Published by: Sandhya Kumari Updated Sat, 28 Mar 2026 06:35 PM IST
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सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें दावा किया जा रहा है कि इसमें एक सरकारी कार्यालय का कर्मचारी दूसरे धर्म की महिला को पीट रहा है। हमारी पड़ताल में यह दावा गलत निकला है। 

Fact Check Video of Student Being Beaten at Academy Shared with Communal Claims
फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है, इस वीडियो में दिख रहा है कि एक व्यक्ति कुर्सी पर बैठा है और उसने अपने सिर को मेज पर रखा हुआ है। उसी समय एक आदमी पीछे से आता है और कुर्सी पर बैठे व्यक्ति के सिर पर चप्पल से मारता है। वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो दिल्ली के एक दफ्तर का है। जहां एक मुस्लिम महिला ने रोजे रखे हुए हैं और वह काम के दौरान सो रही थी। कहा जा रहा है कि हिंदू आदमी महिला को इस दौरान पीट रहा है। 

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अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया है। हमारी जांच में सामने आया कि वीडियो किसी दफ्तार का नहीं है। न ही वीडियो की जांच करने पर कोई भी सांप्रदायिक एंगल होने की हमें जानकारी मिली। 

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क्या है दावा   

इस वीडियो को शेयर करके सांप्रदायिक एंगल होने का दावा किया जा रहा है। कहा जा रहा है कि दिल्ली के एक दफ्तर में हिंदू आदमी रोजा रखे हुए महिला को मारते हुए नजर आ रहा है। 

अंतर्राष्ट्रीय संबंध (@Intl_Relations0) नाम के एक एक्स यूजर ने इस वीडियो को शेयर करके लिखा, “दिल्ली के एक सरकारी दफ्तर से सामने आई एक परेशान करने वाली घटना में, कथित तौर पर एक रोजा रखने वाली मुस्लिम महिला को उसके एक पुरुष सहकर्मी द्वारा परेशान किया जा रहा है। यह कार्यस्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा, गरिमा और सम्मान को लेकर गंभीर चिंताएँ खड़ी करता है-ऐसी जगहें जहां कई महिलाएं अपने परिवारों का भरण-पोषण करने के लिए काम करने को विवश होती हैं।” पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। 

 

 

इस तरह के कई और दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इसके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।

पड़ताल 

इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने वीडियो के कीफ्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां हमें यह वीडियो कमांडो एकेडमी लाइफ नाम के यूट्यूब चैनल पर पोस्ट मिला। इस वीडियो को चैनल में दो पार्ट में शेयर किया गया था। चैनल की पड़ताल करने पर हमें पता चला कि वीडियो में दिख रहा व्यक्ति विराट चौधरी है। जो कमांडो अकादमी चलाते हैं। इस वीडियो को यहां 26 जनवरी 2026 को शेयर किया गया था। वीडियो के साथ कैप्शन दिया गया था “नींद ले रहा था” जिससे साफ है कि वीडियो में किसी लड़के की बात हो रही है। 

 

 

आगे सर्च करने पर हमें इस वायरल वीडियो का पहला पार्ट 25 जनवरी 2026 को पस्ट मिला। यहां हमें विराट चौधरी बीड़ी पीने की बात कर रहे हैं। वह कुर्सी पर बैठे व्यक्ति की तरफ इशारा करते हुए कहते हैं कि ये बीड़ी पीकर आया था। विराट चौधरी यह भी कहते हैं कि अकादमी में बीड़ी पीकर आया था। 

 

 

इस पेज को सर्च करने पर हमें पता चला के ये चैनल एक विराट चौधरी द्वारा चलाया जाता है। वह अपने आप को सीआरपीएफ कमांडो बता रहे हैं। वह एक अकादमी चलाते हैं जहां बच्चों के आर्मी के अलग-अलग क्षेत्रों और अलग-अलग फोर्स में जाने के लिए ट्रेनिंग दी जाती है।  

वहीं, इस साल के रमजान की बात करें तो वह 18 फरवरी 2026 से शुरू हुए थे और 20 मार्च 2026 को खत्म हुए थे। इसलिए इस वीडियो को रोजे के समय के होने का दावा भी गलत साबित हुआ। 

 

पड़ताल का नतीजा 

हमारी पड़ताल में यह साफ है कि एक अकादमी के वीडियो को भ्रामक दावे के साथ शेयर किया जा रहा है। 

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