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Ambala News: सेना में भर्ती के नाम पर 4 युवकों से 16 लाख रुपये ठगे
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- नकली ज्वाइनिंग और कैंटीन कार्ड भी थमाए, खुद को बताता था सेना का अफसर
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला सिटी। भारतीय सेना में नौकरी पाने की चाहत रखने वाले युवाओं को निशाना बनाने वाले एक बड़े ठग गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। खुद को सेना का बड़ा अफसर बताकर धुलकोट गांव के चार युवकों से सेना के एएससी विंग में ड्राइवर और मैसेंजर के पद पर भर्ती कराने के नाम पर 16 लाख की मोटी रकम ऐंठ ली गई। शातिरों ने पीड़ितों को बकायदा डाक के जरिए फर्जी जॉइनिंग लेटर, आर्मी कैंटीन कार्ड, लिकर (शराब) कार्ड और यहां तक कि उनके माता-पिता के लिए डिपेंडेंट कार्ड तक भेज दिए।
राज तब खुला जब पीड़ित युवक जॉइनिंग के लिए चंडीमंदिर कैंट पहुंचे, जहां सेना के हेडक्वार्टर ने इन सभी दस्तावेजों को फर्जी करार दे दिया। थाना बलदेव नगर में आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता के तहत धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज बनाना सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
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2022 से चल रहा था प्लान
पुलिस को दी संयुक्त शिकायत में धुलकोट निवासी इंद्रजीत सिंह, हरविंदर सिंह, राजेश कुमार और राजकुमार ने बताया कि साल 2022 में उन्होंने आर्मी के एएससी फॉर्म भरे थे। यह फॉर्म उन्हें सरकपुर (बराड़ा) निवासी सुरेश कुमार और खुद को सेना का बड़ा अधिकारी बताने वाले मोहड़ा के धनौड़ी निवासी नीटू कश्यप ने भरवाए थे। नीटू कश्यप ने बकायदा अपना फर्जी आर्मी आईडी कार्ड दिखाकर युवाओं को झांसे में लिया। उसने सेटिंग का दावा कर फॉर्म भरवाते ही 13 जुलाई 2022 को 3 लाख नकद और 14 जुलाई को 1 लाख गूगल पे के जरिए एडवांस ले लिए। इसके बाद किस्तों में चारों लड़कों से कुल 16 लाख ठगे गए। पीड़ितों ने बताया कि नीटू कश्यप उन पर अपना प्रभाव जमाने के लिए कभी शिफ्ट कार तो कभी बुलेट मोटरसाइकिल से आर्मी यूनिटों के आसपास मिलने आता था। हाल ही में वह एक नई वरना कार से घूमने लगा था। दिसंबर 2022 में उसने बकायदा एडमिट कार्ड दिलवाया। मई 2023 में बिना मेडिकल टेस्ट कराए ही पीड़ितों की मेल आईडी पर मेडिकल सर्टिफिकेट भेज दिया। जब लड़कों ने पूछा कि बिना टेस्ट मेडिकल कैसे हुआ, तो वह कहता था मेरी अंदर तक पूरी सेटिंग है, तुम बस अंदर मत जाना वरना बात बिगड़ जाएगी।
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नकली कैंटीन और लिकर कार्ड भेजकर जीता भरोसा
जालसाजों का दुस्साहस देखिए कि साल 2024 में उन्होंने लड़कों का फर्जी दस्तावेज वेरिफिकेशन और पुलिस वेरिफिकेशन भी कराया। इसके बाद डाक के जरिए एक जॉइनिंग लेटर भेजा, जिसमें जॉइनिंग की तारीख 23 नवंबर 2025 लिखी थी। जब तय तारीख पर जॉइनिंग नहीं हुई, तो ठग ने बहाना बनाया कि सेना के ऑपरेशन सिंदूर के चलते तारीख आगे बढ़ गई है। विश्वास जीतने के लिए उसने बकायदा पीड़ितों को सेना का कैंटीन कार्ड और शराब का लिकर कार्ड भी डाक से भेज दिया।
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हेडक्वार्टर पहुंचे तो ठगी का चला पता
आखिरकार पीड़ितों के पास एक नई ईमेल आई, जिसमें उन्हें 12 मई 2026 को चंडीमंदिर मिलिट्री स्टेशन (पंचकुला) में रिपोर्ट करने को कहा गया। 11 मई की रात को नीटू ने पीड़ितों को एक ऑडियो रिकॉर्डिंग भेजी कि उसकी ड्यूटी चंडीमंदिर में ही है। लेकिन जब 13 मई को हरविंदर सिंह और अन्य युवक अंबाला कैंट और चंडीमंदिर आर्मी हेडक्वार्टर पहुंचे, तो वहां के अधिकारियों ने साफ कह दिया कि सेना में ऐसी कोई भर्ती नहीं हुई है और उनके पास मौजूद जॉइनिंग लेटर सहित सभी दस्तावेज पूरी तरह से जाली और नकली हैं। जब पीड़ितों ने नीटू को फोन किया, तो उसका मोबाइल स्विच ऑफ आया और वह अपने घर से फरार मिला।
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला सिटी। भारतीय सेना में नौकरी पाने की चाहत रखने वाले युवाओं को निशाना बनाने वाले एक बड़े ठग गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। खुद को सेना का बड़ा अफसर बताकर धुलकोट गांव के चार युवकों से सेना के एएससी विंग में ड्राइवर और मैसेंजर के पद पर भर्ती कराने के नाम पर 16 लाख की मोटी रकम ऐंठ ली गई। शातिरों ने पीड़ितों को बकायदा डाक के जरिए फर्जी जॉइनिंग लेटर, आर्मी कैंटीन कार्ड, लिकर (शराब) कार्ड और यहां तक कि उनके माता-पिता के लिए डिपेंडेंट कार्ड तक भेज दिए।
राज तब खुला जब पीड़ित युवक जॉइनिंग के लिए चंडीमंदिर कैंट पहुंचे, जहां सेना के हेडक्वार्टर ने इन सभी दस्तावेजों को फर्जी करार दे दिया। थाना बलदेव नगर में आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता के तहत धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज बनाना सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
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2022 से चल रहा था प्लान
पुलिस को दी संयुक्त शिकायत में धुलकोट निवासी इंद्रजीत सिंह, हरविंदर सिंह, राजेश कुमार और राजकुमार ने बताया कि साल 2022 में उन्होंने आर्मी के एएससी फॉर्म भरे थे। यह फॉर्म उन्हें सरकपुर (बराड़ा) निवासी सुरेश कुमार और खुद को सेना का बड़ा अधिकारी बताने वाले मोहड़ा के धनौड़ी निवासी नीटू कश्यप ने भरवाए थे। नीटू कश्यप ने बकायदा अपना फर्जी आर्मी आईडी कार्ड दिखाकर युवाओं को झांसे में लिया। उसने सेटिंग का दावा कर फॉर्म भरवाते ही 13 जुलाई 2022 को 3 लाख नकद और 14 जुलाई को 1 लाख गूगल पे के जरिए एडवांस ले लिए। इसके बाद किस्तों में चारों लड़कों से कुल 16 लाख ठगे गए। पीड़ितों ने बताया कि नीटू कश्यप उन पर अपना प्रभाव जमाने के लिए कभी शिफ्ट कार तो कभी बुलेट मोटरसाइकिल से आर्मी यूनिटों के आसपास मिलने आता था। हाल ही में वह एक नई वरना कार से घूमने लगा था। दिसंबर 2022 में उसने बकायदा एडमिट कार्ड दिलवाया। मई 2023 में बिना मेडिकल टेस्ट कराए ही पीड़ितों की मेल आईडी पर मेडिकल सर्टिफिकेट भेज दिया। जब लड़कों ने पूछा कि बिना टेस्ट मेडिकल कैसे हुआ, तो वह कहता था मेरी अंदर तक पूरी सेटिंग है, तुम बस अंदर मत जाना वरना बात बिगड़ जाएगी।
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हेडक्वार्टर पहुंचे तो ठगी का चला पता
आखिरकार पीड़ितों के पास एक नई ईमेल आई, जिसमें उन्हें 12 मई 2026 को चंडीमंदिर मिलिट्री स्टेशन (पंचकुला) में रिपोर्ट करने को कहा गया। 11 मई की रात को नीटू ने पीड़ितों को एक ऑडियो रिकॉर्डिंग भेजी कि उसकी ड्यूटी चंडीमंदिर में ही है। लेकिन जब 13 मई को हरविंदर सिंह और अन्य युवक अंबाला कैंट और चंडीमंदिर आर्मी हेडक्वार्टर पहुंचे, तो वहां के अधिकारियों ने साफ कह दिया कि सेना में ऐसी कोई भर्ती नहीं हुई है और उनके पास मौजूद जॉइनिंग लेटर सहित सभी दस्तावेज पूरी तरह से जाली और नकली हैं। जब पीड़ितों ने नीटू को फोन किया, तो उसका मोबाइल स्विच ऑफ आया और वह अपने घर से फरार मिला।