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Ambala News: सात साल बाद 17 को ऐलिवेटेड रेलवे ट्रैक की मिलेगी सौगात
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कुरुक्षेत्र। तैयार किया गया एलिवेटेड ट्रैक पर प्लेटफार्म । संवाद
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कुरुक्षेत्र। धर्मनगरी का एलिवेटेड रेलवे ट्रैक ड्रीम प्रोजेक्ट सात साल बाद पूरा हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल का यह ड्रीम प्रोजेक्ट था। 17 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जींद से ऑनलाइन माध्यम से इसकी सौगात देंगे। इससे रेलवे लाइन के कारण दो हिस्सों में बंटा शहर एक हो जाएगा साथ ही पांच फाटकों से भी निजात मिलेगी।
यह ट्रैक 213 पिलर पर खड़ा किया गया है। लोगों को इस ट्रैक के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। इसका बजट करीब 225 करोड़ रुपये से बढ़कर 447 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। यह ट्रैक 5.9 किलोमीटर लंबा है। पुराने थानेसर रेलवे स्टेशन की जगह मेट्रो की तर्ज पर नया रेलवे स्टेशन बनाया गया है। इस पर प्लेटफॉर्म की लंबाई 15.8 मीटर है। इस प्रोजेक्ट के लिए प्रदेश सरकार ने 206 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। मिनिस्ट्री ऑफ रेलवे ने अन्य निर्माण कार्यों सहित 446.84 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। प्रधानमंत्री के उद्घाटन से पहले 9 जुलाई को ट्रैक पर ट्रायल किया जाएगा। रेलवे के मुख्य सचिव भी ट्रैक का निरीक्षण करेंगे।
पहले ट्रैक पर 10 की रात से ही थम सकते हैं ट्रेनों के पहिये
प्रधानमंत्री द्वारा एलिवेटेड ट्रैक का उद्घाटन 17 जुलाई को किया जाएगा। इंजीनियरों के अनुसार, 10 जुलाई की रात को पहले ट्रैक पर ट्रेनों का आवागमन रुक सकता है। इसी रात पुराने ट्रैक को नए एलिवेटेड ट्रैक से जोड़ा जाएगा। इसके चलते अगले पूरे दिन ट्रैक पर रेलों का आवागमन ठप रहेगा। ट्रैक जुड़ने के बाद ट्रेनें एलिवेटेड ट्रैक पर चलना शुरू हो जाएंगी।
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मनोहर लाल ने 2019 में किया था शिलान्यास, जून 2023 में होना था पूरा
हरियाणा रेल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कार्पोरेशन की ओर से प्रदेश और केंद्र सरकार की इस संयुक्त परियोजना का शिलान्यास तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 22 अगस्त 2019 को किया था। पहले 225 करोड़ तो बाद में अनुमानित लागत 245.99 करोड़ रुपये मानी गई, जिसमें प्रदेश सरकार से 136.45 करोड़ और केंद्रीय रेलवे विभाग की ओर से 109.54 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया था। इसके बाद 372 करोड़ अनुमानित लागत मानी गई तो बाद में पुराने रेलवे स्टेशन की जगह स्टेशन बनाए जाने के प्रोजेक्ट के साथ 446.84 करोड़ रुपए की लागत मानी गई। जींद रेल मार्ग पर यह ड्रीम प्रोजेक्ट वर्ष 2023 के जून माह में पूरा होने की संभावना थी लेकिन आगे काम चलता रहा। ट्रैक के अंडरग्राउंड फांडेशन में 1296 पिलर व 450 बीम भी बनाए गए हैं।
2016 में ओवरब्रिज बनाने का तैयार हुआ था प्रस्ताव
वर्ष 2016 में लोक निर्माण विभाग की तरफ से झांसा रोड रेलवे फाटक और पिहोवा रोड थर्ड गेट पर रेलवे ओवरब्रिज बनाने का प्रस्ताव तैयार हुआ था। इन दोनों आरओबी बनने के बाद भी तीन रेलवे फाटक पर फिर से जाम की स्थिति रहती और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता। झांसा रोड पर और थर्ड गेट पर आरओबी बनने से शहर के दुकानदारों और व्यापारियों को सबसे ज्यादा नुकसान होता। इस विषय को जहन में रखते हुए ही विभाग ने एलिवेटेड रेल ट्रैक बनाने की योजना पर काम किया।
शहरवासियों के साथ थानेसर रेलवे स्टेशन पर मनाया जाएगा जश्न : सुधा
पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा ड्रीम प्रोजेक्ट एलिवेटिड ट्रैक व स्टेशन के उद्घाटन के बाद शहरवासियों के साथ जश्न मनाया जाएगा। आतिशबाजी भी की जाएगी। इस कार्यक्रम में सभी नगर पार्षद और गणमान्य लोग मौजूद रहेंगे। इस दिन कार्यक्रम केयू के ऑडिटोरियम में होगा, जिसमें कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा मुख्य तौर पर मौजूद रहेंगे। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कार्यक्रम भी दिखाया जाएगा। सुधा ने बताया कि थानेसर रेलवे स्टेशन को भव्य तरीके से तैयार किया है। यात्रियों की सभी सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए एलिवेटिड रेलवे स्टेशन तैयार किया गया है। परिसर की एंट्री में टिकट घर, बैठने की कुर्सियों की व्यवस्था की गई है इसके अलावा स्टेशन पर जाने के लिए सीढि़यां व रैंप तैयार किया गया है।
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यह ट्रैक 213 पिलर पर खड़ा किया गया है। लोगों को इस ट्रैक के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। इसका बजट करीब 225 करोड़ रुपये से बढ़कर 447 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। यह ट्रैक 5.9 किलोमीटर लंबा है। पुराने थानेसर रेलवे स्टेशन की जगह मेट्रो की तर्ज पर नया रेलवे स्टेशन बनाया गया है। इस पर प्लेटफॉर्म की लंबाई 15.8 मीटर है। इस प्रोजेक्ट के लिए प्रदेश सरकार ने 206 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। मिनिस्ट्री ऑफ रेलवे ने अन्य निर्माण कार्यों सहित 446.84 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। प्रधानमंत्री के उद्घाटन से पहले 9 जुलाई को ट्रैक पर ट्रायल किया जाएगा। रेलवे के मुख्य सचिव भी ट्रैक का निरीक्षण करेंगे।
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पहले ट्रैक पर 10 की रात से ही थम सकते हैं ट्रेनों के पहिये
प्रधानमंत्री द्वारा एलिवेटेड ट्रैक का उद्घाटन 17 जुलाई को किया जाएगा। इंजीनियरों के अनुसार, 10 जुलाई की रात को पहले ट्रैक पर ट्रेनों का आवागमन रुक सकता है। इसी रात पुराने ट्रैक को नए एलिवेटेड ट्रैक से जोड़ा जाएगा। इसके चलते अगले पूरे दिन ट्रैक पर रेलों का आवागमन ठप रहेगा। ट्रैक जुड़ने के बाद ट्रेनें एलिवेटेड ट्रैक पर चलना शुरू हो जाएंगी।
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मनोहर लाल ने 2019 में किया था शिलान्यास, जून 2023 में होना था पूरा
हरियाणा रेल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कार्पोरेशन की ओर से प्रदेश और केंद्र सरकार की इस संयुक्त परियोजना का शिलान्यास तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 22 अगस्त 2019 को किया था। पहले 225 करोड़ तो बाद में अनुमानित लागत 245.99 करोड़ रुपये मानी गई, जिसमें प्रदेश सरकार से 136.45 करोड़ और केंद्रीय रेलवे विभाग की ओर से 109.54 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया था। इसके बाद 372 करोड़ अनुमानित लागत मानी गई तो बाद में पुराने रेलवे स्टेशन की जगह स्टेशन बनाए जाने के प्रोजेक्ट के साथ 446.84 करोड़ रुपए की लागत मानी गई। जींद रेल मार्ग पर यह ड्रीम प्रोजेक्ट वर्ष 2023 के जून माह में पूरा होने की संभावना थी लेकिन आगे काम चलता रहा। ट्रैक के अंडरग्राउंड फांडेशन में 1296 पिलर व 450 बीम भी बनाए गए हैं।
2016 में ओवरब्रिज बनाने का तैयार हुआ था प्रस्ताव
वर्ष 2016 में लोक निर्माण विभाग की तरफ से झांसा रोड रेलवे फाटक और पिहोवा रोड थर्ड गेट पर रेलवे ओवरब्रिज बनाने का प्रस्ताव तैयार हुआ था। इन दोनों आरओबी बनने के बाद भी तीन रेलवे फाटक पर फिर से जाम की स्थिति रहती और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता। झांसा रोड पर और थर्ड गेट पर आरओबी बनने से शहर के दुकानदारों और व्यापारियों को सबसे ज्यादा नुकसान होता। इस विषय को जहन में रखते हुए ही विभाग ने एलिवेटेड रेल ट्रैक बनाने की योजना पर काम किया।
शहरवासियों के साथ थानेसर रेलवे स्टेशन पर मनाया जाएगा जश्न : सुधा
पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा ड्रीम प्रोजेक्ट एलिवेटिड ट्रैक व स्टेशन के उद्घाटन के बाद शहरवासियों के साथ जश्न मनाया जाएगा। आतिशबाजी भी की जाएगी। इस कार्यक्रम में सभी नगर पार्षद और गणमान्य लोग मौजूद रहेंगे। इस दिन कार्यक्रम केयू के ऑडिटोरियम में होगा, जिसमें कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा मुख्य तौर पर मौजूद रहेंगे। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कार्यक्रम भी दिखाया जाएगा। सुधा ने बताया कि थानेसर रेलवे स्टेशन को भव्य तरीके से तैयार किया है। यात्रियों की सभी सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए एलिवेटिड रेलवे स्टेशन तैयार किया गया है। परिसर की एंट्री में टिकट घर, बैठने की कुर्सियों की व्यवस्था की गई है इसके अलावा स्टेशन पर जाने के लिए सीढि़यां व रैंप तैयार किया गया है।