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Ambala News: टीबी के 1600 मरीज आए सामने, अब डोर टू डोर चलेगा अभियान
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अंबाला सिटी। जिले में टीबी के 1600 नए मरीज सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग पूरा ध्यान शहरी क्षेत्रों में टीबी के बढ़ते प्रसार को रोकने पर केंद्रित हो गया है। स्वास्थ्य विभाग अभी तक जिले की 191 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित कर चुका है। इसकी तर्ज पर अब शहरी इलाकों को भी पूरी तरह टीबी मुक्त करने के लिए बड़े पैमाने पर रणनीति तैयार की गई है। कैंट के नगर परिषद व अंबाला सिटी नगर निगम के वार्डों सहित बराड़ा व नारायणगढ़ में भी जागरूक अभियान चलाया जाएगा। हालांकि जिले में स्क्रीनिंग का आंकड़ा 100 प्रतिशत पूरा हो चुका है।
जिलाभर में 18 अगस्त से एक विशेष डोर टू डोर जांच अभियान की शुरुआत की जा रही है। इस अभियान के तहत स्वास्थ्य कर्मियों की टीम घर-घर जाकर सर्वे करेगी। अभियान के दौरान हर एक टीबी मरीज और संदिग्ध व्यक्ति की पूरी मेडिकल हिस्ट्री तैयार की जाएगी। साथ ही, चिन्हित मरीजों का रोजाना स्वास्थ्य फॉलोअप भी लिया जाएगा ताकि कोई भी मरीज इलाज के बीच में दवाई न छोड़े। टीबी के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग के आलाधिकारियों ने मुख्यालय से नई गाइडलाइन जारी की हैं। इसके तहत सभी स्वास्थ्य केंद्रों और आशा कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए गए हैं कि वह अपने-अपने इलाकों में टीबी के संभावित लक्षणों जैसे 2 हफ्ते से ज्यादा खांसी, बुखार, वजन घटना और रात में पसीना आना वाले लोगों की तुरंत पहचान कर उनकी बलगम जांच कराएं।
अब शहरी घनी आबादी पर विशेष फोकस
स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार ग्रामीण इलाकों में बेहतर मॉनिटरिंग के चलते 191 पंचायतों को टीबी मुक्त किया जा चुका है, लेकिन घनी आबादी वाले शहरी इलाकों और स्लम्स में संक्रमण फैलने का खतरा अधिक रहता है। 18 अगस्त से शुरू हो रहे अभियान में ऐसी ही संवेदनशील कॉलोनियों और शहरी बस्तियों पर मुख्य रूप से ध्यान केंद्रित किया जाएगा ताकि हर मरीज तक समय पर सही इलाज पहुंच सके।
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जिलाभर में 18 अगस्त से एक विशेष डोर टू डोर जांच अभियान की शुरुआत की जा रही है। इस अभियान के तहत स्वास्थ्य कर्मियों की टीम घर-घर जाकर सर्वे करेगी। अभियान के दौरान हर एक टीबी मरीज और संदिग्ध व्यक्ति की पूरी मेडिकल हिस्ट्री तैयार की जाएगी। साथ ही, चिन्हित मरीजों का रोजाना स्वास्थ्य फॉलोअप भी लिया जाएगा ताकि कोई भी मरीज इलाज के बीच में दवाई न छोड़े। टीबी के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग के आलाधिकारियों ने मुख्यालय से नई गाइडलाइन जारी की हैं। इसके तहत सभी स्वास्थ्य केंद्रों और आशा कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए गए हैं कि वह अपने-अपने इलाकों में टीबी के संभावित लक्षणों जैसे 2 हफ्ते से ज्यादा खांसी, बुखार, वजन घटना और रात में पसीना आना वाले लोगों की तुरंत पहचान कर उनकी बलगम जांच कराएं।
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अब शहरी घनी आबादी पर विशेष फोकस
स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार ग्रामीण इलाकों में बेहतर मॉनिटरिंग के चलते 191 पंचायतों को टीबी मुक्त किया जा चुका है, लेकिन घनी आबादी वाले शहरी इलाकों और स्लम्स में संक्रमण फैलने का खतरा अधिक रहता है। 18 अगस्त से शुरू हो रहे अभियान में ऐसी ही संवेदनशील कॉलोनियों और शहरी बस्तियों पर मुख्य रूप से ध्यान केंद्रित किया जाएगा ताकि हर मरीज तक समय पर सही इलाज पहुंच सके।
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