सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Gen-Z ›   Seen Reply and Ghost More DMs than hearts Understand the new code of Gen-Z love life.

सीन, रिप्लाई और घोस्ट: दिल से ज्यादा डीएम, कमिटमेंट से अधिक कन्फ्यूजन! समझें जेन-जी की लव लाइफ का नया कोड

न्यूज डेस्क, अमर उजाला नई दिल्ली। Published by: Asmita Tripathi Updated Mon, 11 May 2026 06:17 PM IST
विज्ञापन
सार

आज की जेन-जी के लव लाइफ में रिश्ते सिर्फ प्यार या ब्रेकअप तक सीमित नहीं रहे। इनके रिश्तों की अपनी नई भाषा है। कोई बिना बताए गायब हो जाता है (Ghosting), कोई उम्मीद जिंदा रखकर कन्फ्यूजन बढ़ाता है। आईए जानते हैं Gen-Z की पूरी डेटिंग डिक्शनरी है।

Seen Reply and Ghost More DMs than hearts Understand the new code of Gen-Z love life.
जेन-जी डेटिंग डिक्शनरी - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विज्ञापन

विस्तार

क्या तुम रिलेशनशिप में हो?...आज के यूथ से यह सवाल पूछना उतना सिंपल नहीं रहा, जितना पहले हुआ करता था। पहले जवाब सीधा होता था- हां या नहीं। लेकिन जेन-जी की डेटिंग लाइफ में मामला इतना ब्लैक एंड व्हाइट नहीं है। यहां कोई सिचुएशनशिप में फंसा है, कोई घोस्ट हो चुका है, कोई ब्रेडक्रंबिंग झेल रहा है, तो कोई मिक्स्ड सिग्नल्स को ही प्यार का ग्रीन सिग्नल समझ बैठा है।

Trending Videos

आज के दौर में प्यार की शुरुआत 'आई लव यू' से कम और 'वाइब मैच' से ज्यादा होती है। कमिटमेंट से पहले कनेक्शन चेक होता है, चैटिंग से पहले इंस्टा प्रोफाइल स्कैन होती है और ब्रेकअप के बाद लंबी बातचीत की जगह सीधा अनफॉलो, म्यूट या ब्लॉक का सिंपल रास्ता चुना जाता है। यानी रिश्ते अब सिर्फ दिल से नहीं, डीएम, स्टोरी रिप्लाई और ऑनलाइन प्रेजेंस से भी चलते हैं। जेन-जी की लव स्टोरी में इमोशन्स तो हैं, लेकिन उनका एक्सप्रेशन बिल्कुल नया है। इनके रिश्तों की अपनी भाषा है, अपना एटिट्यूड है और अपनी पूरी डेटिंग डिक्शनरी है।
तो चलिए समझते हैं जेन-जी की डेटिंग दुनिया के वे ट्रेंडी शब्द, जो आज के रिश्तों की नई स्टोरी लिखते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

फ्रेंडजोन (Friendzone)-  यह एक ऐसी स्थिति होती है, जहां एक इंसान रोमांटिक संबंध चाहता है, लेकिन दूसरा सिर्फ दोस्त बने रहना चाहता है। यानी एक तरफ प्यार होता है और दूसरी तरफ सिर्फ दोस्ती।
उदाहरण - राहुल को अपनी बेस्ट फ्रेंड सिया पसंद थी लेकिन सिया हमेशा उसे तू मेरा सबसे अच्छा दोस्त है कहती थी। यहां पर राहुल फ्रेंडजोन में था।

विज्ञापन

फ्रेंड्स विद बेनिफिट्स (Friends With Benefits)- जब दो दोस्त बिना किसी गंभीर प्रेम संबंध या कमिटमेंट के सिर्फ शारीरिक संबंध के लिए रिश्ते में रहते हैं। इसमें दोस्ती बनी रहती है, लेकिन रिश्ता Boyfriend-Girlfriend जैसा नहीं माना हो।
उदाहरण- वे दोनों साथ समय बिताते थे और एक-दूसरे के करीब भी थे, लेकिन उन्होंने अपने रिश्ते को कभी कमिटमेंट रिलेशनशिप का नाम नहीं दिया। ऐसे स्थिती को फ्रेंड्स विद बेनिफिट्स कहते हैं।

सिचुएशनशिप (Situationship)- ऐसा रिश्ता जो दोस्ती से ज्यादा होता है, लेकिन उसमें कोई कमिटमेंट या रिलेशनशिप का नाम नहीं होता है। यानी दोनों के बीच जुड़ाव तो होता है, लेकिन रिश्ता पूरी तरह तय नहीं होता।
उदाहरण- दो लोग हर दिन बात करते थे, साथ घूमते थे और कपल की तरह रहते  हैं। लेकिन कभी भी अपने रिश्ते को कोई नाम नहीं दिया। ऐसे रिश्ते को जेन-जी की भाषा में सिचुएशनशिप कहते हैं।
 

घोस्टिंग (Ghosting)- जब कोई शख्स अचानक बिना वजह बताए रिश्ता, बातचीत या संपर्क खत्म कर देता है। वह न कॉल करता है, न मैसेज का जवाब देता है और पूरी तरह गायब हो जाता है। यह शब्द खासतौर पर ऑनलाइन डेटिंग, चैटिंग और सोशल मीडिया रिलेशनशिप्स में इस्तेमाल होता है।
उदाहरण- सब कुछ अच्छा चल रहा था, लेकिन डेट के बाद उसने अचानक सोशल मीडिया से लेकर चैट तक हर जगह जवाब देना बंद कर दिया, यानी उसने घोस्ट कर दिया।

ब्रेडक्रंबिंग (Breadcrumbing)- जब कोई इंसान सामने वाले को छोटे-छोटे इशारे, फ्लर्ट वाले मैसेज या थोड़ी-थोड़ी अटेंशन  देकर रिश्ते की उम्मीद बनाए रखता है, लेकिन कभी भी गंभीर रिश्ते या कमिटमेंट की तरफ कदम नहीं बढ़ाता। यानी वह सामने वाले से इमोशनल अटैचमैंट रखता है पर खुद के रिलेशनशिप्स को लेकर साफ नहीं होता।
उदाहरण-वह कभी-कभी miss you वाले मैसेज भेजता था, लेकिन जब भी रिश्ते की बात होती तो वह बात बदल देता था। यानी वह ब्रेडक्रंबिंग  कर रहा था।

बेंचिंग (Benching)- जब कोई इंसान किसी को पूरी तरह रिलेशनशिप्स में शामिल नहीं करता है। उसे सिर्फ एक विकल्प की तरह अपने पास बनाए रखता है। वह कभी-कभी अटेंशन या मैसेज देकर उम्मीद जिंदा रखता है, ताकि जरूरत पड़ने पर उस रिश्ते को आगे बढ़ाया जा सके।
उदाहरण- वह हमेशा कहता था अभी टाइम सही नहीं है, लेकिन फिर भी बीच-बीच में बात करके सामने वाले को अपने पास बनाए रखता था।  यह Benching कहलाता है।

कफिंग (Cuffing )- यह साल का वह समय होता है, जब लोग अकेल रहले के बजाय किसी रिलेशनसिप में आना पंसद करते हैं।  खासकर सर्दियों के महीनों में। ठंड बढ़ते ही लोग Emotional Support, Companionship के साथ  पार्टनर की तलाश में करते हैं। ताकि वह मौसम और अकेलेपन से साथ मिलकर सर्वाइव कर सके।
उदाहरण- जैसे ही ठंड शुरू हुई, उसने अचानक अपने पुराने क्रश को फिर से मैसेज करना शुरू कर दिया।  इसे कफिंग सीजन कहते हैं।

लव बॉम्बिंग (Love Bombing)- जब कोई शख्स रिश्ते की शुरुआत में जरूरत से ज्यादा प्यार, तारीफ, अटेंशन, गिफ्ट और Emotional बातें दिखाकर सामने वाले को जल्दी Emotionally Attached करने की कोशिश करता है। इसका मकसद अक्सर सामने वाले पर Influence या Control बनाना होता है।
उदाहरण- सिर्फ एक हफ्ते की बातचीत में उसने रोज फूल भेजने शुरू कर दिए और बार-बार ‘मैं तुम्हारे बिना नहीं रह सकता’ कहने लगा। ऐसी स्थिती जेन-जी की भाषा में  लव बॉम्बिंग की संकेत हो होती है।

ऑर्बिटिंग (Orbiting)-  जब कोई एक्स या पुराना पार्टनर्स आपकी जिंदगी से जा चुका होता है। दोनों के बीच बातचीत बंद हो चुकी हो, लेकिन सोशल मीडिया पर लगातार मौजूद रहता है।  जैसे आपकी Stories देखना, Posts Like करना या कभी-कभी React करना। यानी वह पूरी तरह दूर भी नहीं जाता और सीधे रिश्ते में भी नहीं रहता।
उदाहरण- ब्रेकअप के बाद उसने बात करना बंद कर दिया, लेकिन हर Instagram Story सबसे पहले वही देखता था। यानी वह Orbiting कर रहा था।

वोकफिशिंग (WokeFishing)-  जब कोई इंसान सोशल मीडिया या रिश्तों में खुद को जरूरत से ज़्यादा Socially Aware, Progressive या Woke दिखाने की कोशिश करता है, ताकि लोग उससे प्रभावित हों। लेकिन असल जिंदगी में उसके विचार या व्यवहार उतने Genuine नहीं होते। यानी वह यह सब सिर्फ Attention या Impress करने के लिए करता है।
उदाहरण- वह सिर्फ लोगों को Impress करने के लिए Social Issues पर बड़ी-बड़ी बातें करता था, लेकिन असल में उसकी सोच वैसी नहीं थी यानी वह Wokefishing कर रहा था।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed