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Ambala News: दो साल से आग से बचाव के इंतजाम की मांग, अब तक नहीं सुनी
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साहा में सुपरटेक कंपनी के इसी प्लांट में लगी आग के बाद के हालात। संवाद
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- साहा इंडस्ट्रियल एरिया में लगी आग ने खोल दी एचएसआईआईडीसी और प्रशासन की गंभीरता की पाेल
माई सिटी रिपोर्टर
साहा। साहा औद्योगिक क्षेत्र में सुपरटेक कंपनी में शनिवार को लगी आग की घटना ने कारोबारियों को दहशत में डाल दिया है। ऐसा पहली बार नहीं है जब औद्योगिक क्षेत्र में आग लगी हो और नुकसान नहीं हुआ है। इससे पहले भी आग लगने की घटना फैक्टरी में हुई थी तब भी कुछ नुकसान हुआ था। सबसे बड़ी लापरवाही तो यह है कि साहा औद्योगिक क्षेत्र में स्थित कारोबारियों की एसोसिएशन दो साल से यहां अग्निशमन इन्फ्रास्ट्रक्चर बनाने की मांग कर रही है। इसके लिए वह उपायुक्त से लेकर एचएसआईआईडीसी के दफ्तर पर कई आवेदन दे चुके हैं और खुद मिल चुके हैं मगर किसी ने समस्या का समाधान नहीं दिया। प्रशासनिक अनदेखी का फल यह हुआ कि शनिवार को जिले के एक बड़े कारोबारी को अपनी फैक्टरी बचाने के लिए पर्याप्त संसाधन समय से नहीं मिले और करोड़ों का नुकसान उठाना पड़ गया।
कई बार पत्राचार किया नहीं सुनी : एसोसिएशन
साहा इंडस्ट्रियल एरिया एसोसिएशन के सचिव कमल गुप्ता बताते हैं कि साहा में औद्योगिक क्षेत्र बसने के बाद से एचएसआईआईडीसी की जिम्मेदारी थी कि वह अग्निशमन के संबंध में इन्फ्रा तैयार करे। यहां पर दो से ढाई एकड़ जमीन को आग से बचाव के प्रबंधों के लिए चिन्हित किया गया है मगर अब तक इंतजाम नहीं कर सके। पूरे साहा इंडस्ट्रियल एरिया में 300 छोटी-बड़ी कंपनियाें के प्लांट हैं। कुछ फैक्ट्रियों को अग्निशमन उपायों की जरूरत होती है तो कुछ को नहीं। गुप्ता बताते हैं कि फैक्ट्रियों की जरूरत को देखते हुए हमने कई बार पत्राचार किया खुद भी अधिकारियों से मिले मगर किसी ने सकारात्मक कदम नहीं उंठाए। अब इस मामले में कैबिनेट मंत्री अनिल विज के आश्वासन के बाद उम्मीद जगी है।
कैंट के औद्योगिक क्षेत्र में भी नहीं इंतजाम
साहा औद्योगिक क्षेत्र की फैक्टरी में आग लगने के बाद अब यह तथ्य भी सामने आए हैं कि कैंट के औद्योगिक क्षेत्र में भी आग से बचाव के एचएसआईआईडीसी ने पर्याप्त इंतजाम नहीं कर रखे हैं। यहां पर कारोबारियों को भी चिंता सता रही है। हरियाणा चेंबर ऑफ कॉमर्स अंबाला चैप्टर के प्रधान डॉ आशावंत बताते हैं कि अभी छोटी फैक्ट्रियों ने अपने यहां पानी के टैंक तो बड़ी फैक्ट्रियों ने बारिंग कराई हुई है। मगर बड़े स्तर पर आग लगे तो तत्काल कोई राहत नहीं मिलेगी। कैंट के फायर स्टेशन से गाड़ी बुलाने में कम से कम 20 मिनट का समय तो लग ही जाएगा। साहा इंडस्ट्रियल एरिया में जिस कंपनी में आग लगी वह भारत ही नहीं बल्कि कई देशों से व्यापार करती है। कंपनी का कार्यालय कैंट के इंडस्ट्रियल एरिया में है तो निर्माण प्लांट साहा में था। फैक्ट्री में आग लगने के बाद पूरा सामान तो जलकर खाक हो चुका है, साथ ही मशीनों का भी नुकसान हुआ है। ऐसे में फैक्ट्री को दोबारा खड़ा करने में एक से दो महीने का कारोबारी को समय लग सकता है।
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पांच घंटे धूं-धूं कर जली फैक्टरी
शनिवार को करीब सवा चार बजे साहा में सुपरटेक कंपनी में आग लगने की घटना हुई। समय पर सूचना के बावजूद कैंट से अग्निशमन विभाग की गाड़ी को आने में 40 से 45 मिनट का समय लग गया। तब तक आग धधक गई। फैक्टरी में कांच का सामान और मेडिकल उपकरण बनते थे। सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि एक बार गाड़ी के खाली होने के बाद दोबारा पानी भरने का स्थानीय स्तर पर कोई प्रबंध ही नहीं था। ऐसे में स्थानीय कारोबारियों ने कोका कोला कंपनी से अपील की तो उन्होंने अपने प्लांट से अग्निशमन विभाग की गाड़ियों में पानी भरवाया। दमकल कर्मियों के काफी प्रयासों के बाद करीब साढ़े 9 बजे आग पर काफी हद तक काबू पाया जा सका।
माई सिटी रिपोर्टर
साहा। साहा औद्योगिक क्षेत्र में सुपरटेक कंपनी में शनिवार को लगी आग की घटना ने कारोबारियों को दहशत में डाल दिया है। ऐसा पहली बार नहीं है जब औद्योगिक क्षेत्र में आग लगी हो और नुकसान नहीं हुआ है। इससे पहले भी आग लगने की घटना फैक्टरी में हुई थी तब भी कुछ नुकसान हुआ था। सबसे बड़ी लापरवाही तो यह है कि साहा औद्योगिक क्षेत्र में स्थित कारोबारियों की एसोसिएशन दो साल से यहां अग्निशमन इन्फ्रास्ट्रक्चर बनाने की मांग कर रही है। इसके लिए वह उपायुक्त से लेकर एचएसआईआईडीसी के दफ्तर पर कई आवेदन दे चुके हैं और खुद मिल चुके हैं मगर किसी ने समस्या का समाधान नहीं दिया। प्रशासनिक अनदेखी का फल यह हुआ कि शनिवार को जिले के एक बड़े कारोबारी को अपनी फैक्टरी बचाने के लिए पर्याप्त संसाधन समय से नहीं मिले और करोड़ों का नुकसान उठाना पड़ गया।
कई बार पत्राचार किया नहीं सुनी : एसोसिएशन
साहा इंडस्ट्रियल एरिया एसोसिएशन के सचिव कमल गुप्ता बताते हैं कि साहा में औद्योगिक क्षेत्र बसने के बाद से एचएसआईआईडीसी की जिम्मेदारी थी कि वह अग्निशमन के संबंध में इन्फ्रा तैयार करे। यहां पर दो से ढाई एकड़ जमीन को आग से बचाव के प्रबंधों के लिए चिन्हित किया गया है मगर अब तक इंतजाम नहीं कर सके। पूरे साहा इंडस्ट्रियल एरिया में 300 छोटी-बड़ी कंपनियाें के प्लांट हैं। कुछ फैक्ट्रियों को अग्निशमन उपायों की जरूरत होती है तो कुछ को नहीं। गुप्ता बताते हैं कि फैक्ट्रियों की जरूरत को देखते हुए हमने कई बार पत्राचार किया खुद भी अधिकारियों से मिले मगर किसी ने सकारात्मक कदम नहीं उंठाए। अब इस मामले में कैबिनेट मंत्री अनिल विज के आश्वासन के बाद उम्मीद जगी है।
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कैंट के औद्योगिक क्षेत्र में भी नहीं इंतजाम
साहा औद्योगिक क्षेत्र की फैक्टरी में आग लगने के बाद अब यह तथ्य भी सामने आए हैं कि कैंट के औद्योगिक क्षेत्र में भी आग से बचाव के एचएसआईआईडीसी ने पर्याप्त इंतजाम नहीं कर रखे हैं। यहां पर कारोबारियों को भी चिंता सता रही है। हरियाणा चेंबर ऑफ कॉमर्स अंबाला चैप्टर के प्रधान डॉ आशावंत बताते हैं कि अभी छोटी फैक्ट्रियों ने अपने यहां पानी के टैंक तो बड़ी फैक्ट्रियों ने बारिंग कराई हुई है। मगर बड़े स्तर पर आग लगे तो तत्काल कोई राहत नहीं मिलेगी। कैंट के फायर स्टेशन से गाड़ी बुलाने में कम से कम 20 मिनट का समय तो लग ही जाएगा। साहा इंडस्ट्रियल एरिया में जिस कंपनी में आग लगी वह भारत ही नहीं बल्कि कई देशों से व्यापार करती है। कंपनी का कार्यालय कैंट के इंडस्ट्रियल एरिया में है तो निर्माण प्लांट साहा में था। फैक्ट्री में आग लगने के बाद पूरा सामान तो जलकर खाक हो चुका है, साथ ही मशीनों का भी नुकसान हुआ है। ऐसे में फैक्ट्री को दोबारा खड़ा करने में एक से दो महीने का कारोबारी को समय लग सकता है।
पांच घंटे धूं-धूं कर जली फैक्टरी
शनिवार को करीब सवा चार बजे साहा में सुपरटेक कंपनी में आग लगने की घटना हुई। समय पर सूचना के बावजूद कैंट से अग्निशमन विभाग की गाड़ी को आने में 40 से 45 मिनट का समय लग गया। तब तक आग धधक गई। फैक्टरी में कांच का सामान और मेडिकल उपकरण बनते थे। सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि एक बार गाड़ी के खाली होने के बाद दोबारा पानी भरने का स्थानीय स्तर पर कोई प्रबंध ही नहीं था। ऐसे में स्थानीय कारोबारियों ने कोका कोला कंपनी से अपील की तो उन्होंने अपने प्लांट से अग्निशमन विभाग की गाड़ियों में पानी भरवाया। दमकल कर्मियों के काफी प्रयासों के बाद करीब साढ़े 9 बजे आग पर काफी हद तक काबू पाया जा सका।