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Ambala News: पीपीपी में दिव्यांग की आय 3 लाख, पेंशन रूकी, बीपीएल भी कटा
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
Updated Fri, 30 Jan 2026 02:52 AM IST
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अंबाला सिटी। परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) लोगों के गले की फांस बन रहे हैं। इसमें गलतियों के कारण लोगों को उपायुक्त, अतिरिक्त उपायुक्त, पेंशन कार्यालय, बीडीपीओ कार्यालय में चक्कर काटने पड़े रहे हैं। हैरानी इस बात की है कि लोगों के बार-बार चक्कर काटने के बाद भी गलतियों को सुधारने के लिए कोई कदम नहीं उठाए जा रहे। इस वजह से लोगों के बीपीएल राशन कार्ड और पेंशन भी कट रही है और परिवार पहचान पत्र में बढ़ाई गई आय को भी कम नहीं किया जा रहा। वीरवार को भी समाधान शिविर में ऐसी शिकायत पहुंची। जिस वजह से लोगों की परेशानी लगातार बढ़ रही है।
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दिव्यांग की आय 3 लाख की, पेंशन रूकी, बीपीएल भी कटा
छावनी के गोबिंद विहार के रहने वाले तरलोचन सिंह ने बताया कि वह 70 प्रतिशत दिव्यांग हैं और परिवार में अकेले ही हैं। छह महीने तक वह बीमार होने के कारण डिपो से राशन नहीं ले पाए थे, इस वजह से उनका बीपीएल राशनकार्ड काट दिया गया और दो महीने से उनकी बुढ़ापा पेंशन नहीं आ रही है। उन्होंने रोते हुए कहा कि उनके परिवार पहचान पत्र में वार्षिक आय 3 लाख दर्शाई जा रही है, जबकि पहले 50 से 75 हजार रुपये तक थी। जब वह नगर परिषद, एसडीएम कार्यालय में अपनी आय को ठीक करवाने के लिए जाते हैं तो कोई संतोषजनक जबाव नहीं मिलता। वह चक्कर काटकर थक चुके हैं।
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बिजली मीटर बेटे के नाम चढ़ाया, राशनकार्ड भी कटा
नगर निगम में पहुंचे धूलकोट निवासी रामविलास ने बताया कि वह बुढ़ापा पेंशन लेते हैं, लेकिन परिवार पहचान पत्र में उनकी वार्षिक आय 50 से 75 हजार तक दर्शाई जा रही है। घर का बिजली मीटर उनके नाम है, जबकि कागजों में उनके बेटे के नाम चढ़ा दिया गया है। परिवार पहचान पत्र में कुल वार्षिक आय 3 लाख तक होने से उनका बीपीएल भी कट गया है। वह कई विभाग में जा चुके हैं, लेकिन इस समस्या का समाधान नहीं हुआ। वह नगर निगम के बाद उपायुक्त कार्यालय में अपनी शिकायत लेकर पहुंचे।
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सितंबर महीने से नहीं आई पेंशन, कार्यालयों में भटक रहे
ठरवा गांव के रहने वाले भादू राम ने बताया कि करीब 10-11 वर्ष से उनको बुढ़ापा पेंशन मिल रही थी, मगर बीते सितंबर माह से उनकी बुढ़ापा पेंशन नहीं आई है। इस वजह से उनको आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। वह अपनी दवाई भी नहीं ले पा रहे। उन्होंने बताया कि उनके परिवार पहचान पत्र में भी कोई गलती नहीं है और वह पेंशन के लिए योग्य हैं। इसके बावजूद उनकी पेंशन को रोक दिया गया है। जब भी वह जिला समाज कल्याण विभाग में जाते हैं तो जल्द ही पेंशन आने का आश्वासन दिया जाता है, लेकिन अभी तक पेंशन नहीं आई।
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समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने के निर्देश दिए
नगराधीश अभिषेक गर्ग ने उपायुक्त कार्यालय के सभागार में समाधान शिविर में शिकायत सुनी। उन्होंने लोगों की शिकायतों को संबंधित अधिकारियों को मार्क करते हुए समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने के निर्देश दिए।
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छावनी के गोबिंद विहार के रहने वाले तरलोचन सिंह ने बताया कि वह 70 प्रतिशत दिव्यांग हैं और परिवार में अकेले ही हैं। छह महीने तक वह बीमार होने के कारण डिपो से राशन नहीं ले पाए थे, इस वजह से उनका बीपीएल राशनकार्ड काट दिया गया और दो महीने से उनकी बुढ़ापा पेंशन नहीं आ रही है। उन्होंने रोते हुए कहा कि उनके परिवार पहचान पत्र में वार्षिक आय 3 लाख दर्शाई जा रही है, जबकि पहले 50 से 75 हजार रुपये तक थी। जब वह नगर परिषद, एसडीएम कार्यालय में अपनी आय को ठीक करवाने के लिए जाते हैं तो कोई संतोषजनक जबाव नहीं मिलता। वह चक्कर काटकर थक चुके हैं।
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बिजली मीटर बेटे के नाम चढ़ाया, राशनकार्ड भी कटा
नगर निगम में पहुंचे धूलकोट निवासी रामविलास ने बताया कि वह बुढ़ापा पेंशन लेते हैं, लेकिन परिवार पहचान पत्र में उनकी वार्षिक आय 50 से 75 हजार तक दर्शाई जा रही है। घर का बिजली मीटर उनके नाम है, जबकि कागजों में उनके बेटे के नाम चढ़ा दिया गया है। परिवार पहचान पत्र में कुल वार्षिक आय 3 लाख तक होने से उनका बीपीएल भी कट गया है। वह कई विभाग में जा चुके हैं, लेकिन इस समस्या का समाधान नहीं हुआ। वह नगर निगम के बाद उपायुक्त कार्यालय में अपनी शिकायत लेकर पहुंचे।
सितंबर महीने से नहीं आई पेंशन, कार्यालयों में भटक रहे
ठरवा गांव के रहने वाले भादू राम ने बताया कि करीब 10-11 वर्ष से उनको बुढ़ापा पेंशन मिल रही थी, मगर बीते सितंबर माह से उनकी बुढ़ापा पेंशन नहीं आई है। इस वजह से उनको आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। वह अपनी दवाई भी नहीं ले पा रहे। उन्होंने बताया कि उनके परिवार पहचान पत्र में भी कोई गलती नहीं है और वह पेंशन के लिए योग्य हैं। इसके बावजूद उनकी पेंशन को रोक दिया गया है। जब भी वह जिला समाज कल्याण विभाग में जाते हैं तो जल्द ही पेंशन आने का आश्वासन दिया जाता है, लेकिन अभी तक पेंशन नहीं आई।
समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने के निर्देश दिए
नगराधीश अभिषेक गर्ग ने उपायुक्त कार्यालय के सभागार में समाधान शिविर में शिकायत सुनी। उन्होंने लोगों की शिकायतों को संबंधित अधिकारियों को मार्क करते हुए समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने के निर्देश दिए।