Fact Check: गृह मंत्री अमित शाह के वक्फ बिल पर दिए बयान को यूजीसी से जोड़कर किया जा रहा शेयर
Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि गृह मंत्री अमित शाह ने यूजीसी बिल को सबको स्वीकार करने की बात कही है। हमने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है।
विस्तार
सोशल मीडिया पर इन दिनों यूजीसी से संबंधित कई वीडियो वायरल हो रहे हैं। इसी बीच गृह मंत्री अमित शाह का एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में गृह मंत्री संसद में बोलते नजर आ रहे हैं। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि अमित शाह ने संसद में कहा है कि यूजीसी बिल सबको स्वीकार करना पड़ेगा।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। हमने पाया कि वायरल वीडियो दस महीने पुराना है। अमित शाह का वायरल बयान वक्फ कानून के संदर्भ में दिया था।
क्या है दावा
सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि गृह मंत्री अमित शाह ने संसद में कहा है कि यूजीसी बिल सबको स्वीकार करना पड़ेगा।
तेजपाल सिंह पटेल नाम के फेसबुक यूजर ने लिखा, ”यूजीसी एक्ट सबको स्वीकार करना पड़ेगा।“ पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।
इसके साथ ही वीडियो में लिखा है कि गृह मंंत्री अमित शाह जी ने कहा यूजीसी कानून सबको स्वीकार करना पड़ेगा।

इसी तरह के अन्य दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान हमें मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की फेसबुक पोस्ट मिली। यह पोस्ट 2 अप्रैल 2025 को साझा किया गया है। यहां हमें वायरल वीडियो की क्लिप 10 सकेंड पर देखने को मिली। यहां गृह मंत्री अमित शाह वक्फ बिल के बारे में बोलते हैं कि संसद का कानून सबको स्वीकार करना पड़ेगा। यह कानून भारत सरकार का है। हर किसी पर लागू होगा और हर किसी को स्वीकार करना पड़ेगा।
इसके बाद हमें गृह मंत्री अमित शाह के फेसबुक पोस्ट मिली। यह पोस्ट 2 अप्रैल 2025 को साझा किया गया है। यहां भी हमें वायरल वीडियो के क्लिप देखने को मिली। इसके साथ ही लिखा है कि वक्फ पर संसद में जो कानून बन रहा है। वह भारत सरकार का कानून है। इसे सभी को स्वीकार करना ही पड़ेगा।
आगे की पड़ताल में हमने अमर उजाला के न्यूज डेस्क से संपर्क किया। इस दौरान हमें एक रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 2 अप्रैल 2025 को प्रकाशित की गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि अमित शाह ने कहा कि यहां एक सदस्य ने तो कह दिया कि अल्पसंख्यक इस कानून को स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि संसद का कानून है, सबको स्वीकार करना पड़ेगा। 'स्वीकार नहीं करेंगे' इसका मतलब क्या है? कैसे बोल सकते हैं आप? आप कानून को स्वीकार नहीं करेंगे? यह कानून भारत सरकार का है, हर एक इससे बंधा होगा और इसे स्वीकार करना पड़ेगा।
पड़ताल का नतीजा
हमने अपनी पड़ताल में वायरल वीडियो को दस महीना पुराना पाया है। इस बयान का यूजीसी नियम से जुड़े विवाद से कोई संबंध नहीं है।
