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Ambala News: हर-हर महादेव... बम भोले के जयकारों संग गुजर रहे कांवड़िए
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हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहे पंजाब मानसा के डाक कावडिए अंबाला जगाधरी राजमार्ग स्थित संत निवा
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- ऋषिकेश और हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहे पंजाब, चंडीगढ़ और हिमाचल
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। ऋषिकेश और हरिद्वार से गंगाजल लेकर पंजाब, चंडीगढ़ और हिमाचल प्रदेश की ओर लौटने वाले कांवड़ियों का अंबाला से गुजरने का सिलसिला तेज हो गया है। हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों और भक्ति संगीत के बीच डाक कांवड़िए तेजी से अपनी मंजिल की ओर बढ़ रहे हैं।
मन्नतें पूरी होने पर श्रद्धालु न केवल लगातार यात्रा कर रहे हैं बल्कि कई तो साल में दो-दो बार यह कठिन कांवड़ यात्रा पूरी करते हैं। कांवड़ियों का कहना है कि भगवान शिव के आशीर्वाद से किसी की शादी हुई, तो किसी के घर संतान की किलकारी गूंजी। कई श्रद्धालुओं का ठप पड़ा कारोबार फिर से चल निकला तो कईयों का अपने मकान का सपना साकार हुआ।
19 साल से ला रहे कावड़
पंजाब के मानसा निवासी शुभम शर्मा ने बताया कि वह पिछले 19 वर्षों से लगातार डाक कांवड़ ला रहे हैं और साल में दो बार यात्रा करते हैं। इस बार उनका यह 38वां चक्कर है। शुभम ने बताया कि 2007 में बचपन के दौरान उनके चाचा नरेंद्र उन्हें पहली बार कांवड़ यात्रा पर ले गए थे। इसके बाद उन्होंने भोले बाबा से जो भी मन्नत मांगी, वह पूरी हुई। बाबा की कृपा से आज वह दो बिजनेस चला रहे हैं, शादी हो चुकी है और घर में बच्चा है।
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23 साल से ला रहे कावड़
पंजाब निवासी रोहित कुमार ने बताया कि वह वर्ष 2003 में पहली बार अपने दोस्तों के साथ डाक कांवड़ लेने गए थे। तब से अब तक 23 साल से वे लगातार यात्रा कर रहे हैं। उन्होंने मकान बनाने की मन्नत मांगी थी, जिसे बाबा ने पूरा कर दिया।
भक्ति में रम गए साहिल
पंजाब निवासी साहिल शर्मा 15 साल से डाक कांवड़ ला रहे हैं। दोस्तों के साथ पहली बार जाने के बाद उन्हें भक्ति की ऐसी लगन लगी कि वे हर साल आने लगे। अपने काम की मन्नत पूरी होने के बाद आज उनका अपना करियाना स्टोर है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। ऋषिकेश और हरिद्वार से गंगाजल लेकर पंजाब, चंडीगढ़ और हिमाचल प्रदेश की ओर लौटने वाले कांवड़ियों का अंबाला से गुजरने का सिलसिला तेज हो गया है। हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों और भक्ति संगीत के बीच डाक कांवड़िए तेजी से अपनी मंजिल की ओर बढ़ रहे हैं।
मन्नतें पूरी होने पर श्रद्धालु न केवल लगातार यात्रा कर रहे हैं बल्कि कई तो साल में दो-दो बार यह कठिन कांवड़ यात्रा पूरी करते हैं। कांवड़ियों का कहना है कि भगवान शिव के आशीर्वाद से किसी की शादी हुई, तो किसी के घर संतान की किलकारी गूंजी। कई श्रद्धालुओं का ठप पड़ा कारोबार फिर से चल निकला तो कईयों का अपने मकान का सपना साकार हुआ।
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19 साल से ला रहे कावड़
पंजाब के मानसा निवासी शुभम शर्मा ने बताया कि वह पिछले 19 वर्षों से लगातार डाक कांवड़ ला रहे हैं और साल में दो बार यात्रा करते हैं। इस बार उनका यह 38वां चक्कर है। शुभम ने बताया कि 2007 में बचपन के दौरान उनके चाचा नरेंद्र उन्हें पहली बार कांवड़ यात्रा पर ले गए थे। इसके बाद उन्होंने भोले बाबा से जो भी मन्नत मांगी, वह पूरी हुई। बाबा की कृपा से आज वह दो बिजनेस चला रहे हैं, शादी हो चुकी है और घर में बच्चा है।
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23 साल से ला रहे कावड़
पंजाब निवासी रोहित कुमार ने बताया कि वह वर्ष 2003 में पहली बार अपने दोस्तों के साथ डाक कांवड़ लेने गए थे। तब से अब तक 23 साल से वे लगातार यात्रा कर रहे हैं। उन्होंने मकान बनाने की मन्नत मांगी थी, जिसे बाबा ने पूरा कर दिया।
भक्ति में रम गए साहिल
पंजाब निवासी साहिल शर्मा 15 साल से डाक कांवड़ ला रहे हैं। दोस्तों के साथ पहली बार जाने के बाद उन्हें भक्ति की ऐसी लगन लगी कि वे हर साल आने लगे। अपने काम की मन्नत पूरी होने के बाद आज उनका अपना करियाना स्टोर है।