Fact Check: कांग्रेस के नेशनल हेराल्ड से जुड़े प्रदर्शन के वीडियो को यूजीसी के दौरान का बताकर किया जा रहा शेयर
Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है। इस वीडियो में पीएम मोदी और अमित शाह के पोस्टर पर कालिख लगाई जा रही है। दावा किया जा रहा है कि ये प्रदर्शन यूजीसी के दौरान का है। हमारी पड़ताल में यह दावा गलत निकला है।
विस्तार
सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है। इस वीडियो में कुछ लोग एक पोस्टर पर जिसमें पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की तस्वीर लगी है, उस पर कालिख पोतते हुए नजर आ रहे हैं। इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो यूजीसी प्रदर्शन के दौरान का है।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया है। हमारी जांच में सामने आया कि यह वीडियो यूजीसी के प्रदर्शन के दौरान का नहीं है। वीडियो दिसंबर 2025 का है। जांच के दौरान ये भी सामने आया कि यह वीडियो रायपुर में नेशनल हेराल्ड मामले को लेकर कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान का है।
क्या है दावा
इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि यूजीसी के विरोध प्रदर्शन के दौरान का है।
General Merit 🔥 @MeritvsQuota नाम के एक्स यूजर ने वीडियो शेयर करके लिखा, "हालांकि, मैं इस तरह कृत्य की निंदा करता हूं, भाजपा ने हमारे पास और कोई विकल्प नहीं छोड़ा है। ...और ज़्यादा चुप्पी, तो हम और भी जोरदार विद्रोह करेंगे। इसके साथ #UGC_Roll_Back #ShameOnUGC हैशटैग भी किया गया है। वीडियो पर लिखा है पीएम मोदी और अमित शाह के पोस्टर पर फेंकी गई स्याही।" पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
इस तरह के कई और दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने वीडियो के कीफ्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां हमें यह वीडियो khabar_wali नाम के एक इंस्टाग्राम अकाउंट पर देखने को मिला। यहां इस वीडियो को 17 दिसंबर 2025 को शेयर किया गया था। इसके साथ कैप्शन में लिखा गया था “पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर फेकी गई काली स्याही नेशनल हेराल्ड केस में कांग्रेस को बड़ी राहत, रायपुर में सड़कों पर उतरे कार्यकर्ता” बुधवार को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। कार्यकर्ताओं ने भाजपा जिला कार्यालय एकात्म परिसर का घेराव करने की कोशिश की इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पीसीसी चीफ दीपक बैज पूर्व मंत्री शिव डहरिया मौजूद रहे। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता केंद्र की भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते नजर आए। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और सीबीआई जैसी जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर विपक्षी नेताओं को डराने और दबाने का काम कर रही है।
इसी वीडियो के कैप्शन से संकेत लेते हुए हमने वीडियो को कीवर्ड के माध्यम से सर्च किया। यहां हमें इससे जुड़ी कई लोकल मीडिया रिपोर्ट मिली। जिसमें यह तस्वीर मौजूद थी। पब्लिक स्वर नाम की एक वेबसाइट पर इस रिपोर्ट को 17 दिसंबर 2025 को शेयर करके लिखा गया था “नेशनल हेराल्ड मामले को लेकर कांग्रेस ने रायपुर के पंडरी और गेकाहारा क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में कांग्रेरा नेता कार्यकर्ता विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा कार्यालय घेरने की कोशिश की और पीएम गोदी व गृहमंत्री अमित शाह के पोस्टर पर कालिख पोती।”
आगे हमें एक और रिपोर्ट मिली। इस रिपोर्ट में वायरल हो रहे वीडियो की तस्वीर मौजूद थी। इस रिपोर्ट को 17 दिसंबर को शेयर किया गया था। इस रिपोर्ट में भी यह वीडियो रायपुर में नेशनल हेराल्ड को लेकर हो रहे प्रदर्शन के दौरान का है।
यहां से यह पता चला कि यह वीडियो यूजीसी के नए नियम जो 13 जनवरी 2026 को आए थे, उससे पहले का है। यूजीसी के विरोध में प्रजर्शन जनवरी के अंतिम दिनों में शुरू हुए थे। इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी दायर की गई थी। सुप्रीम कोर्ट में बहस के बाद इन नियमों पर रोक लगा दी गई थी।
पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में यह साफ है कि वीडियो यूजीसी के दौरान हुए प्रदर्शन के दौरान का नहीं है।
