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Punjab: शंभू में रेल ट्रैक पर धमाका, विस्फोटक लगाने वाले के चिथड़े उड़े; 100 मीटर तक फैले टुकड़े
Tue, 28 Apr 2026 02:46 PM IST
Sharukh Khan
संवाद न्यूज एजेंसी, राजपुरा/अंबाला
संवाद न्यूज एजेंसी, राजपुरा/अंबाला
Published by: Sharukh Khan
Updated Tue, 28 Apr 2026 02:46 PM IST
सार
पंजाब में एक बार फिर ब्लास्ट हुआ है। राजपुरा-शंभू के बीच डीएफसीसीआईएल कॉरिडोर पर धमाका होने से ट्रैक क्षतिग्रस्त हो गया है। एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। 24 जनवरी की रात में न्यू मंडी गोबिंदगढ़ और न्यू सरहिंद स्टेशन के बीच डीएफसीसीआईए कॉरिडोर पर इसी तरह का ब्लास्ट हुआ था।
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माैके पर पहुंचे पुलिसकर्मी
- फोटो : संवाद
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विस्तार
पंजाब में एक बार फिर रेलवे ट्रैक को निशाना बनाकर बड़ी साजिश रचने की कोशिश की गई है। राजपुरा और शंभू रेलवे स्टेशनों के बीच डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डीएफसीसीआईएल) पर सोमवार देर रात ब्लास्ट हुआ। इसे आईडी ब्लास्ट माना जा रहा है।
वहीं धमाके में रेलवे ट्रैक पर विस्फोटक लगाने वाला मारा गया। आरोपी ने यह धमाका सोमवार रात राजपुरा और शंभू रेलवे स्टेशन के बीच गांव बठोनिया के नजदीक डेडिकेटेड फ्रेट कारिडोर के रेलवे ट्रैक पर किया था।
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मृतक की पहचान के बाद खुफिया एजेंसियों के अधिकारियों ने गांव पंजवड़ में डेरा डाल लिया है। खालिस्तान कमांडो फोर्स का मुखिया परमजीत सिंह पंजवड़ इसी गांव का था। इस मामले में पांच संदिग्ध लोगों को राउंडअप करने की सूचना है, लेकिन पुलिस ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है।
धमाके के कारण रेलवे ट्रैक का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया और मालगाड़ियों का आवागमन पूरी तरह से रोक दिया गया है। अभी तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन सुरक्षा के मद्देनजर पूरे रूट पर गहन सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
सुरक्षा एजेंसियां इसे आतंकी साजिश के एंगल से देख रही हैं। स्थानीय पुलिस के साथ-साथ रेलवे की क्राइम ब्रांच और खुफिया एजेंसियां जांच में जुट गई हैं। सूत्रों के मुताबिक, जल्द ही एनआईए की टीम भी घटनास्थल का दौरा कर सकती है।
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वहीं धमाके में रेलवे ट्रैक पर विस्फोटक लगाने वाला मारा गया। आरोपी ने यह धमाका सोमवार रात राजपुरा और शंभू रेलवे स्टेशन के बीच गांव बठोनिया के नजदीक डेडिकेटेड फ्रेट कारिडोर के रेलवे ट्रैक पर किया था।
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सिम से खुलेंगे राज
एसएसपी पटियाला वरुण शर्मा ने बताया कि धमाके में मरने वाला जगरूप सिंह तरनतारन के गांव पंजवड़ का रहने वाला था। उसके शव के टुकड़े करीब 100 मीटर के दायरे में बिखरे मिले थे। मौके से एक सिम मिला है, जिसकी जांच में धमाके के राज खुल सकते हैं।मृतक की पहचान के बाद खुफिया एजेंसियों के अधिकारियों ने गांव पंजवड़ में डेरा डाल लिया है। खालिस्तान कमांडो फोर्स का मुखिया परमजीत सिंह पंजवड़ इसी गांव का था। इस मामले में पांच संदिग्ध लोगों को राउंडअप करने की सूचना है, लेकिन पुलिस ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है।
धमाके के कारण रेलवे ट्रैक का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया और मालगाड़ियों का आवागमन पूरी तरह से रोक दिया गया है। अभी तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन सुरक्षा के मद्देनजर पूरे रूट पर गहन सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
सुरक्षा एजेंसियां इसे आतंकी साजिश के एंगल से देख रही हैं। स्थानीय पुलिस के साथ-साथ रेलवे की क्राइम ब्रांच और खुफिया एजेंसियां जांच में जुट गई हैं। सूत्रों के मुताबिक, जल्द ही एनआईए की टीम भी घटनास्थल का दौरा कर सकती है।
अंबाला मंडल के डीआरएम विनोद कुमार भाटिया ने बताया कि घटना की जानकारी मिली है। रेलवे डीएफसीआईएल के प्रबंधन के संपर्क में है। मंगलवार को घटना के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी।
फिर निशाना बना कॉरिडोर
24 जनवरी की रात में न्यू मंडी गोबिंदगढ़ और न्यू सरहिंद स्टेशन के बीच डीएफसीसीआईए कॉरिडोर पर इसी तरह का ब्लास्ट हुआ था। उस समय धमाका इतना घातक था कि मालगाड़ी का इंजन क्षतिग्रस्त हो गया था और लोको पायलट हरेंद्र कुमार घायल हो गए थे। इस हादसे में सह-लोको पायलट बाल-बाल बच गए थे। बार-बार एक ही स्थान के आसपास हो रहे ये धमाके सुरक्षा चक्र में बड़ी सेंध की ओर इशारा कर रहे हैं।
24 जनवरी की रात में न्यू मंडी गोबिंदगढ़ और न्यू सरहिंद स्टेशन के बीच डीएफसीसीआईए कॉरिडोर पर इसी तरह का ब्लास्ट हुआ था। उस समय धमाका इतना घातक था कि मालगाड़ी का इंजन क्षतिग्रस्त हो गया था और लोको पायलट हरेंद्र कुमार घायल हो गए थे। इस हादसे में सह-लोको पायलट बाल-बाल बच गए थे। बार-बार एक ही स्थान के आसपास हो रहे ये धमाके सुरक्षा चक्र में बड़ी सेंध की ओर इशारा कर रहे हैं।
अंबाला मंडल के डीआरएम विनोद कुमार भाटिया ने कहा कि रेलवे डीएफसीसीआईएल प्रबंधन के संपर्क में है और मामले की विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है। सूत्रों के मुताबिक 24 अप्रैल को इस तरह की धमकी मिलने की बात भी सामने आई है हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
उल्लेखनीय है कि 24 जनवरी को न्यू मंडी गोबिंदगढ़ और न्यू सरहिंद के बीच भी इसी तरह का ब्लास्ट हुआ था। बार-बार हो रही ऐसी घटनाएं सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही हैं।
मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है। फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही धमाके के पीछे की असली वजह स्पष्ट हो पाएगी। फिलहाल सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और आसपास के क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है।-वरुण शर्मा, एसएसपी, पटियाला